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प्राइवेट एजेंसी को बाजरा बेच रहे किसान, भावांतर योजना के बाद भी 200 से 250 रुपये की भरपाई नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 10:39 PM IST
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Farmers selling millet to private agency, even after Bhavantar scheme, no compensation of 200 to 250 rupees
चरखी दादरी। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह दादरी में भी सरकारी एजेंसी हैफेड ने बाजरे की खरीद बंद कर दी है। अब तक 2800 किसान ही एजेंसी को बाजरा बेच पाए हैं और बाढड़ा मंडी की अगर बात करें तो खरीद चार ही दिन हो पाई है। अहम बात यह है कि किसान अब प्राइवेट एजेंसी को औने-पौने दाम पर बाजरा बेचने को विवश हैं और सरकार की भावांतर योजना के तहत प्रति क्विंटल 450 रुपये मिलने के बाद भी उनके बाजरे का रेट एमएसपी से 200 से 250 रुपये कम बैठ रहा है। किसानों को इसकी भरपाई न हो पाने की चिंता सता रही है। बता दें कि दादरी जिले में इस बार बाजरा खरीद के लिए 10 केंद्र बनाए थे। दादरी मंडी में तो बाजरे की लगातार खरीद हुई जबकि बाढड़ा में महज 4 दिन ही बाजरा खरीदा गया। इसके अलावा आठ केंद्रों पर तो बाजरा की खरीद ही नहीं हो पाई।
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दादरी और बाढड़ा मंडी में खरीद की स्थिति देखें तो 2800 किसानों ने ही अपना बाजरा बेचा है और इनके अलावा 145 किसान ऐसे हैं जिनके गेट पास तो कटे हुए हैं, लेकिन उनके बाजरे की खरीद लंबित है। सरकारी एजेंसी के खरीद बंद करने से ये किसान चिंतित हैं। दादरी मंडी में अब तक 58 हजार क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है जबकि बाढड़ा मंडी में अब तक 16 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हुई है।
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दरअसल इस बार बाजरे की आवक भी जोर नहीं पकड़ पाई। इसका कारण गत सितंबर माह में हुई बारिश है, क्योंकि इस बारिश का खेत में खड़ी और कटी बाजरा की फसल पर काफी असर हुआ और पैदावार भी कम हुई जबकि गुणवत्ता भी सही नहीं रही। इसके चलते फिलहाल प्राइवेट एजेंसी किसानों को 1650 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल रेट दे रही है और सरकार के 450 रुपये प्रति क्विंटल देने के बावजूद किसानों की बाजरा विक्रय राशि तय 2350 रुपये के एमएसपी तक नहीं पहुंच पा रही है। इसी बात को लेकर अब बाजरा बेचने वाले किसान चिंतित हैं।
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किसी ने 1680 तो किसी ने 1700 रुपये प्रति क्विंटल बेचा बाजरा
- मैं मंडी में बाजरा बेचने आया हूं और मैंने पोर्टल पर पंजीकरण भी करवा रखा है। एजेंसी के खरीद न करने पर 1700 रुपये क्विंटल की दर से प्राइवेट एजेंसी को 11 क्विंटल बाजरा बेचा है। सरकार के 450 रुपये देने के बाद भी यह राशि एमएसपी तक नहीं पहुंच पाएगी और करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल का मुझे नुकसान होगा।
सत्यवान, समसपुर
- मैं 35 क्विंटल बाजरा बेचने दादरी मंडी आया हूं। प्राइवेट एजेंसी को मुझे बाजरा बेचना पड़ा और एजेंसी ने 1680 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुझसे बाजरा खरीदा है। अगर 450 रुपये क्विंटल की दर से सरकार मुझे देती है तो भी एमएसपी से 220 रुपये प्रति क्विंटल कम में मेरा बाजरा बिकेगा। इस अंतर की भरपाई नहीं हो पाएगी।

मनोज, मिर्च
हैफेड ने बाजरे की खरीद बंद कर दी है। प्राइवेट तौर पर किसान बाजरा बेच रहे हैं। सरकार ने भावांतर योजना के तहत 450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के खातों में राशि डालने की घोषणा कर दी है और उससे किसानों को मिले एमएसपी से कम भाव की भरपाई होगी।
- नरेंद्र यादव, मार्केट कमेटी सचिव, दादरी
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