फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Shooter Deepak Mundi mother said that Deepak lives or dies, we do not care

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: शूटर दीपक मुंडी की मां बोलीं- दीपक जीये या मरे, कहीं भी रहे... हमें परवाह नहीं

Tue, 13 Sep 2022 12:56 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 13 Sep 2022 12:56 AM IST
सार

दीपक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का छठा आरोपी है। दीपक मुंडी के पिता बोले कि हम दिहाड़ी करके गुजर बसर करते हैं। हमारा दीपक से कोई वास्ता नहीं है। कभी दिल्ली तो कभी पंजाब पुलिस के घर आने से वो परेशान हो चुके हैं।

विज्ञापन
Shooter Deepak Mundi mother said that Deepak lives or dies, we do not care
सिद्धू मूसेवाला और आरोपी दीपक मुंडी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के हत्याकांड में शामिल शूटर दीपक मुंडी के माता-पिता उससे दो साल पहले ही नाता तोड़ चुके हैं। मां सुनीता का कहना है कि दीपक जीये या मरे, कहीं भी रहे...हमें परवाह नहीं है। कई साल बीत चुके वो हमारे पास नहीं आया है।

विज्ञापन


आस-पड़ोस और पूरा गांव इसका गवाह है। वहीं, पिता राजबीर ने कहा कि हमारा दीपक से कोई वास्ता नहीं है और पिछले कुछ दिनों से पुलिस लगातार उनके पास पूछताछ के लिए आ रही है। कभी दिल्ली तो कभी पंजाब पुलिस के घर आने से वो परेशान हो चुके हैं।
विज्ञापन


दीपक के पिता ने बताया कि वो तो उसे पहले ही बेदखल कर चुके हैं। बचपन से ही वो नाना के घर दुबलधन रह रहा था और 15 साल पहले नाना-नानी की मौत होने के बाद वो वहां से भी जा चुका है। 24 वर्षीय दीपक मुंडी तीन भाई-बहन में बड़ा है। उसका छोटा भाई 12वीं का छात्र है, जबकि बहन की शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : Sidhu Moosewala:  शूटर दीपक मुंडी बचपन से रह रहा मामा के पास, गांव में नहीं था आना-जाना


उसका चाल-चलन सही नहीं होने के चलते परिजन कई सालों से उससे खफा हैं और उसने भी कभी परिजनों को मनाने का प्रयास नहीं किया। पिता ने बताया कि वो करीब 45 साल पहले उण में आकर बसे थे इससे पहले वो हंसावास गांव में रहते थे। दीपक से उनका कोई रिश्ता नहीं है।

यह भी पढ़ें : सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: शूटर दीपक मुंडी और दो साथी 17 सितंबर तक रिमांड पर, खरड़ में होगी पूछताछ

भले ही कानून उसे फांसी पर लटका दे। राजबीर सिंह का कहना है कि वो दिहाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जबकि बड़ी औलाद भी कपूत निकली। कहने-सुनने से बाहर होने के कारण उसे अपनी चल अचल संपत्ति से बेदखल किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed