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डेंगू का डंक ढहा रहा कहर, 266 लोग बन चुके शिकार
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आर लारवा मिलने पर घर में रखी पानी की टंकी खाली करती टीम।
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। डेंगू के डंक जिले में लोगों पर कहर बरपा रहा है। इस सीजन की बात करें तो अब तक 266 लोग शिकार बन चुके हैं। हालांकि गत वर्ष के मुकाबले डेंगू संक्रमितों की संख्या आधी ही है। राहत की एक बात यह भी है कि अब तक जिले में किसी डेंगू संक्रमित की मौत हुई नहीं है। अब तक दादरी अर्बन में 142 और गांवों में 124 केस मिल चुके हैं। अब तक मिले संक्रमितों के आंकड़े पर नजर डाले तो 16 से 45 वर्ष उम्र के 195 लोग और 6 से 15 वर्ष के 52 बच्चे डेंगू की चपेट में आए हैं।
जिले में सितंबर से डेंगू केस सामने आ रहे हैं। अकेले सितंबर की बात करें तो डेंगू संक्रमितों की संख्या 35 थी जो अक्तूबर में बढ़कर 126 पहुंच गई। नवंबर में डेंगू के लगातार केस मिल रहे हैं। पिछले 19 दिनों की अगर बात करें तो करीब 140 के सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू के केस बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क जोन की संख्या 140 कर दी है। शहर की बात करें तो 80 और गांवों में 60 हाई रिस्क जोन हैं। शहरी क्षेत्र में दो बार फॉगिंग हो चुकी है जबकि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग नहीं हो पाई है।
गत वर्ष भी डेंगू और मलेरिया ने सितंबर से नवंबर तक कहर बरपाया था। उसी तर्ज पर इस साल भी डेंगू केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 100 दिनों में 266 केस सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल सैंपलिंग भी अधिक हुई है और यह भी डेंगू के ज्यादा केस मिलने का कारण है। पिछले सीजन में जिले के अंदर मलेरिया के 654 केस मिले थे।
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- अर्बन दादरी में मिले हैं ज्यादा केस
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया घोषित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दादरी अर्बन में 142 और गांवों में 124 डेंगू केस पाए गए हैं। सबसे कम डेंगू केस रानीला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले गांवों में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर एंटी लारवा एक्टिविटी को गति दे दी गई है।
टीमें 1.41 लाख मकानों की कर चुकी विजिट
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एंटी लारवा एक्टिविटी के तहत इस साल 1.41 लाख मकानों की 4 से 5 बार विजिट की हैं। निरीक्षण के दौरान लारवा मिलने पर विभाग ने करीब 1500 लोगों को नोटिस दिए हैं और उनके घरों के बर्तनों में भरे पानी को भी खाली कराया गया है।
195 तालाबों में विभाग डलवा चुका गुंबजिया मछली
जिले में कुल 274 तालाब हैं। इनमें से 195 तालाबों में स्वास्थ्य विभाग गुंबजिया मछली डाल चुका है जबकि बाकी तालाब अभी कवर किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में विभाग की ओर से कालरा तेल डलवाने के साथ फॉगिंग भी करवाई गई है।
रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं ये प्रयास
विभाग डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्टॉक में मौजूद 100 लीटर पारेथम ऑयल पेस्ट का स्प्रे में प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा तालाबों में गंबूजिया मछली डाली गई हैं। टीमें लारवा मिलने पर बर्तन को खाली करवा रही हैं और मकान मालिक को नोटिस दे रही हैं।
जानिये... किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने डेंगू केस आए सामने
क्षेत्र - डेंगू केस
अर्बन दादरी- 142
झोझू सीएचसी- 46
संतोकपुरा पीएचसी- 7
बलकरा पीएचसी- 21
माई कलां पीएचसी- 5
मानकावास पीएचसी- 3
बौंदकलां सीएचसी- 4
अचीना पीएचसी- 5
सांवड़ पीएचसी-13
रानीला पीएचसी-1
इमलोटा पीएचसी-6
गोपी सीएचसी-3
बाढड़ा पीएचसी-2
हड़ौदी पीएचसी-2
छपार पीएचसी-4
कादमा पीएचसी-2
