{"_id":"61a3d27081826851c65090b1","slug":"department-will-put-15-km-long-drinking-water-line-in-the-city-proposal-sent-to-headquarters-charkhidadri-news-hsr618079011","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में 15 किमी लंबी पेयजल लाइन डालेगा विभाग, मुख्यालय भेजा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में 15 किमी लंबी पेयजल लाइन डालेगा विभाग, मुख्यालय भेजा प्रस्ताव
विज्ञापन
पेयजल लाइन लीकेज से व्यर्थ बहता पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर में 45 साल पुरानी पेयजल लाइन बदलकर विभाग शहरवासियों को दूषित पेयजल आपूर्ति से निजात दिलाएगा। इसके लिए विभाग शहर में 15 किलोमीटर लंबी नई पेयजल लाइन बिछाएगा। इसका प्रोजेक्ट को एस्टीमेट तैयार कर विभाग मुख्यालय भेज दिया है।
शहर में जर्जर पेयजल लाइन विभाग व शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हे। ये लाइनें कई भागों में सीवर की लाइनों से कनेक्ट है, जिससे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। लाइन जर्जर होने की वजह से बार-बार रिसाव भी कर रही है, जिनको ठीक करना भी आसान नहीं होता है।
शहर में हर साल आवासीय बस्ती भी बढ़ रही है। ऐसे में पेयजल लाइनों के बिछाए जाने की भी सख्त जरूरत है। हर साल शहर में औसत 500 नए मकान बन जाते हैं। इन लोगों को काफी दूरी से अपने स्तर पर पानी की छोटी लाइनों के जरिये व्यवस्था करनी पड़ती है उसमें भी पानी का प्रेशर नहीं बन जाता है। इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने विशेष योजना तैयार कर की। इस योजना के तहत शहर में 15 किलोमीटर लंबी में नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके लिए विभाग ने प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट को जल्दी मंजूर करने की जरूरत है। पेयजल लाइनों पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है।
विज्ञापन
वर्जन::
विभाग ने यह प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इसे पूरा करने का काम पूरा शुरू करवा दिया जाएगा। जर्जर लाइनों को बदला जाएगा। शहर में पानी की क्षमता बढ़ाने पर भी विभाग काम कर रहा है।
दलबीर दलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
शहर में जर्जर पेयजल लाइन विभाग व शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हे। ये लाइनें कई भागों में सीवर की लाइनों से कनेक्ट है, जिससे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। लाइन जर्जर होने की वजह से बार-बार रिसाव भी कर रही है, जिनको ठीक करना भी आसान नहीं होता है।
विज्ञापन
शहर में हर साल आवासीय बस्ती भी बढ़ रही है। ऐसे में पेयजल लाइनों के बिछाए जाने की भी सख्त जरूरत है। हर साल शहर में औसत 500 नए मकान बन जाते हैं। इन लोगों को काफी दूरी से अपने स्तर पर पानी की छोटी लाइनों के जरिये व्यवस्था करनी पड़ती है उसमें भी पानी का प्रेशर नहीं बन जाता है। इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने विशेष योजना तैयार कर की। इस योजना के तहत शहर में 15 किलोमीटर लंबी में नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके लिए विभाग ने प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट को जल्दी मंजूर करने की जरूरत है। पेयजल लाइनों पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है।
विज्ञापन
वर्जन::
विभाग ने यह प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इसे पूरा करने का काम पूरा शुरू करवा दिया जाएगा। जर्जर लाइनों को बदला जाएगा। शहर में पानी की क्षमता बढ़ाने पर भी विभाग काम कर रहा है।
दलबीर दलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग