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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल... सफाई नहीं, शौचालय बदहाल, मरीज बेहाल
Fri, 10 Oct 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:12 AM IST
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ग्राउंड फ्लोर पर बना शौचालय जो सफाई न होने से खस्ताहाल हो चुका है। संवाद
- नागरिक अस्पताल में प्रबंधन की मिलीभगत से सफाई कर्मचारी बने हैं वार्ड सर्वेंट
- मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए होना पड़ रहा है परेशान
- वीरवार के अंक में प्रमुखता से उठाया गया था अस्पताल परिसर में पेयजल न होने का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 100 बेड के नागरिक अस्पताल में शौचालयों और साफ-सफाई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरीजों और तीमारदारों को गंदगी भरे माहौल में इलाज करवाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के तहत लगे 39 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें से लगभग एक-तिहाई अस्पताल प्रबंधन की मिलीभगत से सफाई के बजाय अन्य कार्यों में लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ सफाईकर्मी वार्ड सर्वेंट, एक्स-रे सहायक और यहां तक कि घायल मरीजों के टांके लगाने जैसे कार्य कर रहे हैं, जो न सिर्फ नियमों के विरुद्ध हैं बल्कि मरीजों की जान के लिए भी खतरा हैं।
शौचालयों की दुर्दशा ऐसी है कि मरीज और परिजन उनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं। जगह-जगह गंदगी फैली है, बदबू से वातावरण दूषित हो रहा है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इनकी सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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इलाज के लिए पहुंचे मरीज भूपेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह और प्रदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां बदबू में खड़े रहना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और सफाई कर्मचारियों को उनके वास्तविक कार्यों में ही लगाया जाए। स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में संज्ञान लेने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मरीजों के लिए नहीं पहुंचा पीने का पानी
खबर प्रकाशित होने के बाद भी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को पहले की ही तरह बाहर टंकी या फिर दुकानों से पानी लाना पड़ रहा है।
अस्पताल में सफाईकर्मी इन जगहों पर निभा रहे हैं ड्यूटी
नागरिक अस्पताल में सफाई कार्य के लिए जहां 39 सफाई कर्मचारी भर्ती किए गए हैं, वहीं, इनमें से 12-13 ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की जी हजूरी के चलते कई सफाई कर्मचारियों को एक्स-रे कक्ष, खून जांच लैब, टीबी जांच लैब, आपातकालीन विभाग में काम करवाए जा रहे हैं।
ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय की हालत बेहद खस्ता
ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय की हालत बेहद ही खस्ता है। इसमें कमोड बहुत ही गंदा था। वहीं, हाथ धोने के लिए बना वॉशबेसिन जाम था। निकासी न होने से उसमें पानी जमा था। शौचालयों के दरवाजे ऐसे थे कि उनमें कुंडी थी पर वे बंद नहीं हो रहे थे। फर्श पर पानी जमा था। शौचालयों की छत पर जाला लगा था।
फोन उठा न अस्पताल में मिले नोडल अधिकारी
नागरिक अस्पताल में सफाई की अव्यवस्था के बारे में जब नोडल अधिकारी डॉ. बिजेंद्र डडवाल से संपर्क का प्रयास किया गया तो वह वहां मिले ही नहीं। जब उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने इसे रिसीव ही नहीं किया। वहीं, सुपरवाइजर सतपाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में नोडल अधिकारी ही कुछ ही बता सकते हैं।
फोटो- 7- ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय में हाथ धोने के लिए लगे वाॅशबेसिन में जमा पानी। संवाद
फोटो 8- ग्राउंड फ्लोर पर बना शौचालय जो सफाई न होने से खस्ताहाल हो चुका है। संवाद
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- मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए होना पड़ रहा है परेशान
- वीरवार के अंक में प्रमुखता से उठाया गया था अस्पताल परिसर में पेयजल न होने का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 100 बेड के नागरिक अस्पताल में शौचालयों और साफ-सफाई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरीजों और तीमारदारों को गंदगी भरे माहौल में इलाज करवाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के तहत लगे 39 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें से लगभग एक-तिहाई अस्पताल प्रबंधन की मिलीभगत से सफाई के बजाय अन्य कार्यों में लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ सफाईकर्मी वार्ड सर्वेंट, एक्स-रे सहायक और यहां तक कि घायल मरीजों के टांके लगाने जैसे कार्य कर रहे हैं, जो न सिर्फ नियमों के विरुद्ध हैं बल्कि मरीजों की जान के लिए भी खतरा हैं।
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शौचालयों की दुर्दशा ऐसी है कि मरीज और परिजन उनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं। जगह-जगह गंदगी फैली है, बदबू से वातावरण दूषित हो रहा है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इनकी सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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इलाज के लिए पहुंचे मरीज भूपेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह और प्रदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां बदबू में खड़े रहना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और सफाई कर्मचारियों को उनके वास्तविक कार्यों में ही लगाया जाए। स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में संज्ञान लेने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मरीजों के लिए नहीं पहुंचा पीने का पानी
खबर प्रकाशित होने के बाद भी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को पहले की ही तरह बाहर टंकी या फिर दुकानों से पानी लाना पड़ रहा है।
अस्पताल में सफाईकर्मी इन जगहों पर निभा रहे हैं ड्यूटी
नागरिक अस्पताल में सफाई कार्य के लिए जहां 39 सफाई कर्मचारी भर्ती किए गए हैं, वहीं, इनमें से 12-13 ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की जी हजूरी के चलते कई सफाई कर्मचारियों को एक्स-रे कक्ष, खून जांच लैब, टीबी जांच लैब, आपातकालीन विभाग में काम करवाए जा रहे हैं।
ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय की हालत बेहद खस्ता
ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय की हालत बेहद ही खस्ता है। इसमें कमोड बहुत ही गंदा था। वहीं, हाथ धोने के लिए बना वॉशबेसिन जाम था। निकासी न होने से उसमें पानी जमा था। शौचालयों के दरवाजे ऐसे थे कि उनमें कुंडी थी पर वे बंद नहीं हो रहे थे। फर्श पर पानी जमा था। शौचालयों की छत पर जाला लगा था।
फोन उठा न अस्पताल में मिले नोडल अधिकारी
नागरिक अस्पताल में सफाई की अव्यवस्था के बारे में जब नोडल अधिकारी डॉ. बिजेंद्र डडवाल से संपर्क का प्रयास किया गया तो वह वहां मिले ही नहीं। जब उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने इसे रिसीव ही नहीं किया। वहीं, सुपरवाइजर सतपाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में नोडल अधिकारी ही कुछ ही बता सकते हैं।
फोटो- 7- ग्राउंड फ्लोर पर बने शौचालय में हाथ धोने के लिए लगे वाॅशबेसिन में जमा पानी। संवाद
फोटो 8- ग्राउंड फ्लोर पर बना शौचालय जो सफाई न होने से खस्ताहाल हो चुका है। संवाद