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Charkhi Dadri News: 16 दिन चलेगा पानी तो 24 दिन बंद रहेगी नहर
Sun, 20 Oct 2024 04:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:34 AM IST
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रोहतक रोड स्थित लोहारू केनाल में बहता पानी।
चरखी दादरी। मानसून सीजन बीतने के बाद अब नहरी पानी की आपूर्ति पुरानी समयसारिणी के अनुसार होगी। नहरों में मानसून की बारिश का पानी छोड़ा गया, जो दो माह से अधिक समय तक चला। अब सिंचाई विभाग मुख्यालय ने पुरानी समय सारिणी अनुसार ही नहरों में पानी छोड़ने का आदेश जारी कर दिया है।
अब जब भी जिला की नहरी पानी की अगली टर्म आएगी तो पुरानी समयसारिणी के अनुसार पानी छोड़ा जाएगा। पुरानी समयसारिणी के अनुसार 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इस समय जिला के जलघर पानी से लबालब हैं।
लोहारू केनाल से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है जबकि बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर को भरा जाता है। चंपापुरी मेन जलघर में पानी भंडारण के लिए चार और रामनगर जलघर में दो टैंक हैं। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिये पानी डाला जाता है। इस समय खेतों में भी पानी की इतनी जरूरत नहीं है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। इस बार पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने और ऊपर से बारिश होने की वजह से अधिकतर नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने का दावा किया गया है।।
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हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत : जिले में हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत होती है। गर्मी के मौसम में तो नहरी पानी की और कमी हो जाती है। शहर में पानी की भंडारण क्षमता कम है और इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से एक माह की भंडारण क्षमता होनी चाहिए तब जाकर पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है।
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अब जब भी जिला की नहरी पानी की अगली टर्म आएगी तो पुरानी समयसारिणी के अनुसार पानी छोड़ा जाएगा। पुरानी समयसारिणी के अनुसार 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इस समय जिला के जलघर पानी से लबालब हैं।
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लोहारू केनाल से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है जबकि बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर को भरा जाता है। चंपापुरी मेन जलघर में पानी भंडारण के लिए चार और रामनगर जलघर में दो टैंक हैं। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिये पानी डाला जाता है। इस समय खेतों में भी पानी की इतनी जरूरत नहीं है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। इस बार पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने और ऊपर से बारिश होने की वजह से अधिकतर नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने का दावा किया गया है।।
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हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत : जिले में हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत होती है। गर्मी के मौसम में तो नहरी पानी की और कमी हो जाती है। शहर में पानी की भंडारण क्षमता कम है और इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से एक माह की भंडारण क्षमता होनी चाहिए तब जाकर पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है।