{"_id":"6140eab88ebc3eb6d97d1faa","slug":"girdawari-of-kharif-season-complete-report-100-correct-charkhidadri-news-hsr6116983165","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरीफ सीजन की गिरदावरी पूरी, रिपोर्ट शत प्रतिशत सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरीफ सीजन की गिरदावरी पूरी, रिपोर्ट शत प्रतिशत सही
विज्ञापन
गिरदावरी कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे उपायुक्त प्रदीप गोदारा अन्य अधिकारियों के साथ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले में खरीफ सीजन की गिरदावरी पूरी हो चुकी है। इसको लेकर उपायुक्त ने मंगलवार को जलभराव से खराब हुई फसलों को जायजा लेने खेतों में पहुंचे और गिरदावरी रिपोर्ट जांच भी की। इस दौरान राजस्व कर्मचारियों की ओर पेश की गई गिरदावरी रिपोर्ट शत प्रतिशत सही पाई गई। इसमें जहां जो नुकसान हुआ है, उसे रिपोर्ट में दिखाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीफ फसल की गिरदावरी का कार्य करते हुए पटवारी गड़बड़ी न करें और गिरदावर अपनी रिपोर्ट एकदम सटीक लिखें।
उपायुक्त ने मंगलवार को गांव मोरवाला, इमलोटा, बिगोवा, रानीला, बास, कमोद, मिसरी, अटेला कलां, बाढड़ा, गोपी, डालावास आदि गांवों का दौरा किया और गिरदावरी कार्य की जांच भी की। उपायुक्त ने कहा कि जलभराव की वजह से कहीं थोड़ा तो कहीं ज्यादा कपास, बाजरा आदि फसलों में नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट गिरदावरी में दिखाई गई है। उन्होंने सरकार के पोर्टल हैलरिस पर पटवारियों द्वारा की गई ई-गिरदावरी की रिपोर्ट को मौके पर जाकर देखा और फसलों का मुआयना किया। इसमें सभी रिपोर्ट सही पाई गई। उपायुक्त ने ग्रामीणों बातचीत की और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। गांव मोरवाला में एक स्थान पर जलभराव के कारण कपास की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी। उपायुक्त ने पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी का सिजरा से मिलान भी किया। यह गिरदावरी इस साल खरीफ सीजन में फसल बुआई के बाद पांच अगस्त से पांच सितंबर तक की गई थी। इस मौके पर दादरी तहसीलदार बंसीलाल,नायब तहसीलदार अंकित, शेखर, कानूनगो अमरसिंह, संजय, लक्ष्मण गिरदावर, पटवारी, नंबरदार उपस्थित रहे।
निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रिपोर्ट : उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि गिरदावरी की रिपोर्ट निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी बनाई जानी चाहिए। अब तो सरकार के पास ऐसे संसाधन हैं कि इंटरनेट और सेटेलाइट के जरिये कहीं भी भूमि की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसलिए पटवारी कोई गड़बड़ी न करें और हमेशा सही रिपोर्ट अपनी गिरदावरी में लिखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त ने मंगलवार को गांव मोरवाला, इमलोटा, बिगोवा, रानीला, बास, कमोद, मिसरी, अटेला कलां, बाढड़ा, गोपी, डालावास आदि गांवों का दौरा किया और गिरदावरी कार्य की जांच भी की। उपायुक्त ने कहा कि जलभराव की वजह से कहीं थोड़ा तो कहीं ज्यादा कपास, बाजरा आदि फसलों में नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट गिरदावरी में दिखाई गई है। उन्होंने सरकार के पोर्टल हैलरिस पर पटवारियों द्वारा की गई ई-गिरदावरी की रिपोर्ट को मौके पर जाकर देखा और फसलों का मुआयना किया। इसमें सभी रिपोर्ट सही पाई गई। उपायुक्त ने ग्रामीणों बातचीत की और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। गांव मोरवाला में एक स्थान पर जलभराव के कारण कपास की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी। उपायुक्त ने पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी का सिजरा से मिलान भी किया। यह गिरदावरी इस साल खरीफ सीजन में फसल बुआई के बाद पांच अगस्त से पांच सितंबर तक की गई थी। इस मौके पर दादरी तहसीलदार बंसीलाल,नायब तहसीलदार अंकित, शेखर, कानूनगो अमरसिंह, संजय, लक्ष्मण गिरदावर, पटवारी, नंबरदार उपस्थित रहे।
विज्ञापन
निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रिपोर्ट : उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि गिरदावरी की रिपोर्ट निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी बनाई जानी चाहिए। अब तो सरकार के पास ऐसे संसाधन हैं कि इंटरनेट और सेटेलाइट के जरिये कहीं भी भूमि की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसलिए पटवारी कोई गड़बड़ी न करें और हमेशा सही रिपोर्ट अपनी गिरदावरी में लिखें।
विज्ञापन