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Charkhi Dadri News: गुडाना की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन न होने से किसानों में रोष
Tue, 07 Jul 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:25 AM IST
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गांव गुडाना में किसान रोष जताते हुए ग्रामीण।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। सरकार भले ही डिजिटल इंडिया और एक क्लिक पर समाधान के बड़े दावे कर रही हो जबकि दादरी जिले का ग्राम गुडाना आज भी प्रशासनिक उपेक्षा के चलते डिजिटल युग से कोसों दूर है। जिले में गुडाना इकलौता ऐसा गांव है जिसकी जमीन का रिकॉर्ड (जमाबंदी) आज तक ऑनलाइन नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि जमाबंदी ऑनलाइन न होने से किसानों की जमीन की यूनिक आईडी नहीं बन पा रही है। किसान मनोज कुमार ने बताया कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। इसके अलावा बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना हो या सहकारी समितियों से खाद-बीज लेना हो, हर जगह ऑनलाइन रिकॉर्ड न होने का बहाना बनाकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है।
किसान मनोज, राकेश व वीरेंद्र ने बताया कि जब पूरा देश और जिला डिजिटल हो चुका है तो उनके गांव के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। ग्रामीण सूरजभान, अनिल, राजवीर व नवीन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्चाधिकारियों ने गुडाना की जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आदेश जारी नहीं किए तो वे चुप नहीं बैठेंगे। यदि इस समस्या का समाधान तुरंत नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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ग्रामीणों ने कहा कि जमाबंदी ऑनलाइन न होने से किसानों की जमीन की यूनिक आईडी नहीं बन पा रही है। किसान मनोज कुमार ने बताया कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। इसके अलावा बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना हो या सहकारी समितियों से खाद-बीज लेना हो, हर जगह ऑनलाइन रिकॉर्ड न होने का बहाना बनाकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है।
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किसान मनोज, राकेश व वीरेंद्र ने बताया कि जब पूरा देश और जिला डिजिटल हो चुका है तो उनके गांव के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। ग्रामीण सूरजभान, अनिल, राजवीर व नवीन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्चाधिकारियों ने गुडाना की जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आदेश जारी नहीं किए तो वे चुप नहीं बैठेंगे। यदि इस समस्या का समाधान तुरंत नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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