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Charkhi Dadri News: छह भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी, बिना पैसे नहीं करते काम, कटवाते हैं चक्कर

Sat, 18 Jan 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 18 Jan 2025 12:23 AM IST
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Drinking water storage capacity of Jalghar will increase to 2400 lakh liters.
शहर के रामनगर जलघर में बना पेयजल भंडारण टैंक।
चरखी दादरी। चंपापुरी के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग ने रामनगर जलघर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। जलघर में इस समय दो पेयजल भंडारण टैंक हैं, जिनकी क्षमता 1200 लाख लीटर है। वहीं, अब विभाग यहां और नए टैंक बनाने जा रहा है। इसके बाद जलघर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़कर 2400 लाख लीटर हो जाएगी।
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रामनगर जलघर से सीधे तौर पर शहर के करीब 28 हजार लाग जुड़े हैं। नगर में 115 करोड़ की पेयजल परियोजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग विभिन्न कार्य करवा रहा है। शहर के दोनों जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता इसी के तहत बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा शहर में नई पेयजल लाइन भी डाली जानी हैं। जबकि जलघरों से शहर में बने बूस्टिंग स्टेशनों तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष लाइन भी डाली जाएगी।
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वहीं, शहर के लिए ही साथ लगते गांव घिकाड़ा में अपग्रेड किया जा रहा है और यहां दो भंडारण टैंक में से एक का काम 50 प्रतिशत पूरा हो गया है। मार्च तक दूसरे टैंक का काम भी पूरा हो जाएगा। घिकाड़ा जलघर में 200 एमएल क्षमता के दो बड़े टैंक बनने हैं। जलघर अपग्रेड होने से शहर में 35 प्रतिशत क्षेत्र में पेयजल सप्लाई होनी है। इसी प्रोजेक्ट के तहत शहर के मेन चंपापुरी जलघर में एक टैंक बनकर तैयार हो गया है। चंपापुरी जलघर की क्षमता बढ़कर 3600 लाख लीटर हो जाएगी। विभाग की योजना है कि 30 जून से पहले यह प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाए। चंपापुरी जलघर से 65 फीसदी और रामनगर जलघर से 35 फीसदी शहर में पेयजल आपूर्ति होती है।
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24 दिन में छोड़ा जाता है नहरों में पानी

शहर में एक दशक से पेयजल की समस्या बनी हुई है। गर्मी सीजन में तो हालात विकट बन जाते हैं। टैंकों की भंडारण क्षमता कम होने की वजह से यह दिक्कत बन रही है। पानी का संकट बना रहता है। नहरों में पानी 24 दिन में छोड़ा जाता है उससे पहले ही टैंक खाली हो जाते हैं। शहर की आबादी बढ़ने के साथ पानी की आपूर्ति में विस्तार नहीं किया गया है।

10 माह से चल रहा परियोजना पर काम
अब गत करीब 10 माह से विभाग ने 115 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर रखा है। जो पहले तो बारिश से बाधित हो गया था बाद में प्रदूषण की वजह से काम बंद हो गया था। घिकाड़ा जलघर का पानी भिवानी रोड पर दमकल कार्यालय के समीप व मेजबान पर प्रस्तावित बूस्टिंग स्टेशनों के जरिये शहर में सप्लाई होगा। इससे शहर में लोहारू रोड पर दोनों ओर बसी कॉलोनियों में पेयजल की आपूर्ति की जानी है।

विशेष लाइन में कनेक्शन नहीं कर सकेंगे लोग
दमकल कार्यालय के समीप बूस्टिंग निर्माण का कार्य जारी है। घिकाड़ा जलघर से इन बूस्टिंग तक मेन लाइन बिछाई जाएंगी। इस मेन लाइन में लोग घरेलू कनेक्शन नहीं कर सकेंगे। अब तक लोग बूस्टिंग स्टेशनों तक बिछा रखी लाइनों में अवैध कनेक्शन कर रखे हैं, इससे पर्याप्त मात्रा में पानी बूस्टिंग स्टेशनों तक नहीं पहुंच पाता।


रामनगर जलघर का काम हाल ही में शुरू कर दिया गया है। यहां दो और टैंक बनने हैं। इसी प्रकार चंपापुरी जलघर में एक टैंक बन चुका है और दूसरा मार्च तक पूरा हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पेयजल संकट से लोगों को विशेष राहत मिल सकेगी।

- धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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