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Charkhi Dadri News: चौथे दिन खाद की खेप पहुंचने पर उमड़े किसान, पुलिस बुलाकर करना पड़ा वितरण
Sat, 12 Jul 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:50 PM IST
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दादरी खाद वितरण केंद्र पर लगी किसानों की भीड़। संवाद
प्रस्तावित लीड
फोटो 18
दादरी जमींदारा सोसायटी कार्यालय के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
फोटो 19
दादरी खाद वितरण केंद्र पर लगी किसानों की भीड़। संवाद
फोटो 20
दादरी पुरानी अनाज मंडी में खाद का बैग प्राप्त करता किसान। संवाद
फोटो 21
किसान विजय।
फोटो 22 महिला किसान मनोज देवी।
- जिले में शनिवार को पहुंचे डीएपी के महज 1600 बैग, दादरी और बाढड़ा में 800-800 बैग का हुआ वितरण
- डीएपी बैग की खेप के मुकाबले किसानों की संख्या रही ज्यादा, कई चौथे दिन भी बिना खाद लिए लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। तीन दिन के इंतजार के बाद जिले में शनिवार को यूरिया के 1600 बैग पहुंचे। इनमें से 800 बाढड़ा व 800 बैग दादरी नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में वितरण के लिए भेजे गए। दादरी शहर में चौथे दिन खाद की खेप आने की सूचना मिलते ही किसानों की जमींदारा सोसायटी कार्यालय में भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस सुरक्षा के बीच खाद वितरण किया गया।
दोपहर के समय तेज धूप में किसान खाद लेने के लिए लाइन में डटे रहे। 31 जुलाई तक जिले को पांच हजार एमटी यूरिया की जरूरत है। करीब 1500 एमटी का वितरण हुआ है। शनिवार को जैसे ही यूरिया पहुंचने की सूचना किसानों को मिली, वे जमींदारा सोसायटी कार्यालय में पहुंच गए।
थोड़ी ही देर में सोसायटी केंद्र पर किसानों की लंबी लाइन गई। वहां उमड़ी भीड़ के चलते पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद खाद का वितरण हो सका। तेज धूप में लाइन में खड़े किसानों को पसीना छूटे रहा। इस दौरान एक किसान को आधार के आधार पर पांच बैग यूरिया के दिए गए।
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- दादरी में वितरित किए सभी बैग
दादरी जमींदारा सोसायटी के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार को 800 बैग पहुंचे थे। सभी बैग किसानों को बांट दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि सोसायटी कार्यालय की ओर से खाद का समान रूप से वितरण किया जा रहा है। वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा का कहना है कि सरकार किसान को हर प्रकार से परेशान कर रही है। खाद व बीज समय पर नहीं मिलते हैं। महंगी खाद व बीज खरीद कर किसान जब फसल तैयार कर लेता है तो किसी न किसी प्राकृतिक आपदा से फसलों में नुकसान हो जाता है। सरकार नुकसान का मुआवजा तक नहीं दे रही है। पिछले दो सीजन का मुआवजा नहीं मिला है।
- 16 पैक्स समितियों के जरिये जिले में उपलब्ध कराई जा रही खाद
जिले में 16 पैक्स समितियां व प्राइवेट बिक्री क्रेंद्रों के जरिये किसानों को खाद मुहैया करवाई जाती है। बारिश होने के बाद बाजरा, कपास व धान की फसलों में यूरिया का छिड़काव किया जाता है। अब तो धान की फसल के लिए भी यूरिया की जरूरत है। इस माह यूरिया खाद की पांच हजार एमटी की जरूरत है। एक किसान को आधार कार्ड से यूरिया के पांच व डीएपी के तीन बैग दिए जाते हैं।
किसान बोले- बार-बार काटने पड़ रहे चक्कर
- मैं कई दिन से खाद के लिए चक्कर काट रहा हूं। धूप में लाइन में खड़ा रहना आसान नहीं है। खाद के लिए सरकार ने परेशान कर रखा है। आज खाद के सहारे ही खेती हो रही है। खाद व बीज तो समय पर मिलने चाहिए।
- विजय, दादरी
- कार्यालय में खाद वितरण के दौरान पांच पुरुष के बाद एक महिला किसान का नंबर लगाया जाता है, जो सरासर गलत है। लाइन में खड़े एक पुरुष के बाद महिला किसान का नंबर आना चाहिए। सरकार ने खाद के लिए किसान को परेशान कर रखा है।
