{"_id":"6779911ab913a3fd4209f6b0","slug":"government-school-building-in-dandma-dilapidated-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-129351-2025-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: डांडमा में राजकीय विद्यालय का भवन जर्जर, नए का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: डांडमा में राजकीय विद्यालय का भवन जर्जर, नए का इंतजार
Sun, 05 Jan 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 05 Jan 2025 01:20 AM IST
विज्ञापन
गांव डांडमा स्थित राजकीय विद्यालय कंडम घोषित किया गया भवन।
बाढड़ा। गांव डांडमा में माध्यमिक विद्यालय का भवन पिछले काफी समय से जर्जर घोषित होने के बावजूद नया भवन नहीं बन सका है। इससे शिक्षकों और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से जर्जर विद्यालय भवन का निर्माण जल्द करवाने की मांग की है।
ग्रामीण नवीन कुमार, जितेंद्र डांडमा, बंसी, राजेश, संजय पंच आदि ने बताया कि माध्यमिक विद्यालय का भवन पिछले काफी समय से कंडम घोषित किया जा चुका है। अध्यापक बच्चों को मजबूरीवश इस भवन में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। विद्यालय भवन के निर्माण के लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों और विभाग को अवगत करा चुके हैं।
इसके बाद भी भवन निर्माण कार्य नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन और विभाग के प्रति रोष बना है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भवन के गिरने का खतरा है। इस कारण कई परिजन अपने बच्चों को मजबूरीवश निजी विद्यालयों में भेजने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों की मांग है कि भवन का निर्माण कर इसे उच्चीकृत किया जाए ताकि बच्चों को दूसरे गांव में न जाना पड़े और वे गांव में ही पढ़ाई कर सकें। गांव से यातायात साधनों की कमी के कारण बच्चों को आने-आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, सरपंच आनंद श्योराण ने बताया कि इस बारे में वह कई बार विभाग और प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। भवन निर्माण के लिए मजबूती से पैरवी करवाई जाएगी।
- 32 विद्यार्थी करते हैं पढ़ाई
मुख्य अध्यापक सुखवीर सिंह ने बताया कि स्कूल भवन के कंडम होने की रिपोर्ट मांगी गई थी जो उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इस स्कूल में कुल 32 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।
ग्रामीण बोले: जल्द बनाया जाए स्कूल का नया भवन
गांव में स्कूल के भवन का निर्माण न होने से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। प्रशासन और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - जितेंद्र डांडमा।
- विभाग ने करीब दो साल पहले स्कूल के भवन को कंडम घोषित किया था। इसके बावजूद भवन के निर्माण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे लोगों में विभाग और प्रशासन के प्रति रोष बना है। - नवीन कुमार।
स्कूल का भवन कंडम होने के कारण बच्चों को सर्दी के मौसम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भवन कंडम होने के काफी दिनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ हैं। विभाग मौन है। - राजेश, ग्रामीण।
राजकीय विद्यालय का भवन कंडम होने के कारण लोगों को मजबूरीवश अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजना पड़ता है जो काफी महंगा पड़ता है। इसलिए प्रशासन और विभाग से मांग है कि स्कूल के भवन का निर्माण जल्द करवाया जाए। - संजय पंच, ग्रामीण।
विज्ञापन
ग्रामीण नवीन कुमार, जितेंद्र डांडमा, बंसी, राजेश, संजय पंच आदि ने बताया कि माध्यमिक विद्यालय का भवन पिछले काफी समय से कंडम घोषित किया जा चुका है। अध्यापक बच्चों को मजबूरीवश इस भवन में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। विद्यालय भवन के निर्माण के लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों और विभाग को अवगत करा चुके हैं।
विज्ञापन
इसके बाद भी भवन निर्माण कार्य नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन और विभाग के प्रति रोष बना है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भवन के गिरने का खतरा है। इस कारण कई परिजन अपने बच्चों को मजबूरीवश निजी विद्यालयों में भेजने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों की मांग है कि भवन का निर्माण कर इसे उच्चीकृत किया जाए ताकि बच्चों को दूसरे गांव में न जाना पड़े और वे गांव में ही पढ़ाई कर सकें। गांव से यातायात साधनों की कमी के कारण बच्चों को आने-आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, सरपंच आनंद श्योराण ने बताया कि इस बारे में वह कई बार विभाग और प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। भवन निर्माण के लिए मजबूती से पैरवी करवाई जाएगी।
- 32 विद्यार्थी करते हैं पढ़ाई
मुख्य अध्यापक सुखवीर सिंह ने बताया कि स्कूल भवन के कंडम होने की रिपोर्ट मांगी गई थी जो उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इस स्कूल में कुल 32 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।
ग्रामीण बोले: जल्द बनाया जाए स्कूल का नया भवन
गांव में स्कूल के भवन का निर्माण न होने से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। प्रशासन और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - जितेंद्र डांडमा।
- विभाग ने करीब दो साल पहले स्कूल के भवन को कंडम घोषित किया था। इसके बावजूद भवन के निर्माण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे लोगों में विभाग और प्रशासन के प्रति रोष बना है। - नवीन कुमार।
स्कूल का भवन कंडम होने के कारण बच्चों को सर्दी के मौसम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भवन कंडम होने के काफी दिनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ हैं। विभाग मौन है। - राजेश, ग्रामीण।
राजकीय विद्यालय का भवन कंडम होने के कारण लोगों को मजबूरीवश अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजना पड़ता है जो काफी महंगा पड़ता है। इसलिए प्रशासन और विभाग से मांग है कि स्कूल के भवन का निर्माण जल्द करवाया जाए। - संजय पंच, ग्रामीण।