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हर दूसरे दिन मिल रहा डेंगू मरीज, एससीएस में बनेगा दूसरा आइसोलेशन वार्ड
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शहर में कॉलोनी की सड़क पर भरा पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले में डेंगू का प्रकोप जारी है और पिछले एक माह से लगातार डेंगू संक्रमित केस मिल रहे हैं। रविवार को जिले में आठ डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, पिछले दो माह की अगर बात करें तो हर दूसरे दिन एक डेंगू संक्रमित केस अब तक मिला है। संक्रमितों की बढ़ती तादाद को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक और आइसोलेशन वार्ड तैयार करने का निर्णय लिया है। दूसरा आइसोलेशन वार्ड एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में तैयार किया जाएगा और यहां 14 बेड की सुविधा होगी। फिलहाल जिले में पंद्रह डेंगू केस सक्रिय हैं और ज्यादातर निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पिछले सालों की तुलना में इस बार भी गांवों के मुकाबले शहर में डेंगू का अधिक प्रकोप है। इसका कारण मानसून की बारिश के दौरान शहर में बनी जलभराव की स्थिति भी मानी जा रही है। शहर के तीन क्षेत्रों में तो अब तक बारिश का पानी भरा हुआ है। हालांकि इसके बावजूद डेंगू संक्रमितों की संख्या एमसी कॉलोनी में अधिक है। अब तक जिले में 67 डेंगू संक्रमित मिले हैं। हालांकि शहर में जहां डेंगू संक्रमित मिले हैं उनकी संख्या नगर परिषद को भेजी जा चुकी है और नप टीमें वहां नियमित पहुंचकर फोगिंग कर रही हैं। पिछले दो माह की अगर बात करें तो हर दूसरे दिन एक डेंगू संक्रमित केस अब तक मिला है। डेंगू के प्रकोप से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया था। वहां केवल डेंगू संक्रमितों को ही रखने की व्यवस्था है। अब विभाग ने मातृ-शिशु अस्पताल में भी एक आइसोलेशल वार्ड तैयार करने का निर्णय लिया है। इस वार्ड में 14 बेड की सुविधा होगी।
80 हजार कूलर और 67 हजार फ्रिज की जांच कर चुकी टीम
इस साल की स्वास्थ्य विभाग की टीमों को 740 प्रतिष्ठानों में लारवा मिला है और इन सबको नोटिस दिए गए हैं। 740 में 17 नोटिस नगर परिषद और बाकी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए गए हैं। इस साल अब तक टीमें चार लाख 75 हजार जगहों की जांच कर चुकी हैं। टीमों ने 80 हजार कूलर, दो लाख 13 हजार पानी की टंकी, 86 हजार होद और 67 हजार फ्रिज की जांच की है।
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दूसरा आइसोलेशन वार्ड बनने के बाद होगी 28 बेड की सुविधा
डेंगू संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड सिविल अस्पताल में जबकि दूसरा अब बनाने की तैयारी है। दूसरा वार्ड एक सप्ताह में तैयार होने की उम्मीद है और इसके बाद डेंगू संक्रमितों के लिए दो आइसोलेशन वार्ड में 28 बेड की व्यवस्था हो जाएगी। इन वार्डों में केवल डेंगू संक्रमितों को ही भर्ती किया जाएगा।
ये हैं डेंगू के लक्षण
सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द होना, मिचली आना, उल्टी, हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द होना आदि डेंगू के लक्षण हैं। अगर समय पर सही उपचार न मिले तो मरीज की मौत तक हो सकती है।
ये बरतें सावधानियां
- घर में बर्तनों या आस-पास कई दिनों तक पानी न भरा रहने दें।
- बुखार या लक्षण नजर आते ही तुरंत उपचार करवाएं।
- कूलर, फ्रिज और टंकियों की नियमित अंतराल पर सफाई करें।
- सर्दी लगने या ठंड के साथ बुखार आने पर तुरंत खून की जांच करवाएं।
