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Charkhi Dadri News: 4 माह से ई-उपचार सेवा बंद पुराने ढर्रे पर हो रहा इलाज...
Thu, 14 Aug 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 14 Aug 2025 01:28 AM IST
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मरीज के लिए मोबाइल में एक्स-रे रिपोर्ट की फोटो खींचता रेडियोग्राफर।
चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल में 56 बैट्रियों के दम तोड़ने से ई-उपचार सेवा पिछले 4 माह से बंद है। इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं, लंबा समय बीतने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग सुविधा को बहाल नहीं कर पाया है। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि बैट्रियों के लिए ऑर्डर किया हुआ है और जल्द ही एजेंसी इसे पूरा कर देगी। इसके तुरंत बाद ई-उपचार सेवा शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि दादरी नागरिक अस्पताल में तत्कालीन सीएमओ डॉ. विरेंद्र यादव के कार्यकाल में ई-उपचार सेवा का प्रारूप तैयार हुआ था। इसके बाद वर्ष 2019 में ई-उपचार सेवा की शुरुआत की गई। इस साल की शुरुआत से ही ई-उपचार सेवा बार-बार प्रभावित हुई। वहीं, अप्रैल के बाद तो इस सेवा का लाभ ही मरीजों को नहीं मिल पाया है। ई-उपचार सेवा ठप होने के कारण मरीजों की बीमारी व उपचार संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड चिकित्सकों के पास ऑनलाइन दर्ज नहीं हो रहा है।
इतना ही नहीं, मरीजों को एक्स-रे कराने के बाद रिपोर्ट की फोटो मोबाइल में खींचकर विशेषज्ञ को दिखानी पड़ रही है। उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे मनोज, विद्या, सुशील, सुनीता, कांता व राजेश आदि मरीजों ने जिला चिकित्सा अधिकारी से बंद पड़ी ई-उपचार सेवा बहाल करवाने की मांग की है, ताकि परेशानियों से दो-चार न होना पड़े।
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पहली बार दो साल में बदली बैट्रियां, फिर 3 साल अनदेखी : अस्पताल प्रशासन की ओर से दो साल बाद ई-उपचार सेवाएं चालू रखने के लिए वर्ष 2021 में सभी कंप्यूटरों की बैट्रियों को बदलवा दिया गया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के चलते तीन साल बाद तक बैट्रियों से काम लेते रहे जबकि बदलने की तरफ ध्यान तक नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि 5 अप्रैल 2025 को लोड की अधिकता के चलते सभी 56 बैट्रियां ठप हो गईं। इसके चलते सभी कंप्यूटर बंद होने से ई-उपचार सेवा भी बंद है।
प्रतिदिन 1200 मरीजों को लगाने पड़ रहे चक्कर : चार माह पहले जहां ई-उपचार सेवाओं के चलते मरीजों के लिए ओपीडी पर्ची कांउटर पुराने भवन में बनाया गया था, लेकिन बैट्रियों के ठप होने के बाद ओपीडी पर्ची के लिए इमरजेंसी कक्ष के बाहर ही काउंटर चलाया जा रहा है। मरीजों को ओपीडी पर्ची कटवाने के बाद उपचार के लिए पुराने भवन का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं, विशेषज्ञ के एक्स-रे के परामर्श के बाद दोबारा से नए भवन आना पड़ता है। प्रतिदिन करीब 1200 मरीज चक्कर काटने को विवश हैं। संवाद
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बता दें कि दादरी नागरिक अस्पताल में तत्कालीन सीएमओ डॉ. विरेंद्र यादव के कार्यकाल में ई-उपचार सेवा का प्रारूप तैयार हुआ था। इसके बाद वर्ष 2019 में ई-उपचार सेवा की शुरुआत की गई। इस साल की शुरुआत से ही ई-उपचार सेवा बार-बार प्रभावित हुई। वहीं, अप्रैल के बाद तो इस सेवा का लाभ ही मरीजों को नहीं मिल पाया है। ई-उपचार सेवा ठप होने के कारण मरीजों की बीमारी व उपचार संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड चिकित्सकों के पास ऑनलाइन दर्ज नहीं हो रहा है।
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इतना ही नहीं, मरीजों को एक्स-रे कराने के बाद रिपोर्ट की फोटो मोबाइल में खींचकर विशेषज्ञ को दिखानी पड़ रही है। उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे मनोज, विद्या, सुशील, सुनीता, कांता व राजेश आदि मरीजों ने जिला चिकित्सा अधिकारी से बंद पड़ी ई-उपचार सेवा बहाल करवाने की मांग की है, ताकि परेशानियों से दो-चार न होना पड़े।
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पहली बार दो साल में बदली बैट्रियां, फिर 3 साल अनदेखी : अस्पताल प्रशासन की ओर से दो साल बाद ई-उपचार सेवाएं चालू रखने के लिए वर्ष 2021 में सभी कंप्यूटरों की बैट्रियों को बदलवा दिया गया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के चलते तीन साल बाद तक बैट्रियों से काम लेते रहे जबकि बदलने की तरफ ध्यान तक नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि 5 अप्रैल 2025 को लोड की अधिकता के चलते सभी 56 बैट्रियां ठप हो गईं। इसके चलते सभी कंप्यूटर बंद होने से ई-उपचार सेवा भी बंद है।
प्रतिदिन 1200 मरीजों को लगाने पड़ रहे चक्कर : चार माह पहले जहां ई-उपचार सेवाओं के चलते मरीजों के लिए ओपीडी पर्ची कांउटर पुराने भवन में बनाया गया था, लेकिन बैट्रियों के ठप होने के बाद ओपीडी पर्ची के लिए इमरजेंसी कक्ष के बाहर ही काउंटर चलाया जा रहा है। मरीजों को ओपीडी पर्ची कटवाने के बाद उपचार के लिए पुराने भवन का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं, विशेषज्ञ के एक्स-रे के परामर्श के बाद दोबारा से नए भवन आना पड़ता है। प्रतिदिन करीब 1200 मरीज चक्कर काटने को विवश हैं। संवाद