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कोरोना जांच प्रमाण पत्र बनवाने उमड़ी युवाओं की भीड़, टूटे कोरोना के नियम

Wed, 24 Mar 2021 12:37 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 12:37 AM IST
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Crowds of youths gathered to make Corona test certificate, Broken corona rules
सामाजिक दूरी का पालन करने की बजाय एक-दूसरे से सटकर खड़े युवा। - फोटो : CharkhiDadri
सेना भर्ती के लिए कोरोना जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मंगलवार को सिविल अस्पताल में छुट्टी के बावजूद युवाओं का भारी भीड़ उमड़ी। स्वास्थ्य विभाग परिसर में ही कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ी, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे ज्यादातर युवा मास्क नहीं पहने हुए थे, जबकि दो गज की सामाजिक दूरी तो न ओपीडी पर्ची काउंटर पर नजर आई और न ही सैंपल काउंटर पर। एक ओपीडी और एक सैंपल काउंटर होने से युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें व्यवस्थाओं पर रोष जताया।
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मंगलवार को कोरोना जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 50 से अधिक गांवों के 300 से अधिक युवा सिविल अस्पताल पहुंचे। शहीदी दिवस के अवकाश के बावजूद ओपीडी काउंटर और सैंपल काउंटर खुला रखा। युवाओं की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं डगमगाई नजर आईं। गेट पर तैनात कर्मचारी से युवाओं की कई बार बहस भी हुई और बार-बार होने वाली झड़प से परेशान कर्मचारी ने दो टूक बोल दिया जो व्यवस्था की पालन नहीं करेगा, वह कोरोना जांच प्रमाण पत्र बनवाने से वंचित ही रहेगा।
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युवा रोहित, अमित, मनीष, मनोज, प्रकाश, महेंद्र, मोहित, सुरेंद्र, संदीप, गुलशन, राजेश, दीपक और मनदीप ने बताया कि वो सुबह करीब नौ बजे सिविल अस्पताल आए थे। करीब एक से डेढ़ घंटे का इंतजार करने के बाद उनकी ओपीडी पर्ची बनी और सैंपल देने के लिए भी उन्हें करीब एक घंटा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाग को कम से कम दो ओपीडी काउंटर और दो सैंपल काउंटर की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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कोरोना जांच फीस को बताया ज्यादा, दिव्यांगजन आयुक्त से की शिकायत
युवाओं ने हरियाणा दिव्यांगजन आयुक्त राजकुमार मक्कड़ से भी मुलाकात की। युवाओं ने कहा कि कोरोना जांच के नाम पर उनसे 499 रुपये फीस ली जा रही है, जो बहुत ज्यादा है। इस पर आयुक्त ने कहा कि नॉन मेडिकल कार्य के लिए फीस देकर ही कोरोना जांच का प्रावधान किया गया है।
पांच दिन में दो हजार से ज्यादा युवा बनवा चुके कोरोना जांच प्रमाण पत्र
सिविल अस्पताल ही नहीं बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए युवा काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। पांच दिनों में दो हजार से ज्यादा युवा कोरोना जांच करवा चुके हैं।
युवा बोले- संख्या के मुताबिक नहीं किया प्रबंध, घंटों इंतजार के बाद आया नंबर
मुझे हिसार में होने वाली सेना भर्ती में भाग लेना है। इसके लिए ही मैं कोरोना जांच करवाने पहुंचा हूं। यहां युवाओं की संख्या के मुताबिक प्रबंध नहीं हैं। इसके कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मुकेश, गोठडा
25 को मुझे सेना भर्ती में भाग लेने जाना है। अस्पताल में युवाओं की संख्या के लिहाज से कम से कम दो ओपीडी स्लिप और दो सैंपल काउंटर होने चाहिए थे, लेकिन एक-एक होने से घंटों इंतजार करने के बाद नंबर आ रहा है।

दिनेश, ढाणी फौगाट
व्यवस्थाएं हमने पर्याप्त की थी, लेकिन युवा ज्यादा संख्या में पहुंच गए। हमने समय-समय पर उनसे सामाजिक दूरी और मास्क लगाने की अपील भी की। ज्यादा भीड़ उमड़ने से थोड़ी अव्यवस्थाएं हुईं।
गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी
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