वर्जन::
डेंगू संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड इस समय सिविल अस्पताल में जबकि दूसरा हम जल्द एमसीएच में तैयार कर देंगे। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूसरा वार्ड तैयार करने की योजना पर हमने काम शुरू कर दिया है और इसके बाद डेंगू संक्रमितों के लिए दो वार्ड में 28 बेड की सुविधा हो जाएगी।
डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ
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पिछले सालों की तुलना में इस बार भी गांवों के मुकाबले शहर में डेंगू का अधिक प्रकोप है। इसका कारण मानसून की बारिश के दौरान शहर में बनी जलभराव की स्थिति भी मानी जा रही है। शहर के तीन क्षेत्रों में तो अब तक बारिश का पानी भरा हुआ है। हालांकि इसके बावजूद डेंगू संक्रमितों की संख्या एमसी कॉलोनी में अधिक है। अब तक जिले में 67 डेंगू संक्रमित मिले हैं। हालांकि शहर में जहां डेंगू संक्रमित मिले हैं उनकी संख्या नगर परिषद को भेजी जा चुकी है और नप टीमें वहां नियमित पहुंचकर फोगिंग कर रही हैं। पिछले दो माह की अगर बात करें तो हर दूसरे दिन एक डेंगू संक्रमित केस अब तक मिला है। डेंगू के प्रकोप से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया था। वहां केवल डेंगू संक्रमितों को ही रखने की व्यवस्था है। अब विभाग ने मातृ-शिशु अस्पताल में भी एक आइसोलेशल वार्ड तैयार करने का निर्णय लिया है। इस वार्ड में 14 बेड की सुविधा होगी।
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80 हजार कूलर और 67 हजार फ्रिज की जांच कर चुकी टीम
इस साल की स्वास्थ्य विभाग की टीमों को 740 प्रतिष्ठानों में लारवा मिला है और इन सबको नोटिस दिए गए हैं। 740 में 17 नोटिस नगर परिषद और बाकी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए गए हैं। इस साल अब तक टीमें चार लाख 75 हजार जगहों की जांच कर चुकी हैं। टीमों ने 80 हजार कूलर, दो लाख 13 हजार पानी की टंकी, 86 हजार होद और 67 हजार फ्रिज की जांच की है।
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दूसरा आइसोलेशन वार्ड बनने के बाद होगी 28 बेड की सुविधा
डेंगू संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड सिविल अस्पताल में जबकि दूसरा अब बनाने की तैयारी है। दूसरा वार्ड एक सप्ताह में तैयार होने की उम्मीद है और इसके बाद डेंगू संक्रमितों के लिए दो आइसोलेशन वार्ड में 28 बेड की व्यवस्था हो जाएगी। इन वार्डों में केवल डेंगू संक्रमितों को ही भर्ती किया जाएगा।
ये हैं डेंगू के लक्षण
सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द होना, मिचली आना, उल्टी, हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द होना आदि डेंगू के लक्षण हैं। अगर समय पर सही उपचार न मिले तो मरीज की मौत तक हो सकती है।
ये बरतें सावधानियां
- घर में बर्तनों या आस-पास कई दिनों तक पानी न भरा रहने दें।
- बुखार या लक्षण नजर आते ही तुरंत उपचार करवाएं।
- कूलर, फ्रिज और टंकियों की नियमित अंतराल पर सफाई करें।
- सर्दी लगने या ठंड के साथ बुखार आने पर तुरंत खून की जांच करवाएं।
वर्जन::
डेंगू संक्रमितों के लिए एक आइसोलेशन वार्ड इस समय सिविल अस्पताल में जबकि दूसरा हम जल्द एमसीएच में तैयार कर देंगे। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूसरा वार्ड तैयार करने की योजना पर हमने काम शुरू कर दिया है और इसके बाद डेंगू संक्रमितों के लिए दो वार्ड में 28 बेड की सुविधा हो जाएगी।
डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