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Charkhi Dadri News: रावलधी-भिवानी आरओबी की बंद लाइटों पर डीसी सख्त, 48 घंटे में दुरुस्त करने के आदेश

Sat, 20 Jun 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 20 Jun 2026 12:22 AM IST
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DC takes a strict stance on non-functional lights at the Rawaldhi-Bhiwani ROB; orders repairs within 48 hours
रावलधी भिवानी लिंक मार्ग स्थित आरओबी की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के रावलधी-भिवानी लिंक रोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर पिछले लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से रात के समय अंधेरा छाया रहता है। जो वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बना हुआ है। ये मामला संवाद न्यूज एजेंसी की ओर अमर उजाला समाचार पत्र में प्रकाशित करने के बाद इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और बिजली निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उपायुक्त ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले 48 घंटों के भीतर पुल की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाए।
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हजारों वाहनों का होता है आवागमन

रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर बने रेलवे ओवर ब्रिज न केवल शहर का मुख्य मार्ग है बल्कि यहां से प्रतिदिन भारी संख्या में वाहनों का आवागमन बना रहता है लेकिन बिजली निगम और पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिशियन के बीच बनी आपसी तालमेल न होने से सभी लाइटें पिछले तीन साल से बंद पड़ी हैं। रात के समय अंधेरा होने से यहां दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
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प्रमुखता से उठाई थी समस्या
स्थानीय निवासियों और अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी इस समस्या का समाधान करने से परहेज करते रहे हैं। आरओबी की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से 16 जून को प्रकाशित अमर उजाला समाचार पत्र में इस मुद्दे को लाखों के भुगतान के बाद भी अंधेरे में डूबा आरओबी, बढ़ रहा हादसों का डर, नामक शीर्षक के साथ प्रमुखता से छापा गया था।
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उपायुक्त ने मांगा स्पष्टिकरण
खबर प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त ने संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। और अगले 48 घंटे में बंद पड़ी लाइटों को ठीक करने के आदेश जारी किए गए है। उन्होंने जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया है कि केवल काम पूरा करना ही काफी नहीं है बल्कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। इसके लिए भी पुख्ता तंत्र बनाना होगा। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि इस अंधेरे के कारण कोई भी सड़क दुर्घटना, जनहानि या चोट जैसी घटना होती है तो संबंधित विभाग के प्रमुख और अधिशाषी अभियंता को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। उनके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


विभागों के बीच फंसा था पेंच
बताया जा रहा है कि स्ट्रीट लाइटों के खराब होने का मुख्य कारण विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी है। बिलिंग भुगतान, रखरखाव और स्वामित्व को लेकर पीडब्ल्यूडी और बिजली निगम के बीच लंबे समय से पत्राचार चल रहा था जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा था। उपायुक्त के ताजा आदेशों ने इन अंतर-विभागीय विवादों को दरकिनार कर जल्द से जल्द समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है।

जानिए..क्या लिखा है पत्र में
उपायुक्त मनदीप कौर ने निर्देश दिया है कि लाइटें चालू होने के बाद विभाग को तत्काल प्रभाव से एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले में सूचना दी गई है ताकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से निगरानी रखी जा सके। अब देखना यह होगा कि क्या संबंधित विभाग 48 घंटे की समय सीमा के भीतर इस मार्ग को फिर से रोशन कर पाते हैं या फिर प्रशासन की चेतावनी के बाद भी लापरवाही का सिलसिला जारी रहता है।



वर्सन:
प्रशासन की ओर से विभागों की ओर से बरती गई लापरवाही के चलते दोनों विभागों को नोटिस भेजा गया है। वहीं अगल 48 घंटो में आरओबी सभी बंद पड़ी लाइटों को ठीक कर चालू करवाने के आदेश जारी किए गए है। -मनदीप कौर, उपायुक्त, चरखी दादरी
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