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चरखी दादरी: स्कूल बस का किया गलत चालान, अदालत ने आरटीए स्टाफ पर केस दर्ज करने के दिए आदेश
Sun, 03 Apr 2022 01:35 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 03 Apr 2022 01:35 AM IST
सार
मौड़ी स्थित सीबीएस स्कूल प्राचार्य ने 22 मार्च को सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 31 मार्च को कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिए। टैक्स न भरने की बात कहकर 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हरियाणा के चरखी दादरी में टैक्स न भरने की बात कहकर एक निजी स्कूल की बस का गलत चालान करने पर कोर्ट ने आरटीए और सहकर्मियों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। स्कूल प्राचार्य सुरेश सोलंकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम संदीप यादव की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
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याची पक्ष के अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट और पवन कुमार लांबा ने बताया कि मौड़ी स्थित सीबीएस स्कूल की बस सात दिसंबर को करीब 11 बजे स्कूल से विद्यार्थियों को लेकर चरखी के एससीआर स्कूल परीक्षा केंद्र जा रही थी। इसी बीच आरटीए स्टाफ ने बस रोक ली, चेकिंग टीम में आरटीए दर्शना भारद्वाज भी शामिल थीं।
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उन्होंने चालक को रोड टैक्स की अदायगी न करने की बात कहते हुए बस से नीचे उतार लिया। इसके बाद चालक ने जब स्कूल संचालक से बात करवाई तो टीम ने विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने की सहमति दे दी। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर छोड़ने के बाद आरटीए स्टाफ बस को कार्यालय के समीप ले गया और वहां 21 हजार रुपये जुर्माना के साथ 300 रुपये पार्किंग फीस भरवाई गई।
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अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट ने बताया कि उस दौरान पेनल्टी टैक्स को लेकर लगाई गई थी, लेकिन आरटीए स्टाफ ने जुर्माना राशि लेने के बाद रोड टैक्स तक नहीं भरवाया। इसके अगले ही दिन उनके मोबाइल पर 8820 रुपये रोड टैक्स भरने की स्लिप भेजी गई जबकि उन्होंने रोड टैक्स भरा ही नहीं।
इस मामले को लेकर 22 मार्च को सीजेएम संदीप यादव की कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वहीं, एडवोकेट इंद्रजीत फौगाट ने बताया कि इससे पहले इस मामले में एसपी कार्यालय में भी शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
31 मार्च को कोर्ट ने सुनाया फैसला
एडवोकेट इंद्रजीत फौगाट ने बताया कि सीजेएम कोर्ट ने 31 मार्च को ही इस संबंध में फैसला सुनाया है और आरटीए दर्शना भारद्वाज समेत सहकर्मियों पर छह धाराओं 166, 167, 192, 465, 467 व 471 के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पुलिस को सात मई तक चालान पेश करने का भी आदेश भी जारी किया है।