-मनोज देवी, रावलधी
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दादरी जमींदारा सोसायटी कार्यालय के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
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दादरी खाद वितरण केंद्र पर लगी किसानों की भीड़। संवाद
फोटो 20
दादरी पुरानी अनाज मंडी में खाद का बैग प्राप्त करता किसान। संवाद
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किसान विजय।
फोटो 22 महिला किसान मनोज देवी।
- जिले में शनिवार को पहुंचे डीएपी के महज 1600 बैग, दादरी और बाढड़ा में 800-800 बैग का हुआ वितरण
- डीएपी बैग की खेप के मुकाबले किसानों की संख्या रही ज्यादा, कई चौथे दिन भी बिना खाद लिए लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। तीन दिन के इंतजार के बाद जिले में शनिवार को यूरिया के 1600 बैग पहुंचे। इनमें से 800 बाढड़ा व 800 बैग दादरी नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में वितरण के लिए भेजे गए। दादरी शहर में चौथे दिन खाद की खेप आने की सूचना मिलते ही किसानों की जमींदारा सोसायटी कार्यालय में भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस सुरक्षा के बीच खाद वितरण किया गया।
दोपहर के समय तेज धूप में किसान खाद लेने के लिए लाइन में डटे रहे। 31 जुलाई तक जिले को पांच हजार एमटी यूरिया की जरूरत है। करीब 1500 एमटी का वितरण हुआ है। शनिवार को जैसे ही यूरिया पहुंचने की सूचना किसानों को मिली, वे जमींदारा सोसायटी कार्यालय में पहुंच गए।
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थोड़ी ही देर में सोसायटी केंद्र पर किसानों की लंबी लाइन गई। वहां उमड़ी भीड़ के चलते पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद खाद का वितरण हो सका। तेज धूप में लाइन में खड़े किसानों को पसीना छूटे रहा। इस दौरान एक किसान को आधार के आधार पर पांच बैग यूरिया के दिए गए।
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- दादरी में वितरित किए सभी बैग
दादरी जमींदारा सोसायटी के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार को 800 बैग पहुंचे थे। सभी बैग किसानों को बांट दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि सोसायटी कार्यालय की ओर से खाद का समान रूप से वितरण किया जा रहा है। वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा का कहना है कि सरकार किसान को हर प्रकार से परेशान कर रही है। खाद व बीज समय पर नहीं मिलते हैं। महंगी खाद व बीज खरीद कर किसान जब फसल तैयार कर लेता है तो किसी न किसी प्राकृतिक आपदा से फसलों में नुकसान हो जाता है। सरकार नुकसान का मुआवजा तक नहीं दे रही है। पिछले दो सीजन का मुआवजा नहीं मिला है।
- 16 पैक्स समितियों के जरिये जिले में उपलब्ध कराई जा रही खाद
जिले में 16 पैक्स समितियां व प्राइवेट बिक्री क्रेंद्रों के जरिये किसानों को खाद मुहैया करवाई जाती है। बारिश होने के बाद बाजरा, कपास व धान की फसलों में यूरिया का छिड़काव किया जाता है। अब तो धान की फसल के लिए भी यूरिया की जरूरत है। इस माह यूरिया खाद की पांच हजार एमटी की जरूरत है। एक किसान को आधार कार्ड से यूरिया के पांच व डीएपी के तीन बैग दिए जाते हैं।
किसान बोले- बार-बार काटने पड़ रहे चक्कर
- मैं कई दिन से खाद के लिए चक्कर काट रहा हूं। धूप में लाइन में खड़ा रहना आसान नहीं है। खाद के लिए सरकार ने परेशान कर रखा है। आज खाद के सहारे ही खेती हो रही है। खाद व बीज तो समय पर मिलने चाहिए।
- विजय, दादरी
- कार्यालय में खाद वितरण के दौरान पांच पुरुष के बाद एक महिला किसान का नंबर लगाया जाता है, जो सरासर गलत है। लाइन में खड़े एक पुरुष के बाद महिला किसान का नंबर आना चाहिए। सरकार ने खाद के लिए किसान को परेशान कर रखा है।
-मनोज देवी, रावलधी