डेंगू के अब तक 266 केस मिल चुके हैं। इसके मद्देनजर 106 कर्मचारियों और 22 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। टीमें लगातार सैंपल ले रही हैं और इस सीजन में किसी भी डेंगू संक्रमित की मौत नहीं हुई है।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, डेंगू एव मलेरिया नोडल अधिकारी
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जिले में सितंबर से डेंगू केस सामने आ रहे हैं। अकेले सितंबर की बात करें तो डेंगू संक्रमितों की संख्या 35 थी जो अक्तूबर में बढ़कर 126 पहुंच गई। नवंबर में डेंगू के लगातार केस मिल रहे हैं। पिछले 19 दिनों की अगर बात करें तो करीब 140 के सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू के केस बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क जोन की संख्या 140 कर दी है। शहर की बात करें तो 80 और गांवों में 60 हाई रिस्क जोन हैं। शहरी क्षेत्र में दो बार फॉगिंग हो चुकी है जबकि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग नहीं हो पाई है।
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गत वर्ष भी डेंगू और मलेरिया ने सितंबर से नवंबर तक कहर बरपाया था। उसी तर्ज पर इस साल भी डेंगू केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 100 दिनों में 266 केस सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल सैंपलिंग भी अधिक हुई है और यह भी डेंगू के ज्यादा केस मिलने का कारण है। पिछले सीजन में जिले के अंदर मलेरिया के 654 केस मिले थे।
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- अर्बन दादरी में मिले हैं ज्यादा केस
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया घोषित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दादरी अर्बन में 142 और गांवों में 124 डेंगू केस पाए गए हैं। सबसे कम डेंगू केस रानीला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले गांवों में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर एंटी लारवा एक्टिविटी को गति दे दी गई है।
टीमें 1.41 लाख मकानों की कर चुकी विजिट
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एंटी लारवा एक्टिविटी के तहत इस साल 1.41 लाख मकानों की 4 से 5 बार विजिट की हैं। निरीक्षण के दौरान लारवा मिलने पर विभाग ने करीब 1500 लोगों को नोटिस दिए हैं और उनके घरों के बर्तनों में भरे पानी को भी खाली कराया गया है।
195 तालाबों में विभाग डलवा चुका गुंबजिया मछली
जिले में कुल 274 तालाब हैं। इनमें से 195 तालाबों में स्वास्थ्य विभाग गुंबजिया मछली डाल चुका है जबकि बाकी तालाब अभी कवर किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में विभाग की ओर से कालरा तेल डलवाने के साथ फॉगिंग भी करवाई गई है।
रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं ये प्रयास
विभाग डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्टॉक में मौजूद 100 लीटर पारेथम ऑयल पेस्ट का स्प्रे में प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा तालाबों में गंबूजिया मछली डाली गई हैं। टीमें लारवा मिलने पर बर्तन को खाली करवा रही हैं और मकान मालिक को नोटिस दे रही हैं।
जानिये... किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने डेंगू केस आए सामने
क्षेत्र - डेंगू केस
अर्बन दादरी- 142
झोझू सीएचसी- 46
संतोकपुरा पीएचसी- 7
बलकरा पीएचसी- 21
माई कलां पीएचसी- 5
मानकावास पीएचसी- 3
बौंदकलां सीएचसी- 4
अचीना पीएचसी- 5
सांवड़ पीएचसी-13
रानीला पीएचसी-1
इमलोटा पीएचसी-6
गोपी सीएचसी-3
बाढड़ा पीएचसी-2
हड़ौदी पीएचसी-2
छपार पीएचसी-4
कादमा पीएचसी-2
डेंगू के अब तक 266 केस मिल चुके हैं। इसके मद्देनजर 106 कर्मचारियों और 22 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। टीमें लगातार सैंपल ले रही हैं और इस सीजन में किसी भी डेंगू संक्रमित की मौत नहीं हुई है।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, डेंगू एव मलेरिया नोडल अधिकारी

आर लैब में डेंगू सैंपल की जांच करता विशेषज्ञ।- फोटो : CharkhiDadri