फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Farmers should do fisheries in waterlogged areas: Deputy Commissioner

जलभराव वाले क्षेत्र में मत्स्य पालन करें किसान: उपायुक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 10:06 PM IST
विज्ञापन
Farmers should do fisheries in waterlogged areas: Deputy Commissioner
चरखी दादरी। जलभराव वाले क्षेत्रों में मत्स्य पालन आमदनी में बढ़ोतरी के लिए बेहतर विकल्प है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन अपनाने वालों को 40 से 60 फीसदी तक अनुदान का भी प्रावधान किया गया है। उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना देश में लागू की गई है। यह योजना मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में वरदान सिद्ध हो रही है। योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन

जिला में उन गांवों के लोगों को मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिन गांवों में बारिश के पानी के ठहराव की संभावना अधिक है। मछली पालन से किसानों की आय बढ़ रही है। झींगा मछली पालन से 5 से 6 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आमदनी होती है। सरकार द्वारा योजना के तहत अनुसूचित जाति व महिला वर्ग मछली पालकों को 60 प्रतिशत अनुदान और सामान्य वर्ग को मछली पालन पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed