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Charkhi Dadri News: सिविल अस्पताल की आईसीयू को दोबारा शुरू करने की तैयारी
Sat, 03 Aug 2024 05:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 03 Aug 2024 05:57 AM IST
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आईसीयू में रखे आधुनिक सुविधाओं से लैस बैड। संवाद
अमर उजाला विशेष::
स्वास्थ्य:
- कोरोना के बाद से बंद पड़ी है सिविल अस्पताल की आईसीयू, टीम ने खोलकर संसाधनों का लिया जायजा तो सब मिला ठीक
- स्टाफ की डिमांड भी भेजने की तैयारी, विशेषज्ञों को भर्ती करने का प्रयास जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग तीन साल से बंद आईसीयू को दोबारा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए गत दिनों इंजीनियर की अगुवाई में टीम ने आईसीयू में रखे बेड, वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों का जायजा लिया है।
राहत की बात यह है कि सभी उपकरण ठीक हैं। अब विभाग ने यहां स्टाफ की तैनाती करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अगले सप्ताह मांग मुख्यालय भेजी जाएगी। वहीं, आईसीयू शुरू होने से गंभीर स्थिति में मरीजों को निजी अस्पतालों समेत रोहतक, गुरुग्राम व हिसार ले जाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा।
दरअसल, दादरी सिविल अस्पताल में कोरोना के समय आईसीयू तैयार की गई थी। कोविड के समय आईसीयू में रखे वेंटिलेटर और बेड का प्रयोग किया गया, लेकिन पिछले करीब तीन साल से आईसीयू बंद है। यहां रखे वेंटिलेटर को ऑपरेट करने के लिए विशेषज्ञ नहीं हैं। जबकि फिजिशियन व अन्य स्टाफ की कमी से आईसीयू भी इस्तेमाल में नहीं आ रहा है। लंबे समय से आईसीयू में ताला जड़ा है। उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब बंद आईसीयू को दोबारा शुरू करने की योजना है। एक सप्ताह पहले टीम ने आईसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान उपकरणों की जांच के लिए एक इंजीनियर भी मौजूद रहा। टीम ने सभी वेंटिलेटर समेत उपकरणों की जांच की तो ये सक्रिय पाए गए।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि अब आईसीयू स्टाफ का खाका तैयार किया जा रहा है। इसके बाद तैनाती के लिए मांग मुख्यालय भेजी जाएगी। स्टाफ मिलते ही आईसीयू शुरू कर दी जाएगी। विभाग की योजना है कि सितंबर तक आईसीयू को चालू कर दिया जाए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
20 बेड की है सुविधा
दादरी सिविल अस्पताल की आईसीयू में 20 बेड की सुविधा है। ये सभी बेड आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर भी है। ऐसे में एकसाथ इस आईसीयू में गंभीर स्थिति के 20 मरीजों को उपचार दिया जा सकता है। आईसीयू स्टाफ के लिए कमरों की भी यहां व्यवस्था है।
35 वेंटिलेटर हैं विभाग के पास, चलाने वाला एक भी नहीं
कोरोना के समय आईसीयू तैयार करने के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग ने अन्य संसाधन भी जुटाए थे। कोरोना से पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं था। जबकि पीएम फंड और डोनेशन के बाद 35 वेंटिलेटर मिल गए। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण फिलहाल इन वेंटिलेटर को चलाने वाला कोई नहीं है। वेंटिलेटर रखे-रखे कबाड़ न हों इसके लिए विभाग अब आईसीयू को दोबारा शुरू करने जा रहा है।
- खाली पद भरने का किया जा रहा प्रयास
विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग लगातार मुख्यालय मांग भेज रहा है। इसके अलावा एनएचएम के तहत भी विशेषज्ञ भर्ती करने के प्रयास स्थानीय स्तर पर किए जा रहे हैं। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए मेवात की तर्ज पर विशेषज्ञों को वेतनमान देने की सिफारिश भी की है।
वर्सन :
आईसीयू को दोबारा शुरू करने की योजना है। इसके मद्देनजर यहां रखे संसाधनों का जायजा लिया गया तो सब ठीक मिले। यहां तैनात किए जाने वाले स्टाफ का खाका तैयार किया जा रहा है। जल्द मांग मुख्यालय भेज दी जाएगी। प्रयास है कि जल्द से जल्द बंद पड़ी आईसीयू शुरू कर दी जाए। ताकि, मरीजों व तीमारदारों को राहत मिल सके।
-डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी
फोटो 01
सिविल अस्पताल में बंद पड़ी आईसीयू। संवाद
