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स्वास्थ्य विभाग ने फिर शुरू की कोरोना सैंपलिंग, दो दिन में लिए 1260 सैंपल
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जिला कोरोना मुक्त घोषित होने के पांच दिन बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा से सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू दी है। खास बात यह है कि इस बार उन जगहों से सैंपल लिए जाएंगे, जहां अब तक टीमें पहुंची ही नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों का चयन भी विभाग कर चुका है। इनमें जिले के 26 गांव शामिल हैं। शहरी क्षेत्र से लिए गए सैंपलों का डाटा भी खंगाला जा रहा है, ताकि जल्द ही ऐसे शहरी क्षेत्रों का भी चयन किया जा सके।
कोविड टीम की अनुमति मिलते ही कोरोना टेस्ट के लिए विभाग की टीमों ने सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। पांच फरवरी से सैंपलिंग प्रक्रिया की जिले में फिर से शुरुआत हुई है। पांच और छह फरवरी को टीम ने जिले से 1260 सैंपल लिए हैं। 1100 से अधिक सैंपल की एसआरएफ आईडी बनाने के बाद जांच के लिए लैब में भेजा जा चुका है। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि दोबारा सैंपलिंग शुरू करने का मतलब का कोरोना के छिपे मामलों को ढूंढना हैं।
उन्होंने बताया कि फरवरी में ही तीसरे चरण का सीरो सर्वे किया गया है और इसमें 288 लोगों में एंटी बॉडीज पाई गई है। कोरोना नोडल इंचार्ज ने आरबीएस टीमों को सैंपलिंग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। शुक्रवार को सिविल अस्पताल परिसर में कोरोना नोडल टीम में शामिल डॉ. गौरव भारद्वाज और डॉक्टर संदीप ने आरबीएस टीम से उन क्षेत्रों का ब्योरा भी मांगा, जहां अब तक या तो टीम पहुंच ही नहीं पाई या फिर यहां से बेहद कम सैंपल लिए गए।
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झोझूकलां के आठ तो बाढड़ा ब्लॉक के सात गांव कम सैंपलिंग वाली सूची में
बैठक में कोविड टीम के सामने जिले के 26 ऐसे गांवों के नाम आए जहां कोरोना सैंपलिंग बेहद कम हुई है। इनमें दादरी ब्लॉक के पांच जबकि बाढड़ा ब्लॉक के सात गांव शामिल हैं। बौंदकलां ब्लॉक छह और झोझूकलां ब्लॉक के आठ गांव कम सैंपलिंग वाली सूची में शामिल हैं।
सरकारी विभागों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पहुंचेगी टीम
कोरोना नोडल अधिकारी ने बताया कि शहर के सार्वजनिक स्थानों और सरकारी कार्यालयों में भी हमारी टीमें जाकर लोगों के सैंपल लेंगी। इसके बाद शिक्षण संस्थाओं पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में भी कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं।
दादरी लोगों की समझदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से कोरोना मुक्त हुआ है। दोबारा सैंपलिंग शुरू करने का मकसद कोरोना के छिपे हुए मामलों को पकड़ना है, ताकि संक्रमण दोबारा से न फैलने पाएं। सैंपलिंग प्रक्रिया हम शुरू कर चुके हैं।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
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कोविड टीम की अनुमति मिलते ही कोरोना टेस्ट के लिए विभाग की टीमों ने सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। पांच फरवरी से सैंपलिंग प्रक्रिया की जिले में फिर से शुरुआत हुई है। पांच और छह फरवरी को टीम ने जिले से 1260 सैंपल लिए हैं। 1100 से अधिक सैंपल की एसआरएफ आईडी बनाने के बाद जांच के लिए लैब में भेजा जा चुका है। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि दोबारा सैंपलिंग शुरू करने का मतलब का कोरोना के छिपे मामलों को ढूंढना हैं।
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उन्होंने बताया कि फरवरी में ही तीसरे चरण का सीरो सर्वे किया गया है और इसमें 288 लोगों में एंटी बॉडीज पाई गई है। कोरोना नोडल इंचार्ज ने आरबीएस टीमों को सैंपलिंग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। शुक्रवार को सिविल अस्पताल परिसर में कोरोना नोडल टीम में शामिल डॉ. गौरव भारद्वाज और डॉक्टर संदीप ने आरबीएस टीम से उन क्षेत्रों का ब्योरा भी मांगा, जहां अब तक या तो टीम पहुंच ही नहीं पाई या फिर यहां से बेहद कम सैंपल लिए गए।
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झोझूकलां के आठ तो बाढड़ा ब्लॉक के सात गांव कम सैंपलिंग वाली सूची में
बैठक में कोविड टीम के सामने जिले के 26 ऐसे गांवों के नाम आए जहां कोरोना सैंपलिंग बेहद कम हुई है। इनमें दादरी ब्लॉक के पांच जबकि बाढड़ा ब्लॉक के सात गांव शामिल हैं। बौंदकलां ब्लॉक छह और झोझूकलां ब्लॉक के आठ गांव कम सैंपलिंग वाली सूची में शामिल हैं।
सरकारी विभागों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पहुंचेगी टीम
कोरोना नोडल अधिकारी ने बताया कि शहर के सार्वजनिक स्थानों और सरकारी कार्यालयों में भी हमारी टीमें जाकर लोगों के सैंपल लेंगी। इसके बाद शिक्षण संस्थाओं पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में भी कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं।
दादरी लोगों की समझदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से कोरोना मुक्त हुआ है। दोबारा सैंपलिंग शुरू करने का मकसद कोरोना के छिपे हुए मामलों को पकड़ना है, ताकि संक्रमण दोबारा से न फैलने पाएं। सैंपलिंग प्रक्रिया हम शुरू कर चुके हैं।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