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Charkhi Dadri News: 82 स्कूलों में होगी डिजिटल पढ़ाई, 58 में नहीं रहेगी इंटरनेट और बिजली समस्या
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चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब इंटरनेट और बिजली आपूर्ति के व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन दोनों मदों के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग को विशेष बजट जारी कर दिया है। इसके तहत दादरी जिले में 58 राजकीय स्कूल कवर होंगे। बजट मिलने के बाद अब इन स्कूलों में इंटरनेट व पावर सप्लाई सुचारु रहेगी। प्रति स्कूल शिक्षा विभाग को 31 हजार 400 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जिले के 82 स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने के प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति मिल गई है।
सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष बजट से जिले के विभिन्न स्कूलों में इंटरनेट सुविधा समेत बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए बैटरी की व्यवस्था की जानी है। इससे विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों को भी इंटरनेट या बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस समय दोनों समस्याओं के चलते राजकीय स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या को देखते हुए ही विभाग ने सरकार के पास बजट संबंधी डिमांड भेजी थी जो अब जाकर पूरी हुई है।
बता दें कि आजकल सभी विभागों में सारा काम ऑनलाइन हो रहा है जबकि अब तक स्कूलों में बिजली की सुविधा कम ही है। स्कूल मुखियाओं को डाटा व हैड ऑफिस के पत्रों के जवाब भेजने में इसके चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो मुखिया पैसा खर्च कर यह काम निपटाते हैं। स्कूलों में बिजली की समस्या बड़ा विषय है। गत कांग्रेस राज में स्कूलों में एजुसेट सिस्टम भी लगाए गए थे जो बिजली व इंटरनेट की सुविधा के अभाव में नकारा पड़े हैं। एजुसेट सिस्टम पर सरकार ने करोड़ों का बजट खर्च किया था।
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टैब का भी हो चुका वितरण
सरकार ने पिछले दिनों छात्रों को टेबलेट भी बांटे हैं लेकिन इनका उपयोग भी योजना के अनुसार नहीं हो रहा है। शिक्षकों को भी टैबलेट दिए गए हैं ताकि विषम परिस्थितियों में ऑनलाइन शिक्षण में बाधा न आए। छात्रों की पढ़ाई जारी रह सके।
एक साल के लिए मिला है बजट
अब सरकार ने जिले के 58 स्कूलों में इंटरनेट व पावर सप्लाई के लिए बजट जारी कर दिया है। प्रति स्कूल 31 हजार 400 रुपये का बजट खर्च किया जाना है। इसके तहत बैटरी व अन्य उपकरणों की व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति को ठीक करना है। यह बजट एक साल का मिला है।
82 स्कूलों में अब हो सकेगी डिजिटल पढ़ाई
इसी प्रकार 82 स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने को भी स्वीकृति मिल गई है। इन स्कूलों में विशेषकर हाई, व सीनियर सेकेंडरी के अलावा मॉडल संस्कृति स्कूल भी शामिल हैं। यह काम अब जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। डिजिटल बोर्ड पर छात्रों को शिक्षण में आसानी होगी और चाक आदि की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
इन मदों के लिए बजट जारी हो गया है। जल्द ही स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, इंटरनेट व बिजली आपूर्ति की व्यवस्था हो जाएगी। छात्रों व शिक्षकों को शिक्षण में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी। विभाग शिक्षा की गुणवत्ता पर तेजी से काम कर रहा है।
जलधीर सिंह कलकल, डीपीसी
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सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष बजट से जिले के विभिन्न स्कूलों में इंटरनेट सुविधा समेत बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए बैटरी की व्यवस्था की जानी है। इससे विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों को भी इंटरनेट या बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस समय दोनों समस्याओं के चलते राजकीय स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या को देखते हुए ही विभाग ने सरकार के पास बजट संबंधी डिमांड भेजी थी जो अब जाकर पूरी हुई है।
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बता दें कि आजकल सभी विभागों में सारा काम ऑनलाइन हो रहा है जबकि अब तक स्कूलों में बिजली की सुविधा कम ही है। स्कूल मुखियाओं को डाटा व हैड ऑफिस के पत्रों के जवाब भेजने में इसके चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो मुखिया पैसा खर्च कर यह काम निपटाते हैं। स्कूलों में बिजली की समस्या बड़ा विषय है। गत कांग्रेस राज में स्कूलों में एजुसेट सिस्टम भी लगाए गए थे जो बिजली व इंटरनेट की सुविधा के अभाव में नकारा पड़े हैं। एजुसेट सिस्टम पर सरकार ने करोड़ों का बजट खर्च किया था।
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टैब का भी हो चुका वितरण
सरकार ने पिछले दिनों छात्रों को टेबलेट भी बांटे हैं लेकिन इनका उपयोग भी योजना के अनुसार नहीं हो रहा है। शिक्षकों को भी टैबलेट दिए गए हैं ताकि विषम परिस्थितियों में ऑनलाइन शिक्षण में बाधा न आए। छात्रों की पढ़ाई जारी रह सके।
एक साल के लिए मिला है बजट
अब सरकार ने जिले के 58 स्कूलों में इंटरनेट व पावर सप्लाई के लिए बजट जारी कर दिया है। प्रति स्कूल 31 हजार 400 रुपये का बजट खर्च किया जाना है। इसके तहत बैटरी व अन्य उपकरणों की व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति को ठीक करना है। यह बजट एक साल का मिला है।
82 स्कूलों में अब हो सकेगी डिजिटल पढ़ाई
इसी प्रकार 82 स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने को भी स्वीकृति मिल गई है। इन स्कूलों में विशेषकर हाई, व सीनियर सेकेंडरी के अलावा मॉडल संस्कृति स्कूल भी शामिल हैं। यह काम अब जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। डिजिटल बोर्ड पर छात्रों को शिक्षण में आसानी होगी और चाक आदि की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
इन मदों के लिए बजट जारी हो गया है। जल्द ही स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, इंटरनेट व बिजली आपूर्ति की व्यवस्था हो जाएगी। छात्रों व शिक्षकों को शिक्षण में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी। विभाग शिक्षा की गुणवत्ता पर तेजी से काम कर रहा है।
जलधीर सिंह कलकल, डीपीसी