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रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बर्फी व घी के सैंपल भरे
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Fill samples of rasgulla, gulab jamun, barfi and ghee
- फोटो : CharkhiDadri
सीएम फ्लाइंग और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने मोरवाला में मिठाई व खोया के सात सैंपल भरे। वहीं, समसपुर बाईपास स्थित रसगुल्ला बनाने वाले स्थान पर टीम बगैर नमूना भरे लौट गई। टीम की कार्रवाई से मोरवाला में हड़कंप मच गया। कई मिठाई विक्रेताओं ने हड़बड़ाहट में दुकानें बंद कर दी। टीम ने घी, खोया बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन व खोया के नमूने लिए। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई हो सकती है।
सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर सुल्तान सिंह के नेतृत्व में एसआई अनूप सिंह, राजबीर सिंह और देवेंद्र की चार सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह दादरी पहुंची। टीम गुप्तचर शाखा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी को साथ लेकर दादरी-दिल्ली रोड स्थित मोरवाला गांव में पहुंची। सुल्तान सिंह ने बताया कि मिलावटी खोया से मिठाइयां तैयार करने की सूचना हमें मिली थी और इसके आधार पर मोरवाला में छापामारी कर सैंपल लिए गए है। त्योहारी सीजन के मद्देनजर आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि मोरवाला गांव में जिले की सबसे बड़ी खोया मंडी है। टीम ने यहां सूूरजमल मिष्ठान भंडार, रणजीत मिष्ठान भंडार और बाबा टेकड़ी वाला मिष्ठान भंडार से सात सैंपल भरे। टीम ने घी, खोया बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन व खोया के नमूने लिए। टीम के आने की सूचना भर से मोरवाला में मिठाइयों की दुकानें बंद हो गई। इसके बाद शहर के समसपुर टी-प्वाइंट स्थित एक रसगुल्ला प्लांट पर पहुंची। यहां शादी समारोह था और पूछताछ के बाद टीम लौट गई।
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि मंगलवार को सात सैंपल भरे गए हैं। इनको जांच के लिए करनाल लैब भेजा जाएगा। बुधवार सुबह ही सैंपल भेज दिए जाएंगे और 15 से 20 दिन के अंदर इन सैंपलों की रिपोर्ट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले बाढड़ा से पांच सैंपल लिए गए थे और इन पांचों की रिपोर्ट आ चुकी है। दो सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। झोझूकलां में कुछ समय पहले लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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मिलावट मिली तो सजा के साथ जुर्माना भी
अगर सैंपल की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो तीन साल की सजा और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल की रिपोर्ट गुणवत्ता के लिए लिहाज से निमभनस्तरीय आती है, तो पांच लाख तक के जुर्माना लग सकता है। मिस ब्रांड की रिपोर्ट पर दुकानदार को तीन का लाख जुर्माना भरना पड़ सकता है।
मोरवाला में तीन जगहों से सात सैंपल लिए गए हैं। एक रसगुल्ला प्लांट में साफ-सफाई नहीं थी और इसके चलते संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है। तीनों में से किसी के पास भी लाइसेंस नहीं था।
भंवर सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर सुल्तान सिंह के नेतृत्व में एसआई अनूप सिंह, राजबीर सिंह और देवेंद्र की चार सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह दादरी पहुंची। टीम गुप्तचर शाखा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी को साथ लेकर दादरी-दिल्ली रोड स्थित मोरवाला गांव में पहुंची। सुल्तान सिंह ने बताया कि मिलावटी खोया से मिठाइयां तैयार करने की सूचना हमें मिली थी और इसके आधार पर मोरवाला में छापामारी कर सैंपल लिए गए है। त्योहारी सीजन के मद्देनजर आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि मोरवाला गांव में जिले की सबसे बड़ी खोया मंडी है। टीम ने यहां सूूरजमल मिष्ठान भंडार, रणजीत मिष्ठान भंडार और बाबा टेकड़ी वाला मिष्ठान भंडार से सात सैंपल भरे। टीम ने घी, खोया बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन व खोया के नमूने लिए। टीम के आने की सूचना भर से मोरवाला में मिठाइयों की दुकानें बंद हो गई। इसके बाद शहर के समसपुर टी-प्वाइंट स्थित एक रसगुल्ला प्लांट पर पहुंची। यहां शादी समारोह था और पूछताछ के बाद टीम लौट गई।
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फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि मंगलवार को सात सैंपल भरे गए हैं। इनको जांच के लिए करनाल लैब भेजा जाएगा। बुधवार सुबह ही सैंपल भेज दिए जाएंगे और 15 से 20 दिन के अंदर इन सैंपलों की रिपोर्ट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले बाढड़ा से पांच सैंपल लिए गए थे और इन पांचों की रिपोर्ट आ चुकी है। दो सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। झोझूकलां में कुछ समय पहले लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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मिलावट मिली तो सजा के साथ जुर्माना भी
अगर सैंपल की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो तीन साल की सजा और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल की रिपोर्ट गुणवत्ता के लिए लिहाज से निमभनस्तरीय आती है, तो पांच लाख तक के जुर्माना लग सकता है। मिस ब्रांड की रिपोर्ट पर दुकानदार को तीन का लाख जुर्माना भरना पड़ सकता है।
मोरवाला में तीन जगहों से सात सैंपल लिए गए हैं। एक रसगुल्ला प्लांट में साफ-सफाई नहीं थी और इसके चलते संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है। तीनों में से किसी के पास भी लाइसेंस नहीं था।
भंवर सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी