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Charkhi Dadri News: 65 रुपये के बैग पर पार्षदों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, जांच के आदेश
Sat, 06 Jun 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:47 AM IST
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नगर परिषद की बैठक में बिल की जांच करते हुए चेयरमैन बक्शीराम सैनी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से वितरित किए जाने वाले कपड़े के थैलों की खरीद विवादों में घिर गई है। शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नप कार्यालय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में पार्षदों का सहयोग लेने के लिए एक बैठक बुलाई थी।
इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों ने पार्षदों को कपड़े के बैग वितरित किए लेकिन पार्षद बैग की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हुए और बैग खरीद के बिल दिखाने की मांग की। बिलों में पाया कि एक बैग 65 रुपये की लागत से खरीदा गया है। इस पर पार्षद भड़क गए और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बैग खरीद की जांच की मांग की।
वार्ड 8 से पार्षद नवीन प्रजापति ने आरोप लगाया कि बैग की खरीद के बारे में न तो चेयरमैन काे कोई जानकारी दी गई है और न ही किसी पार्षद को। अधिकारी मनमर्जी से खरीद कर रहे हैं।
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नगर परिषद की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से 32,500 रुपये में 500 बैग खरीद गए थे। बैठक में पार्षदों ने कहा कि थैलों की कीमत और गुणवत्ता में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है जिसकी निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। ये भी जांच होनी चाहिए कि ये बैग कहां से बनवाए गए थे। स्वयं सहायता समूह के नाम से कहीं फर्जी बिल ताे नहीं बनाए गए हैं।
डस्टबिन रखवाने से पार्षदों ने किया इन्कार : बैठक में अधिकारियों ने नीले व हरे डस्टबिन के साथ अब लाल व काला डस्टबिन रखने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए सहयोग मांगा गया। इस पर पार्षद कुलदीप सैनी व प्रतिनिधि जितेंद्र सांगवान ने इसमें सहयोग के लिए साफ मना कर दिया। पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद स्वयं डस्टबिन उपलब्ध करवाए। वे लोगो पर महंगाई के दौर में डस्टबिन खरीदने का अतिरिक्त भार नहीं डाल सकते। नगर परिषद की ओर से डस्टबिन खरीदकर लोगों में वितरित किए जाने चाहिए।
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इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों ने पार्षदों को कपड़े के बैग वितरित किए लेकिन पार्षद बैग की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हुए और बैग खरीद के बिल दिखाने की मांग की। बिलों में पाया कि एक बैग 65 रुपये की लागत से खरीदा गया है। इस पर पार्षद भड़क गए और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बैग खरीद की जांच की मांग की।
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वार्ड 8 से पार्षद नवीन प्रजापति ने आरोप लगाया कि बैग की खरीद के बारे में न तो चेयरमैन काे कोई जानकारी दी गई है और न ही किसी पार्षद को। अधिकारी मनमर्जी से खरीद कर रहे हैं।
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नगर परिषद की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से 32,500 रुपये में 500 बैग खरीद गए थे। बैठक में पार्षदों ने कहा कि थैलों की कीमत और गुणवत्ता में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है जिसकी निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। ये भी जांच होनी चाहिए कि ये बैग कहां से बनवाए गए थे। स्वयं सहायता समूह के नाम से कहीं फर्जी बिल ताे नहीं बनाए गए हैं।
डस्टबिन रखवाने से पार्षदों ने किया इन्कार : बैठक में अधिकारियों ने नीले व हरे डस्टबिन के साथ अब लाल व काला डस्टबिन रखने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए सहयोग मांगा गया। इस पर पार्षद कुलदीप सैनी व प्रतिनिधि जितेंद्र सांगवान ने इसमें सहयोग के लिए साफ मना कर दिया। पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद स्वयं डस्टबिन उपलब्ध करवाए। वे लोगो पर महंगाई के दौर में डस्टबिन खरीदने का अतिरिक्त भार नहीं डाल सकते। नगर परिषद की ओर से डस्टबिन खरीदकर लोगों में वितरित किए जाने चाहिए।