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Dadri: ध्यानचंद अवार्डी सज्जन सिंह पंचतत्व में विलीन, रोम ओलंपिक में किया था देश का प्रतिनिधित्व
Sat, 18 Nov 2023 04:20 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 18 Nov 2023 04:20 PM IST
सार
पहलवान सज्जन सिंह ने कई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1960 में रोम ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सातवां स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार इंडोनेशिया में 1962 में एशियन गेम्स में उन्होंने दो रजत पदक, 1966 के एशियन गेम्स में कांस्य, 1970 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक प्राप्त किया।
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पहलवान सज्जन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चरखी दादरी जिला के समसपुर निवासी एवं ध्यानचंद अवार्डी पहलवान सज्जन सिंह फौगाट का लगभग 90 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। गांव में ही पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उपायुक्त मनदीप कौर ने पुष्पचक्र के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. जयेंद्र सिंह व एसडीएम नवीन कुमार ने भी उन्हें पुष्प चक्र अर्पित किए। पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
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उनके पुत्र कृष्ण फौगाट ने बताया कि सज्जन सिंह का जन्म 28 जुलाई 1933 को हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा भागवी गांव से हुई। आठवीं तक उन्होंने रावलधी और उसके बाद दादरी के स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद 1951 में वे सिपाही के पद पर सेना में भर्ती हो गए। स्कूली समय में वो कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी रहे। लेकिन सेना में भर्ती होने के बाद उच्रा अधिकारी के कहने पर उन्होंने कुश्ती को अपनाया।
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सज्जन सिंह ने कई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1960 में रोम ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सातवां स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार इंडोनेशिया में 1962 में एशियन गेम्स में उन्होंने दो रजत पदक, 1966 के एशियन गेम्स में कांस्य, 1970 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक प्राप्त किया। उन्होंने 1965, 1967 व 1970 में वर्ल्ड रेसलिंग में देश का प्रतिनिधित्व भी किया। वर्ष 1979 में कटक में उन्हें रूस्तमे हिंद का खिताब हासिल हुआ और 1973 में उन्होंने सेना से सेवानिवृति ली।
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साई में कोच के पद भी रहे तैनात
सज्जन सिंह ने वर्ष 1979 में कुश्ती को अलविदा कहा और 1989 में वे साई के कोच बने। सज्जन सिंह को 13 नवंबर 2021 को राष्ट्रपति के हाथों से ध्यानचंद अवार्ड प्राप्त हुआ था।