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Charkhi Dadri News: लाखों खर्च कर हटाए अतिक्रमण, फिर पहले जैसे हालात
Tue, 05 Nov 2024 03:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 05 Nov 2024 03:47 AM IST
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पुरानी अनाज मंडी के सामने लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में अतिक्रमण से लोग परेशान हैं। जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर मुहिम चलाकर 10 माह पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त किया था। उस दौरान शहर की सड़कों से अवैध कब्जे हटाने पर लाखों रुपये खर्च आया था। तत्कालीन डीसी मनदीप कौर की इस पहल को शहरवासियों ने सराहा था। उनके तबादला होने के बाद हालात फिर से पहले जैसे बन गए हैं। फिलहाल, अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दरअसल, तत्कालीन डीसी मनदीप कौर ने विभागों का सामंजस्य स्थापित करवाकर संयुक्त टीम को शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए उतारा था। टीम ने करीब 20 दिनों तक लगातार कार्रवाई की। परिणामस्वरूप शहर की सड़कें चार से 19 फीट तक चौड़ी हो गईं। उस कार्रवाई का असर यह था कि गलियों में भी लोगों ने स्वेच्छा से चबूतरे तोड़ दिए थे।
दूसरी ओर डीसी मनदीप कौर का तबादला होते ही अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते में शामिल अधिकारी भी चुप्पी साध गए। उदासीन रवैये का नतीजा यह हुआ कि इस समय फिर शहर की तमाम सड़कें अतिक्रमण की जद में हैं। इसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। अधिकारी तक प्रतिदिन सड़कों पर लगने वाले जाम में फंसते हैं। बावजूद इसके, समस्या पर कोई गौर नहीं कर रहा है।
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चरखी दादरी। शहर में अतिक्रमण से लोग परेशान हैं। जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर मुहिम चलाकर 10 माह पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त किया था। उस दौरान शहर की सड़कों से अवैध कब्जे हटाने पर लाखों रुपये खर्च आया था। तत्कालीन डीसी मनदीप कौर की इस पहल को शहरवासियों ने सराहा था। उनके तबादला होने के बाद हालात फिर से पहले जैसे बन गए हैं। फिलहाल, अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दरअसल, तत्कालीन डीसी मनदीप कौर ने विभागों का सामंजस्य स्थापित करवाकर संयुक्त टीम को शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए उतारा था। टीम ने करीब 20 दिनों तक लगातार कार्रवाई की। परिणामस्वरूप शहर की सड़कें चार से 19 फीट तक चौड़ी हो गईं। उस कार्रवाई का असर यह था कि गलियों में भी लोगों ने स्वेच्छा से चबूतरे तोड़ दिए थे।
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दूसरी ओर डीसी मनदीप कौर का तबादला होते ही अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते में शामिल अधिकारी भी चुप्पी साध गए। उदासीन रवैये का नतीजा यह हुआ कि इस समय फिर शहर की तमाम सड़कें अतिक्रमण की जद में हैं। इसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। अधिकारी तक प्रतिदिन सड़कों पर लगने वाले जाम में फंसते हैं। बावजूद इसके, समस्या पर कोई गौर नहीं कर रहा है।
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