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खोली गई नई खेल नर्सरियों का विभाग करेगा दोबारा भौतिक सत्यापन
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चरखी दादरी बलिदान स्टेडियम में खेल नर्सरी व अभ्यास करते खिलाड़ी
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। खेल विभाग कुुछ दिन पहले खोली गई नई खेल नर्सरियां की अब दोबारा भौतिक सत्यापन करेगा। उसके बाद ही इनमें खेल अभ्यास शुरू हो सकेगा। जिला में 30 खेल नर्सरियां खोली गई हैं। विभाग 12 उन खेल नर्सरियों की दोबारा जांच करेगा जो प्राइवेट स्कूल, एकेडमी व अन्य शिक्षण संस्थाओं में अलॉट की गई हैं। इनमें खेल मैदान व अन्य खेल सुविधाओं का फिर से आकलन किया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से खासकर प्राइवेट नर्सरियों में कोच की तैनाती को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इन नर्सरियों में नॉमर्स के अनुरूप खेल सुविधाएं नहीं मिलने पर नर्सरी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को खेल का अभ्यास कराया जाएगा।
करीब ढाई साल के बाद सरकार व खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियां खोली गई हैं। इन खेल नर्सरियों के लिए गत मार्च माह में प्राइवेट व सरकारी शिक्षण संस्थाओं से आवेदन मांगे गए थे। जिन शिक्षण संस्थाओं ने मापदंड पूरे किए उनको नर्सरी अलॉट कर दी गई हैं। कई नर्सरियों में तो दाखिले के लिए खिलाड़ियों की ट्रायल पूरी हो चुके हैं।
-विभाग के पास हैं 18 कोच
विभाग के पास एथलीट, कुश्ती, वालीबॉल, बैडमिंटन, रेस, कबड्डी खेलों के 18 सरकारी कोच तैनात है। ये कोच केवल सरकारी खेल स्टेडियमों व सरकारी शिक्षण संस्थाओं की खेल नर्सरियों में खेल अभ्यास करवाते हैं। प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में कोच की तैनाती को लेकर अभी स्पष्ट रूप से निर्देश नहीं आए हैं। कोच के वेतन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कोच की तैनाती जिला खेल अधिकारी की स्वीकृति एवं संस्तुति पर ही हो सकेगी।
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कोच के लिए एनआईएस योग्यता
इन नर्सरियों में कोच के लिए एनआईएस डिग्री का होना जरूरी है। एनआईएस के अलावा इंटरनेशनल खिलाड़ी या नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को कोच के पद पर तैनात किया जा सकेगा। जिला में कबड्डी, हॉकी, वालीबॉल, बैडमिंटन व कुश्ती के ज्यादा मात्रा में खिलाड़ी हैं। जिला में छह राजीव गांधी खेल स्टेडियम व करीब 12 मिनी स्टेडियम भी हैं जिनमेें सुबह-शाम खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों को आयु ग्रुप के हिसाब से डाइट भत्ता सरकार की ओर से दिया जाता है। सरकार ने खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी पिछले दिनों शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
पिछले दिनों खेल मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए हैं इन खेल नर्सरियों का भौतिकी सत्यापन फिर से किया जाए। सभी मापदंड पूरेे नहीं करवाने वाली नर्सरियों की मान्यता रद्द की जा सकती है। कोच तैनाती को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
- प्रीतम, जिला खेल अधिकारी
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करीब ढाई साल के बाद सरकार व खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियां खोली गई हैं। इन खेल नर्सरियों के लिए गत मार्च माह में प्राइवेट व सरकारी शिक्षण संस्थाओं से आवेदन मांगे गए थे। जिन शिक्षण संस्थाओं ने मापदंड पूरे किए उनको नर्सरी अलॉट कर दी गई हैं। कई नर्सरियों में तो दाखिले के लिए खिलाड़ियों की ट्रायल पूरी हो चुके हैं।
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-विभाग के पास हैं 18 कोच
विभाग के पास एथलीट, कुश्ती, वालीबॉल, बैडमिंटन, रेस, कबड्डी खेलों के 18 सरकारी कोच तैनात है। ये कोच केवल सरकारी खेल स्टेडियमों व सरकारी शिक्षण संस्थाओं की खेल नर्सरियों में खेल अभ्यास करवाते हैं। प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में कोच की तैनाती को लेकर अभी स्पष्ट रूप से निर्देश नहीं आए हैं। कोच के वेतन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कोच की तैनाती जिला खेल अधिकारी की स्वीकृति एवं संस्तुति पर ही हो सकेगी।
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कोच के लिए एनआईएस योग्यता
इन नर्सरियों में कोच के लिए एनआईएस डिग्री का होना जरूरी है। एनआईएस के अलावा इंटरनेशनल खिलाड़ी या नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को कोच के पद पर तैनात किया जा सकेगा। जिला में कबड्डी, हॉकी, वालीबॉल, बैडमिंटन व कुश्ती के ज्यादा मात्रा में खिलाड़ी हैं। जिला में छह राजीव गांधी खेल स्टेडियम व करीब 12 मिनी स्टेडियम भी हैं जिनमेें सुबह-शाम खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों को आयु ग्रुप के हिसाब से डाइट भत्ता सरकार की ओर से दिया जाता है। सरकार ने खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी पिछले दिनों शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
पिछले दिनों खेल मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए हैं इन खेल नर्सरियों का भौतिकी सत्यापन फिर से किया जाए। सभी मापदंड पूरेे नहीं करवाने वाली नर्सरियों की मान्यता रद्द की जा सकती है। कोच तैनाती को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
- प्रीतम, जिला खेल अधिकारी