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Charkhi Dadri News: सीएम की वार्ता से असंतुष्ट संयुक्त किसान मोर्चा के एक धड़े ने शुरू किया धरना
Fri, 25 Jul 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:55 PM IST
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बाढड़ा अनाज मंडी के समक्ष धरने पर बैठे किसान।
बाढड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2023 के लंबित फसल मुआवजे के बारे में संतोषजनक जवाब न देने पर धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को नौवें दिन भी धरना जारी रखा। वहीं, एक अन्य किसान संगठन ने सीएम की वार्ता पर भरोसा जताते हुए धरने से दूरी बनाए रखने की बात कही है। कस्बे के जुई रोड स्थित धरनारत किसान संगठनों ने खरीफ 2023 कपास बीमा क्लेम में 150 करोड़ रुपयों के घोटाले की जांच की मांग की। क्लेम प्राप्ति तक बाढड़ा में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने व लोहारू में अनिश्चितकालीन पड़ाव जारी रखने का निर्णय किया।
धरने की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान रणधीर कुंगड़, राज्य उपाध्यक्ष भूप सिंह कारी धारणी, एमएसपी यूनियन के ब्रह्मपाल बाढङा, सीटू नेता सुमेर सिंह, हवा सिंह हंसावास खुर्द ने की। धरने का संचालन रामपाल धारणी ने किया।
किसान सभा के संयुक्त सचिव डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कोई समयबद्ध आश्वासन नहीं दिया। इसके कारण किसान संगठनों को आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लेना पड़ा है।
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धरने में पूर्व चेयरमैन छैलूराम भोपाली, कप्तान रामफल सांगवान, सीटू जिलाध्यक्ष कमलेश भैरवी, संदीप डाडम, सीटू नेता सुमेर धारणी, ओमप्रकाश नंबरदार ,महीपाल भांडवा, राजकुमार घिकाड़ा, राजेंद्र बेरला, अमर सिंह कारी मोद, नसीब मोद, महीपाल किसानों ने भाग लिया।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा, नंबरदार एसोसिएशन अध्यक्ष राजबीर सिंह हंसावास व मास्टर विनोद मांढ़ी आदि ने बताया कि किसानों ने अपनी वाजिब मांगों के लिए धरना शुरु किया था। विधायक उमेद पातुवास के हस्तक्षेप के बाद सीएम के साथ बैठक तय की गई। दादरी विश्रामगृह में आयोजित बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी के साथ एक-एक कर सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा मिला है।
हरपाल सिंह भांडवा ने कहा कि सरकार पर भरोसा रखते हुए मौजूदा आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसमें सभी की सहमति है। कमेटी के दस में आठ सदस्य धरना खत्म करने पर सहमत थे। इसलिए अब आगामी समय तक कोई धरना नहीं होगा। हरपाल भांडवा ने कहा कि वह दूसरे संगठन की ओर से चलाए जा रहे धरने से दूरी बनाएंगे।
दूसरे पक्ष ने सीएम पर जताया भरोसा
वहीं, किसान संगठनों के दूसरे पक्ष ने अपने आपको अलग करते हुए कहा कि सीएम के आश्वासन से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से तय समय सीमा में मांगें पूरी होने की उम्मीद है। इसलिए उन्होंने धरना वापस लेने का निर्णय लिया है।
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धरने की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान रणधीर कुंगड़, राज्य उपाध्यक्ष भूप सिंह कारी धारणी, एमएसपी यूनियन के ब्रह्मपाल बाढङा, सीटू नेता सुमेर सिंह, हवा सिंह हंसावास खुर्द ने की। धरने का संचालन रामपाल धारणी ने किया।
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किसान सभा के संयुक्त सचिव डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कोई समयबद्ध आश्वासन नहीं दिया। इसके कारण किसान संगठनों को आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लेना पड़ा है।
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धरने में पूर्व चेयरमैन छैलूराम भोपाली, कप्तान रामफल सांगवान, सीटू जिलाध्यक्ष कमलेश भैरवी, संदीप डाडम, सीटू नेता सुमेर धारणी, ओमप्रकाश नंबरदार ,महीपाल भांडवा, राजकुमार घिकाड़ा, राजेंद्र बेरला, अमर सिंह कारी मोद, नसीब मोद, महीपाल किसानों ने भाग लिया।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा, नंबरदार एसोसिएशन अध्यक्ष राजबीर सिंह हंसावास व मास्टर विनोद मांढ़ी आदि ने बताया कि किसानों ने अपनी वाजिब मांगों के लिए धरना शुरु किया था। विधायक उमेद पातुवास के हस्तक्षेप के बाद सीएम के साथ बैठक तय की गई। दादरी विश्रामगृह में आयोजित बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी के साथ एक-एक कर सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा मिला है।
हरपाल सिंह भांडवा ने कहा कि सरकार पर भरोसा रखते हुए मौजूदा आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसमें सभी की सहमति है। कमेटी के दस में आठ सदस्य धरना खत्म करने पर सहमत थे। इसलिए अब आगामी समय तक कोई धरना नहीं होगा। हरपाल भांडवा ने कहा कि वह दूसरे संगठन की ओर से चलाए जा रहे धरने से दूरी बनाएंगे।
दूसरे पक्ष ने सीएम पर जताया भरोसा
वहीं, किसान संगठनों के दूसरे पक्ष ने अपने आपको अलग करते हुए कहा कि सीएम के आश्वासन से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से तय समय सीमा में मांगें पूरी होने की उम्मीद है। इसलिए उन्होंने धरना वापस लेने का निर्णय लिया है।