{"_id":"6935dea4dc2d38a9580c8862","slug":"district-residents-should-be-prepared-to-face-drinking-water-crisis-even-in-winter-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1009-148513-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: सर्दी में भी पेयजल संकट झेलने को तैयार रहें जिलावासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: सर्दी में भी पेयजल संकट झेलने को तैयार रहें जिलावासी
Mon, 08 Dec 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 08 Dec 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
गांव ढाणी फोगाट स्थित जलघर का खाली पड़ा टैंक।
चरखी दादरी। दादरी जिलावासी अब सर्दी के सीजन में भी पेयजल संकट झेलने को तैयार रहें। सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ने की समयसारिणी में बदलाव कर दिया है। अब नहरों में 16 के बजाय 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा जबकि पहले 16 दिन बाद 16 दिन के लिए पानी छोड़ा जाता था। नई व्यवस्था के तहत जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरा जाना मुश्किल होगा।
जिले में नहरी पानी का समय-समय पर संकट ही बना रहता है। जिले के सभी जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है। जिले में माइनर, सब माइनर, डिस्ट्रीब्यूटरी व कैनाल की संख्या करीब 75 है। नई समयसारिणी 12 दिसंबर से लागू होने जा रही है। जिले की नहरों में 12 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा। इस समय अधिकतर जलघरों में पानी नहीं है। इस समय जिले को 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है।
मानसून सीजन में नहरों में लगातार तीन माह तक पानी चला था। अब यमुना व अन्य नदियों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। इस वजह से नहरों में पानी आपूर्ति की समयावधि बदली गई है। यह समयसारिणी 30 जून तक जारी रहने की संभावना है।
विज्ञापन
दादरी जिले में समय-समय पर पेयजल संकट बना रहता है। खासकर शहर में हालात ज्यादा खराब बने रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं। शहर में लोग प्राइवेट आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हो जाते हैं। सरकारी पेयजल सप्लाई का पानी का पीने लायक नहीं होने की वजह से अधिकतर लोगों ने अपने घरों में भी आरओ मशीन लगवा रखी है।
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। नहरों से ही जलघरों में पानी भरा जाता है। अब फिर से सिंचाई विभाग ने नहरी पानी की नई समयसारिणी बनाई है। अब नहरों में 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। 16 दिन पानी चलेगा। जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा,बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटी आदि से जलघरों में पानी डाला जाता है। कई नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
900 क्यूसेक पानी की है जरूरत
जिले की नहरों में मेन खुबडू़ हेड से पानी छोड़ा जाता है। इस समय 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है। पानी का भंडारण करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग स्टोरेज टैंकों की क्षमता भी बढ़ा रहा है। इस समय टैंकों में मुश्किल से 12 दिन का ही पानी स्टोरेज हो पाता है।
नहरी पानी की समयसारिणी में 12 दिसंबर से बदलाव होने जा रहा है। अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। जिले की नहरों में 12 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा।
-एसडीओ हरवीर सिंह, सिंचाई विभाग, दादरी।
विज्ञापन
जिले में नहरी पानी का समय-समय पर संकट ही बना रहता है। जिले के सभी जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है। जिले में माइनर, सब माइनर, डिस्ट्रीब्यूटरी व कैनाल की संख्या करीब 75 है। नई समयसारिणी 12 दिसंबर से लागू होने जा रही है। जिले की नहरों में 12 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा। इस समय अधिकतर जलघरों में पानी नहीं है। इस समय जिले को 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है।
विज्ञापन
मानसून सीजन में नहरों में लगातार तीन माह तक पानी चला था। अब यमुना व अन्य नदियों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। इस वजह से नहरों में पानी आपूर्ति की समयावधि बदली गई है। यह समयसारिणी 30 जून तक जारी रहने की संभावना है।
विज्ञापन
दादरी जिले में समय-समय पर पेयजल संकट बना रहता है। खासकर शहर में हालात ज्यादा खराब बने रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं। शहर में लोग प्राइवेट आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हो जाते हैं। सरकारी पेयजल सप्लाई का पानी का पीने लायक नहीं होने की वजह से अधिकतर लोगों ने अपने घरों में भी आरओ मशीन लगवा रखी है।
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। नहरों से ही जलघरों में पानी भरा जाता है। अब फिर से सिंचाई विभाग ने नहरी पानी की नई समयसारिणी बनाई है। अब नहरों में 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। 16 दिन पानी चलेगा। जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा,बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटी आदि से जलघरों में पानी डाला जाता है। कई नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
900 क्यूसेक पानी की है जरूरत
जिले की नहरों में मेन खुबडू़ हेड से पानी छोड़ा जाता है। इस समय 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है। पानी का भंडारण करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग स्टोरेज टैंकों की क्षमता भी बढ़ा रहा है। इस समय टैंकों में मुश्किल से 12 दिन का ही पानी स्टोरेज हो पाता है।
नहरी पानी की समयसारिणी में 12 दिसंबर से बदलाव होने जा रहा है। अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। जिले की नहरों में 12 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा।
-एसडीओ हरवीर सिंह, सिंचाई विभाग, दादरी।