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Charkhi Dadri News: आर्यनगर राजकीय उच्च स्कूल में नौवीं और दसवीं कक्षा में दाखिले पर रोक, अभिभावकों में नाराजगी
Fri, 19 Jul 2024 05:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 19 Jul 2024 05:57 AM IST
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गांव आर्यनगर में राजकीय उच्च विद्यालय बंद करने के विरोध में रोष प्रकट करते अभिभावक।
बाढड़ा। गांव आर्यनगर स्थित राजकीय उच्च स्कूल में छात्र संख्या कम होने के कारण नौंवी व दसवीं कक्षा में दाखिलों पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है। इस फैसले से ग्रामीणों में रोष है। वीरवार को मौजिज लोगों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त व डीईओ से मिला और ज्ञापन सौंपकर इस फैसले को वापस लेने व स्कूल में नौवीं व दसवीं कक्षा में दाखिला शुरू करने की मांग की।
बाढड़ा खंड शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में स्कूल मुखिया के नाम पत्र जारी किया है जिसमें निदेशालय के आदेश का हवाला देते हुए कम छात्र संख्या के चलते आर्यनगर राजकीय स्कूल में नौवीं और दसवीं कक्षा में दाखिला न करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र जारी होने के बाद से ही ग्रामीणों में इस फैसले को लेकर नाराजगी बनी हुई है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो तीन साल बीतने के बाद भी छात्र संख्या न बढ़ने पर विभाग को मजबूरीवश से फैसला लेना पड़ा है।
सरपंच संदीप कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, पूर्व सरपंच संत कुमार, हरि सिंह, होशियार, अजीत सिंह, नवीन कुमार, प्रवीण कुमार, नरेंद्र ने डीसी व डीईओ को दिए ज्ञापन में बताया कि स्कूल में दो साल पहले की छात्र संख्या के आधार पर दो कक्षाओं का दाखिला बंद कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है जिसे किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। गांव से पांच किलोमीटर के दायरे में कोई स्कूल नहीं है और आवागमन के लिए भी कोई सुविधा नहीं है।
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ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि स्कूल का परीक्षा परिणाम भी बेहतरीन आ रहा है। विभाग अलग -अलग सुविधाओं के लिए बार- बार बजट भी जारी कर रहा है। ग्रामीणों ने उपायुक्त मनदीप कौर को सारी स्थिति से अवगत करवाया तो उपायुक्त ने मौके पर ही शिक्षा विभाग अधिकारी को बुलाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आदेश दिया। विभाग अधिकारियों ने शिक्षा निदेशालय को मांग-पत्र भेजने का भरोसा दिया है।
- नौवीं में 10 तो दसवीं में 8 विद्यार्थी
इस समय उच्च विद्यालय में नौवीं कक्षा में 10 व दसवीं कक्षा में आठ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जबकि उनको पढ़ाई के लिए 7 शिक्षकों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर नौंवी व दसवीं कक्षा में दाखिला बंद कर दिया जो सरासर गलत है। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को साथ लगते गांवों के स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
- बीईओ ने 11 जुलाई को जारी किया पत्र
11 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ने आर्यनगर राजकीय उच्च स्कूल के मुख्य अध्यापक को पत्र भेजकर मौजूदा सत्र में नौंवी व दसवीं कक्षा के दाखिले नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के आदेश पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। वहीं, विभाग का तर्क है कि पिछले तीन वर्षों में छात्र संख्या न बढ़ने पर विभाग ने इंतजार के बाद यह कदम उठाया है।
हमने उच्च अधिकारियों के आदेश का पालन किया है। यह स्कूल मेरे आने से पहले का ही मर्ज है। हमने आज डीईओ चरखी दादरी को पत्र लिखकर जानकारी दी है। - जलकरण, खंड शिक्षा अधिकारी, बाढड़ा।
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बाढड़ा खंड शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में स्कूल मुखिया के नाम पत्र जारी किया है जिसमें निदेशालय के आदेश का हवाला देते हुए कम छात्र संख्या के चलते आर्यनगर राजकीय स्कूल में नौवीं और दसवीं कक्षा में दाखिला न करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र जारी होने के बाद से ही ग्रामीणों में इस फैसले को लेकर नाराजगी बनी हुई है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो तीन साल बीतने के बाद भी छात्र संख्या न बढ़ने पर विभाग को मजबूरीवश से फैसला लेना पड़ा है।
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सरपंच संदीप कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, पूर्व सरपंच संत कुमार, हरि सिंह, होशियार, अजीत सिंह, नवीन कुमार, प्रवीण कुमार, नरेंद्र ने डीसी व डीईओ को दिए ज्ञापन में बताया कि स्कूल में दो साल पहले की छात्र संख्या के आधार पर दो कक्षाओं का दाखिला बंद कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है जिसे किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। गांव से पांच किलोमीटर के दायरे में कोई स्कूल नहीं है और आवागमन के लिए भी कोई सुविधा नहीं है।
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ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि स्कूल का परीक्षा परिणाम भी बेहतरीन आ रहा है। विभाग अलग -अलग सुविधाओं के लिए बार- बार बजट भी जारी कर रहा है। ग्रामीणों ने उपायुक्त मनदीप कौर को सारी स्थिति से अवगत करवाया तो उपायुक्त ने मौके पर ही शिक्षा विभाग अधिकारी को बुलाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आदेश दिया। विभाग अधिकारियों ने शिक्षा निदेशालय को मांग-पत्र भेजने का भरोसा दिया है।
- नौवीं में 10 तो दसवीं में 8 विद्यार्थी
इस समय उच्च विद्यालय में नौवीं कक्षा में 10 व दसवीं कक्षा में आठ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जबकि उनको पढ़ाई के लिए 7 शिक्षकों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने छात्र संख्या कम होने का हवाला देकर नौंवी व दसवीं कक्षा में दाखिला बंद कर दिया जो सरासर गलत है। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को साथ लगते गांवों के स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
- बीईओ ने 11 जुलाई को जारी किया पत्र
11 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ने आर्यनगर राजकीय उच्च स्कूल के मुख्य अध्यापक को पत्र भेजकर मौजूदा सत्र में नौंवी व दसवीं कक्षा के दाखिले नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के आदेश पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। वहीं, विभाग का तर्क है कि पिछले तीन वर्षों में छात्र संख्या न बढ़ने पर विभाग ने इंतजार के बाद यह कदम उठाया है।
हमने उच्च अधिकारियों के आदेश का पालन किया है। यह स्कूल मेरे आने से पहले का ही मर्ज है। हमने आज डीईओ चरखी दादरी को पत्र लिखकर जानकारी दी है। - जलकरण, खंड शिक्षा अधिकारी, बाढड़ा।