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Charkhi Dadri News: पांच दिन से नहीं आई डीएपी, किसानों काे अभी 5000 मीट्रिक टन की और जरूरत
Thu, 21 Nov 2024 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 21 Nov 2024 01:46 AM IST
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चरखी दादरी। जिले में पांच दिन से डीएपी खाद नहीं आ रही है। आज खाद आने की तिथि का पता चलने की उम्मीद है। जिले के किसानों काे अभी 5000 मीट्रिक टन डीएपी की और जरूरत है। अब तक 3920 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिले में अब तक 45 हजार एकड़ क्षेत्र मेंं गेहूं की बिजाई हो चुकी है जबकि 1.10 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होने का अनुमान है।
इस समय खासकर छोटे किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। बड़ी जाते वाले किसान तो सितंबर में ही इक्ट्ठा खाद खरीद चुके हैं। छोटी जोत वाले किसानों के पास बजट की समस्या बनी रहती है। यूरिया खाद की इस समय उपलब्धता जरूर है। गेहूं का बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गेहूं की बिजाई का कार्य 45 हजार एकड़ में किसानों ने पूरा कर लिया है। गेहूं की बिजाई में किसान डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बुधवार को भी डीएपी खाद की खेप नहीं पहुंची। इस बारे में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वीरवार को खाद आने की तिथि स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक उनके पास कोई सूचना नहीं है। हालांकि काफी हद तक किसान डीएपी खाद खरीद चुके हैं। थोड़ी संख्या में किसान बचे हैं। काफी संख्या में किसानों ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके व एसएसपी खाद का इस्तेमाल किया है। अब तक जिले में 3920 एमटी डीएपी खाद आई है। अभी नवंबर व दिसंबर माह में 5000 एमटी खाद की और जरूरत है। किसान इस समय गेहूं की बिजाई के काम में जुटे हैं। सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी।
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डीएपी खाद पहुंचने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नवंबर व दिसंबर माह में डीएपी की 5000 मीट्रिक टन की और जरूरत है जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। -एसडीओ कृष्ण कुमार,कृषि विभाग
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इस समय खासकर छोटे किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। बड़ी जाते वाले किसान तो सितंबर में ही इक्ट्ठा खाद खरीद चुके हैं। छोटी जोत वाले किसानों के पास बजट की समस्या बनी रहती है। यूरिया खाद की इस समय उपलब्धता जरूर है। गेहूं का बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गेहूं की बिजाई का कार्य 45 हजार एकड़ में किसानों ने पूरा कर लिया है। गेहूं की बिजाई में किसान डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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बुधवार को भी डीएपी खाद की खेप नहीं पहुंची। इस बारे में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वीरवार को खाद आने की तिथि स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक उनके पास कोई सूचना नहीं है। हालांकि काफी हद तक किसान डीएपी खाद खरीद चुके हैं। थोड़ी संख्या में किसान बचे हैं। काफी संख्या में किसानों ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके व एसएसपी खाद का इस्तेमाल किया है। अब तक जिले में 3920 एमटी डीएपी खाद आई है। अभी नवंबर व दिसंबर माह में 5000 एमटी खाद की और जरूरत है। किसान इस समय गेहूं की बिजाई के काम में जुटे हैं। सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई हो सकेगी उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी।
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डीएपी खाद पहुंचने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नवंबर व दिसंबर माह में डीएपी की 5000 मीट्रिक टन की और जरूरत है जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। -एसडीओ कृष्ण कुमार,कृषि विभाग