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Charkhi Dadri News: नहरों में 25 दिन चला पानी, 58 जलघरों के टैंक लबालब

Mon, 14 Jul 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 14 Jul 2025 11:34 PM IST
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jalghar full of water
पानी से भरा जलघर का वाटर टैंक। संवाद
फोटो-06 पानी से भरा जलघर का वाटर टैंक। संवाद
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- मानसून सीजन में जिले की मुख्य नहरों के अलावा सभी माइनर व सब-माइनर में पहुंचा पानी, 6 लाख की आबादी को नहीं झेलना पड़ेगा पेयजल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानसून सीजन में जिले की नहरों में 25 दिन से पानी लगातार चलने से 58 जलघर लबालब हो गए हैं। बारिश के बाद पानी की खपत भी 20 प्रतिशत तक कम हो गई है। पानी की अब खेतों की सिंचाई के लिए भी जरूरत नहीं है। वहीं, जलघरों के टैंक लबालब होने से 6 लाख की आबादी को पेयजल संकट नहीं झेलना पड़ेगा।
इस समय जिले की सभी माइनर, सब माइनर व बड़ी नहरों में पानी चल रहा है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद नहरें 24 दिन बंद रहेंगी और 15 दिन पानी चलेगा। मानसून की बारिश होने पर सिंंचाई के लिए पानी की जरूरत खत्म हो गई है। पीछे हेड से भी पानी की मात्रा बढ़ा रखी है।
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जिले की मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्टीब्यूटरी के अलावा माइनर व सब माइनरों में भी पानी चल रहा है। लोहारू कैनाल से करीब 45 गांवों के जलघर व मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से करीब 15 गांव व नगर के रामनगर के जलघर में पानी डाला जा रहा है।
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जून मध्य से नहरों में पानी लगातार चल रहा है। अब तक जिले में 20 डिस्टीब्यूटरी, माइनर व सब माइनरों की टेल फीड हो चुकी हैं। इनके अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों में पानी पहुंच गया है। इन गांवों में बने जलघरों में भी पानी पहुंच रहा है। बधवाना डिस्टीब्यूटरी की टेल बुर्जी नंबर-102500 तक पानी पहुंच गया है। यह बुर्जी गांव बधवाना के समीप पड़ती है। मेन लोहारू कैनाल की टेल भी कुछ दिन में फीड होने वाली है। यह टेल लोहारू के समीप सोहासड़ा के समीप पड़ती है।

- जिले में हैं 74 नहर, माइनर व सब माइनर
इस समय जिले की तकरीबन सभी माइनरों में पानी चल रहा है। जिले में माइनर, सब माइनर व बड़ी नहरों की संख्या 74 है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। जलघरों से प्रतिदिन पानी की आपूर्ति घरों में होती है। ऐसे में जितना पानी घटता है, उतना ही और भर जाता है। ऐसे में पानी का संकट काफी कम हुआ है। मानसून सीजन में दो माह ही लोगों को पेयजल संकट से थोड़ी राहत मिलती है। उसके बाद तो 10 माह तक समस्या बनी रहती है।

- ये जलघर पानी से लबालब
बौंदकलां, सांवड़, मिसरी, रावलधी, दादरी, घसोला, मंदोला, ढाणी फोगाट, इमलोटा, अचीना, सांजरवास, रानीला, पैतावास कलां व चरखी सहित तकरीबन सभी गांवों के जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद नहरों में पानी की बारी का सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा।

वर्सन
सभी जलघर पानी से लबालब हैं। पेयजल का संकट नहीं है। अभी नहरों में पानी और चलेगा। अगर बारिश होती रही तो पहाड़ों से बारिश का पानी नहरों में आता रहेगा।
-सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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