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Charkhi Dadri News: दक्षिणी हरियाणा की एकमात्र तिलहन अनाज मंडी में नहीं खुली किसान-श्रमिक कैंटीन
Mon, 25 Mar 2024 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:36 AM IST
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चरखी दादरी। दक्षिणी हरियाणा की एकमात्र तिलहन अनाज मंडी में किसानों और मजदूरों के लिए कैंटीन सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इसके तहत किसानों को 10 रुपये में भोजन मिलना है। कैंटीन सुविधा अप्रैल 2020 से शुरू होनी थी, लेकिन चार साल बाद भी अधिकारी कैंटीन नहीं खोल सके हैं जबकि कई अन्य जिलों की मंडियों में किसान-मजदूर कैंटीन खुल चुकी है। स्थानीय नई अनाज मंडी के आढ़तियों का कहना है कि घसोला के बिजली घर से बिजली दी जाती है, जिससे लो वोल्टेज की समस्या है। इससे आढ़तियों को असुविधा होती है।
जिले में करीब 67,000 किसान हैं। अनाज मंडी में ऑनलाइन खरीद होती है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसानों की फसल सरकारी दर पर खरीदी जाती है। मंडी में गेट पास और टोकन के जरिए उपज की खरीद की जाती है। खरीद के दौरान कई बार किसानों को रात के समय भी मंडी में रुकना पड़ जाता है जबकि यहां किसानों के लिए खानपान और ठहरने की व्यवस्था नहीं है।
जल्द शुरू की जाए सरसों की खरीद
सरकार को अनाज मंडी से सालाना 20 करोड़ से ज्यादा जीएसटी और मार्केट फीस मिलती है। सरसों की खरीद आढ़तियों के मार्फत करवाई जाए। मंडी में एकमात्र चौकीदार तैनात है जबकि यहां कम से पांच चौकीदार तैनात होने चाहिए। रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी।
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किसान को कर्जमुक्त करने के लिए विशेष नीति तैयार करने की जरूरत है। उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए सरसों की सरकारी खरीद जल्द शुरू होनी चाहिए। ताकि किसान को नुकसान न होने पाए। रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन, दादरी।
मार्केट कमेटी पूरी तरह से तैयार है। सरकार की ओर से सर्कुलर आते ही सरसों की खरीद शुरू करवा दी जाएगी। इसी माह सरसों की खरीद शुरू होने की उम्मीद है। मंडी में कैंटीन खोलने के लिए अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है। - परमजीत नांदल, सचिव मार्केट कमेटी, चरखी दादरी।
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जिले में करीब 67,000 किसान हैं। अनाज मंडी में ऑनलाइन खरीद होती है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसानों की फसल सरकारी दर पर खरीदी जाती है। मंडी में गेट पास और टोकन के जरिए उपज की खरीद की जाती है। खरीद के दौरान कई बार किसानों को रात के समय भी मंडी में रुकना पड़ जाता है जबकि यहां किसानों के लिए खानपान और ठहरने की व्यवस्था नहीं है।
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जल्द शुरू की जाए सरसों की खरीद
सरकार को अनाज मंडी से सालाना 20 करोड़ से ज्यादा जीएसटी और मार्केट फीस मिलती है। सरसों की खरीद आढ़तियों के मार्फत करवाई जाए। मंडी में एकमात्र चौकीदार तैनात है जबकि यहां कम से पांच चौकीदार तैनात होने चाहिए। रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी।
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किसान को कर्जमुक्त करने के लिए विशेष नीति तैयार करने की जरूरत है। उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए सरसों की सरकारी खरीद जल्द शुरू होनी चाहिए। ताकि किसान को नुकसान न होने पाए। रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन, दादरी।
मार्केट कमेटी पूरी तरह से तैयार है। सरकार की ओर से सर्कुलर आते ही सरसों की खरीद शुरू करवा दी जाएगी। इसी माह सरसों की खरीद शुरू होने की उम्मीद है। मंडी में कैंटीन खोलने के लिए अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है। - परमजीत नांदल, सचिव मार्केट कमेटी, चरखी दादरी।