फोटो 02
आईसीयू में रखे आधुनिक सुविधाओं से लैस बेड। संवाद
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स्वास्थ्य:
- कोरोना के बाद से बंद पड़ी है सिविल अस्पताल की आईसीयू, टीम ने खोलकर संसाधनों का लिया जायजा तो सब मिला ठीक
- स्टाफ की डिमांड भी भेजने की तैयारी, विशेषज्ञों को भर्ती करने का प्रयास जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग तीन साल से बंद आईसीयू को दोबारा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए गत दिनों इंजीनियर की अगुवाई में टीम ने आईसीयू में रखे बेड, वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों का जायजा लिया है।
राहत की बात यह है कि सभी उपकरण ठीक हैं। अब विभाग ने यहां स्टाफ की तैनाती करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अगले सप्ताह मांग मुख्यालय भेजी जाएगी। वहीं, आईसीयू शुरू होने से गंभीर स्थिति में मरीजों को निजी अस्पतालों समेत रोहतक, गुरुग्राम व हिसार ले जाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा।
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दरअसल, दादरी सिविल अस्पताल में कोरोना के समय आईसीयू तैयार की गई थी। कोविड के समय आईसीयू में रखे वेंटिलेटर और बेड का प्रयोग किया गया, लेकिन पिछले करीब तीन साल से आईसीयू बंद है। यहां रखे वेंटिलेटर को ऑपरेट करने के लिए विशेषज्ञ नहीं हैं। जबकि फिजिशियन व अन्य स्टाफ की कमी से आईसीयू भी इस्तेमाल में नहीं आ रहा है। लंबे समय से आईसीयू में ताला जड़ा है। उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब बंद आईसीयू को दोबारा शुरू करने की योजना है। एक सप्ताह पहले टीम ने आईसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान उपकरणों की जांच के लिए एक इंजीनियर भी मौजूद रहा। टीम ने सभी वेंटिलेटर समेत उपकरणों की जांच की तो ये सक्रिय पाए गए।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि अब आईसीयू स्टाफ का खाका तैयार किया जा रहा है। इसके बाद तैनाती के लिए मांग मुख्यालय भेजी जाएगी। स्टाफ मिलते ही आईसीयू शुरू कर दी जाएगी। विभाग की योजना है कि सितंबर तक आईसीयू को चालू कर दिया जाए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
20 बेड की है सुविधा
दादरी सिविल अस्पताल की आईसीयू में 20 बेड की सुविधा है। ये सभी बेड आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर भी है। ऐसे में एकसाथ इस आईसीयू में गंभीर स्थिति के 20 मरीजों को उपचार दिया जा सकता है। आईसीयू स्टाफ के लिए कमरों की भी यहां व्यवस्था है।
35 वेंटिलेटर हैं विभाग के पास, चलाने वाला एक भी नहीं
कोरोना के समय आईसीयू तैयार करने के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग ने अन्य संसाधन भी जुटाए थे। कोरोना से पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं था। जबकि पीएम फंड और डोनेशन के बाद 35 वेंटिलेटर मिल गए। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण फिलहाल इन वेंटिलेटर को चलाने वाला कोई नहीं है। वेंटिलेटर रखे-रखे कबाड़ न हों इसके लिए विभाग अब आईसीयू को दोबारा शुरू करने जा रहा है।
- खाली पद भरने का किया जा रहा प्रयास
विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग लगातार मुख्यालय मांग भेज रहा है। इसके अलावा एनएचएम के तहत भी विशेषज्ञ भर्ती करने के प्रयास स्थानीय स्तर पर किए जा रहे हैं। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए मेवात की तर्ज पर विशेषज्ञों को वेतनमान देने की सिफारिश भी की है।
वर्सन :
आईसीयू को दोबारा शुरू करने की योजना है। इसके मद्देनजर यहां रखे संसाधनों का जायजा लिया गया तो सब ठीक मिले। यहां तैनात किए जाने वाले स्टाफ का खाका तैयार किया जा रहा है। जल्द मांग मुख्यालय भेज दी जाएगी। प्रयास है कि जल्द से जल्द बंद पड़ी आईसीयू शुरू कर दी जाए। ताकि, मरीजों व तीमारदारों को राहत मिल सके।
-डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी
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सिविल अस्पताल में बंद पड़ी आईसीयू। संवाद
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आईसीयू में रखे आधुनिक सुविधाओं से लैस बेड। संवाद