फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Farmers should not keep agricultural equipment in the open due to fog and dew drops

Charkhi Dadri News: कोहरे और ओस की बूंदों के चलते कृषि उपकरणों को खुले में न रखें किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2023 05:00 AM IST
विज्ञापन
Farmers should not keep agricultural equipment in the open due to fog and dew drops
बाहर खुले में रखा कल्टीवेटर। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। कोहरे के मौसम में किसान अपने कृषि उपकरणों को खुले में बाहर न रखें। किसान कृषि यंत्रों को शेड या बड़े बरामदा आदि में ढककर रखें। चेनयुक्त कृषि यंत्र की तो विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। ठंड के मौसम में ओस से लोहे के उपकरण खराब होने का ज्यादा अंदेशा बना रहता है। जंग आदि की शिकायत से उपकरण चालू करते समय बाधा आएगी। कृषि यंत्रों का रखरखाव बेहद जरूरी है क्योंकि ये उपकरण काफी महंगे होते हैं।
विज्ञापन

आजकल कृषि यंत्रों से किसान खेती के सभी प्रकार के कार्य निपटाता है। मशीनी युग में इस समय बाजार में हर कृषि कार्य से जुड़ी मशीनें उपलब्ध हैं। मशीन का रखरखाव अगर नियमित रूप से होता है तो उपकरण की उम्र बढ़ जाती है। समय पर मरम्मत करना भी जरूरी है ताकि लंबे तक इनका प्रयोग किया जा सके। सरकार कृषि उपकरणों के लिए किसानों को समय-समय पर सब्सिडी भी देती है। किराये पर भी उपकरण उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है।
विज्ञापन

ज्यादा प्रयोग में आने वाले कृषि उपकरणों में हैरो, कल्टीवेटर, ट्रॉली, ट्रैक्टर, सी-ड्रिल, रोटा वेटर, ड्रिल मशीन, पानी इंजन, मोटर व सब्जी आदि की बिजाई में प्रयोग होने वाले छोटे कृषि उपकरण शामिल हैं। सभी यंत्र लगभग लोहे के बने होते हैं। ठंड के मौसम में उपकरण अगर लंबे समय तक बाहर रखे गए तो उनके खराब होने का अंदेशा बना रहता है। खासकर बैरिंग व चेनयुक्त यंत्रों में ज्यादा खराबी आती है। जंग आदि की वजह से चेन खराब हो जाती है। चिकनाई खत्म होने पर उपकरण ठीक प्रकार से काम नहीं कर पाएगा। किसी पुर्जे के टूटने के खतरा भी ज्यादा बना रहता है। ओस में ट्रॉली आदि के टायर भी खराब हो जाते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

- संयंत्रों की चिकनाई न होने दें खत्म : विशेषज्ञ
कृषि संयंत्र विशेषज्ञों का मानना है कि यंत्रों का काम होने के बाद इनको ग्रीस या पेंट आदि कर किसान अंदर रखें ताकि अगली फसल की बिजाई शुरू होने पर बिना किसी बाधा के इनका आसानी से उपयोग कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी यंत्र की चिकनाई खत्म नहीं होने दें।
- नवंबर के बाद अब मई-जून में हो पाएगा उपयोग
किसानों ने नवंबर माह में रबी की फसलों की बिजाई कर दी थी ऐसे में अब इन कृषि उपकरणों का इस्तेमाल मई-जून माह में ही हो पाएगा। उस समय खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई शुरू होगी। ऐसे में छह से सात माह उपकरण बाहर रखने से खराब होने की आशंका ज्यादा रहती है।

इस मौसम में कृषि यंत्रों में ग्रीस आदि करके रखना चाहिए। पेंट की जरूरत हो तो वह भी करें। सभी उपकरण शेड या बरामदा आदि में रखें। कृषि यंत्र की समय-समय पर मरम्मत होना जरूरी है ताकि उसका लंबे समय तक उपयोग किया जा सके।
-डॉ. मोहिंद्र सिंह यादव, डिप्टी डायरेक्टर, माइक्रो विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed