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Charkhi Dadri News: तीसरे दिन भी नहीं पहुंची डीएपी और यूरिया खाद, किसान बैरंग लौटे
Fri, 11 Jul 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:31 PM IST
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खाद की खेप न पहुंचने से सुनसान पड़ा जमींदारा सोसायटी कार्यालय।
चरखी दादरी। जिले में शुक्रवार को भी यूरिया व डीएपी खाद नहीं पहुंची। किसान पैक्स समिति कार्यालयों व जमींदारा सोसाइटी के चक्कर काटते रहे और लगातार तीसरे दिन बैरंग लौटे। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही खाद पहुंचने की उम्मीद है।
जिले में 16 पैक्स समितियां व प्राइवेट बिक्री क्रेंद्रों के जरिये किसानों को खाद मुहैया करवाई जाती है। बारिश होने के बाद बाजरा, कपास व धान की फसलों में यूरिया की अधिक जरूरत है। इस समय किसान धान की पछेती रोपाई भी कर रहे हैं। धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है।
वहीं, बाजरा में भी यूरिया के छिड़काव की आवश्यकता है। वैसे इस समय सभी प्रकार की फसलों का विकास एवं वृद्धि ठीक प्रकार से हो रही है। बारिश से फसलों को खासा फायदा पहुंचा है। फसलों में नुकसान की आशंका नहीं है। इस माह यूरिया खाद की ज्यादा जरूरत है। बिजाई एवं रोपाई का अंतिम दौर चल रहा है। एक किसान को आधार कार्ड से यूरिया के पांच व डीएपी के तीन बैग दिए जाते हैं।
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- बुधवार से इंतजार कर रहे किसान
दादरी शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में मंगलवार को अंतिम बार डीएपी का वितरण हुआ था। उस दौरान किसानों की भीड़ उमड़ने पर पुलिस जवानों की तैनाती के बीच वितरण करना पड़ा था। मंगलवार को भी कई किसान खाद से वंचित रह गए थे। बुधवार से ही किसान डीएपी की खेप पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। प्रतिदिन पैक्स समिति कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश हैं। - किसानों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
खाद के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। खाद नहीं मिल रही है। बाजरे में छिड़काव के लिए खाद की जरूरत है। सरकार हर सीजन में खाद के लिए परेशान करती है। समय पर खाद व बीज नहीं मिलता है। -रिशाल सिंह, मंदोली
- डीएपी व यूरिया के लिए कई दिन से दादरी शहर के चक्कर काट रहा हूं। जब भी पूछते हैंं तो खाद नहीं आई है, यही जवाब मिलता है। खाद की हर सीजन में समस्या बनी रहती है। किसान तंग आ चुका है। -सुरेंद्र, साहुवास
- कई बार लाइन में लग चुका हूं, लेकिन, खाद नहीं मिल रही है। बारिश होने की वजह से फसलों में छिड़काव करना है। सरकार को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवानी चाहिए। चार दिन से परेशान हूं। -रणसिंह, ढाणी फोगाट
- खाद व बीज के लिए किसान को तंग किया जा रहा है। बीज महंगा होता जा रहा है। यूरिया व डीएपी मिल ही नहीं रही है। अब किसान के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। -रणधीर, घिकाड़ा
डीएपी खाद जल्द पहुंचने की उम्मीद है। जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। खाद की मांग भेज रखी है। खरीफ सीजन में 15 हजार एमटी खाद की मांग भेज रखी है। -कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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जिले में 16 पैक्स समितियां व प्राइवेट बिक्री क्रेंद्रों के जरिये किसानों को खाद मुहैया करवाई जाती है। बारिश होने के बाद बाजरा, कपास व धान की फसलों में यूरिया की अधिक जरूरत है। इस समय किसान धान की पछेती रोपाई भी कर रहे हैं। धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है।
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वहीं, बाजरा में भी यूरिया के छिड़काव की आवश्यकता है। वैसे इस समय सभी प्रकार की फसलों का विकास एवं वृद्धि ठीक प्रकार से हो रही है। बारिश से फसलों को खासा फायदा पहुंचा है। फसलों में नुकसान की आशंका नहीं है। इस माह यूरिया खाद की ज्यादा जरूरत है। बिजाई एवं रोपाई का अंतिम दौर चल रहा है। एक किसान को आधार कार्ड से यूरिया के पांच व डीएपी के तीन बैग दिए जाते हैं।
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- बुधवार से इंतजार कर रहे किसान
दादरी शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में मंगलवार को अंतिम बार डीएपी का वितरण हुआ था। उस दौरान किसानों की भीड़ उमड़ने पर पुलिस जवानों की तैनाती के बीच वितरण करना पड़ा था। मंगलवार को भी कई किसान खाद से वंचित रह गए थे। बुधवार से ही किसान डीएपी की खेप पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। प्रतिदिन पैक्स समिति कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश हैं। - किसानों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
खाद के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। खाद नहीं मिल रही है। बाजरे में छिड़काव के लिए खाद की जरूरत है। सरकार हर सीजन में खाद के लिए परेशान करती है। समय पर खाद व बीज नहीं मिलता है। -रिशाल सिंह, मंदोली
- डीएपी व यूरिया के लिए कई दिन से दादरी शहर के चक्कर काट रहा हूं। जब भी पूछते हैंं तो खाद नहीं आई है, यही जवाब मिलता है। खाद की हर सीजन में समस्या बनी रहती है। किसान तंग आ चुका है। -सुरेंद्र, साहुवास
- कई बार लाइन में लग चुका हूं, लेकिन, खाद नहीं मिल रही है। बारिश होने की वजह से फसलों में छिड़काव करना है। सरकार को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवानी चाहिए। चार दिन से परेशान हूं। -रणसिंह, ढाणी फोगाट
- खाद व बीज के लिए किसान को तंग किया जा रहा है। बीज महंगा होता जा रहा है। यूरिया व डीएपी मिल ही नहीं रही है। अब किसान के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। -रणधीर, घिकाड़ा
डीएपी खाद जल्द पहुंचने की उम्मीद है। जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। खाद की मांग भेज रखी है। खरीफ सीजन में 15 हजार एमटी खाद की मांग भेज रखी है। -कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग