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सिंचाई विभाग ने मनरेगा के तहत नहरों की सफाई करवाई शुरू
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चरखी दादरी।
सिंचाई विभाग ने मनरेगा स्कीम के तहत नहरों की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। इसके तहत मजदूर नहरों में उगी घास व दोनो किनारों पर उगी झाड़ियों व घास को उखाड़ने में जुटे हैं ताकि नहरों में पानी का प्रवाह ठीक प्रकार से हो ओर टेल तक पहुंच सके। विभाग की योजना है कि मानसून सीजन के मद्देनजर जल्द से जल्द इस काम को परवान चढ़ा लिया जाए।
जिला में हर साल करीब चार करोड़ के कार्य मनरेगा के तहत करवाए जाते हैं। वहीं, पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद से गांवों में मनरेगा के काम ठप पड़े हैं। ऐस में इन मजदूरों का काम कम ही मिल पाता है। मनरेगा के तहत मजदूरों को बैंक के जरिये मजदूरी का भुगतान किया जाता है। बैंक में यह मजदूरी की राशि पहुंचने में समय लग जाता है जबकि मजदूरों को चार-पांच दिन के अंतराल में ही पैसे की जरूरत होती है। अधिकारियों का मानना है कि जब तक बैंक से मजूदरों की राशि जारी नहीं होती तब तक सरपंच खर्च आदि के लिए कुछ राशि खुद ही इन मजदूरों को आजीविका के लिए दे देते थे लेकिन अब पंचायतें भंग होने पर मनरेगा के काम ठप हैं।
- जिला में हैं 168 ग्राम पंचायतें
जिला में 168 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में जोहड़ खुदाई, भूमि सुधार,मिट्टी डालना, पौधरोपण, गली निर्माण,नहरों की सफाई आदि के कार्य मनरेगा स्कीम के तहत ही पूरे करवाए जाते रहे हैं। गांवों में मजदूर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। मजदूरों का सरपंचों से भी सीधा जुड़ाव होता है। ऐसे में सरपंच मनरेगा के लिए लेबर समय पर उपलब्ध करवाते रहे हैं।
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- बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी पर चल रहा काम
इस समय सिंचाई विभाग ने मनरेगा के तहत नहरों की सफाई काम शुरू कर रखा है। बधवाना डिस्टीब्यूट्री की सफाई का काम चल रहा है। नहर पर उगी घास आदि की कटाई की जा रही है। कई बार झाड़ियों व छोटे पेड़ आदि की वजह से नहरों में रिसाव होने पर कट हो जाता है जिससे नहर टूट जाती हैं। पेड़ों की जड़ों की वजह से कई बार 50 फीट तक कटाव पड़ जाता है। मनरेगा मजदूर दराती, कस्सी,कुल्हाड़ी आदि से सफाई से काम कर पाते हैं। मशीन आदि से तो काम सफाई का नहीं हो पाता है जबकि मजदूर हाथ सफाई का काम कर देता है।
वर्जन::
- मनरेगा के तहत नहरों की सफाई करवाई जा रही है। इससे मजदूर को काम मिल जाता है। समय- समय पर नहरों की सफाई करवाई जाती है।
ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग
-----
वर्जन::
=विभाग की कोशिश रहती है कि मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिले। इस काम में महिलाएं भी रुचि के साथ के काम करती हैं।
नवीन कुमार, मनरेगा अधिकार
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सिंचाई विभाग ने मनरेगा स्कीम के तहत नहरों की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। इसके तहत मजदूर नहरों में उगी घास व दोनो किनारों पर उगी झाड़ियों व घास को उखाड़ने में जुटे हैं ताकि नहरों में पानी का प्रवाह ठीक प्रकार से हो ओर टेल तक पहुंच सके। विभाग की योजना है कि मानसून सीजन के मद्देनजर जल्द से जल्द इस काम को परवान चढ़ा लिया जाए।
जिला में हर साल करीब चार करोड़ के कार्य मनरेगा के तहत करवाए जाते हैं। वहीं, पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद से गांवों में मनरेगा के काम ठप पड़े हैं। ऐस में इन मजदूरों का काम कम ही मिल पाता है। मनरेगा के तहत मजदूरों को बैंक के जरिये मजदूरी का भुगतान किया जाता है। बैंक में यह मजदूरी की राशि पहुंचने में समय लग जाता है जबकि मजदूरों को चार-पांच दिन के अंतराल में ही पैसे की जरूरत होती है। अधिकारियों का मानना है कि जब तक बैंक से मजूदरों की राशि जारी नहीं होती तब तक सरपंच खर्च आदि के लिए कुछ राशि खुद ही इन मजदूरों को आजीविका के लिए दे देते थे लेकिन अब पंचायतें भंग होने पर मनरेगा के काम ठप हैं।
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- जिला में हैं 168 ग्राम पंचायतें
जिला में 168 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में जोहड़ खुदाई, भूमि सुधार,मिट्टी डालना, पौधरोपण, गली निर्माण,नहरों की सफाई आदि के कार्य मनरेगा स्कीम के तहत ही पूरे करवाए जाते रहे हैं। गांवों में मजदूर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। मजदूरों का सरपंचों से भी सीधा जुड़ाव होता है। ऐसे में सरपंच मनरेगा के लिए लेबर समय पर उपलब्ध करवाते रहे हैं।
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- बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी पर चल रहा काम
इस समय सिंचाई विभाग ने मनरेगा के तहत नहरों की सफाई काम शुरू कर रखा है। बधवाना डिस्टीब्यूट्री की सफाई का काम चल रहा है। नहर पर उगी घास आदि की कटाई की जा रही है। कई बार झाड़ियों व छोटे पेड़ आदि की वजह से नहरों में रिसाव होने पर कट हो जाता है जिससे नहर टूट जाती हैं। पेड़ों की जड़ों की वजह से कई बार 50 फीट तक कटाव पड़ जाता है। मनरेगा मजदूर दराती, कस्सी,कुल्हाड़ी आदि से सफाई से काम कर पाते हैं। मशीन आदि से तो काम सफाई का नहीं हो पाता है जबकि मजदूर हाथ सफाई का काम कर देता है।
वर्जन::
- मनरेगा के तहत नहरों की सफाई करवाई जा रही है। इससे मजदूर को काम मिल जाता है। समय- समय पर नहरों की सफाई करवाई जाती है।
ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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वर्जन::
=विभाग की कोशिश रहती है कि मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिले। इस काम में महिलाएं भी रुचि के साथ के काम करती हैं।
नवीन कुमार, मनरेगा अधिकार