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लॉकडाउन के बावजूद बढ़ा रहा कोरोना ः 12 दिनों से प्रतिदिन मिले रहे 110 संक्रमित, मौतें ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा
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चरखी दादरी। प्रदेश सरकार के लॉकडाउन लगाने के बाद भी जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ा है। तीन मई से लेकर 14 मई तक 12 दिनों में जिले में 1330 लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इस लिहाज से एक दिन में औसतन 110 केस सामने आ रहे हैं। वहीं, इस समयावधि में 45 संक्रमितों की मौत हो चुकी है, जिनमें पुरुष अधिक शामिल हैं। दम तोड़ने वाले ज्यादातर संक्रमित ग्रामीण क्षेत्र से हैं। अब अगर 21 अप्रैल से दो मई तक के आंकड़ों पर गौर करें तो संक्रमण के साथ डेथ रेट इन12 दिनों के मुकाबले काफी कम थी।
21 अप्रैल तक के आंकड़ों की अगर बात करें तो जिले में संक्रमितों की संख्या 1936 थी। इस समयावधि तक 28 संक्रमितों की मौत हुई थी, जबकि 1558 स्वस्थ हुए थे। इसके 12 दिन बाद अगर दो मई के आंकड़ों की बात करें तो संक्रमितों की संख्या 2474 पहुंच गई। दो मई तक जिले में 46 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई, जबकि 186 स्वस्थ हुए। 21 अप्रैल से दो मई तक जिले का रिकवरी रेट 34.57 प्रतिशत रहा।
तीन मई से प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन लागू कर दिया था और इसके बाद तो जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ काफी ऊपर चला गया। 21 अप्रैल से दो मई तक के 12 दिनों के मुकाबले मई के 12 दिन लोगों पर भारी पड़े। तीन मई तक जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2525 थी। इस समयावधि तक 49 संक्रमितों की मौत हुई थी, जबकि 1883 स्वस्थ हुए थे। वहीं, 14 मई की शाम तक जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3855 और मौत का आंकड़ा 94 पर पहुंच गया। वहीं, 14 मई तक जिले में 2992 संक्रमित कोरोना को मात देने में कामयाब रहे। मई के इन 12 दिनों में जिले का रिकवरी रेट 83.38 प्रतिशत रहा।
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पिछले 12 दिनों में बढ़े केस, सैंपलिंग हुई कम
लॉकडाउन के दौरान जिले में एक तरफ कोरोना पॉजिटिव केस और डेथ रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है तो वहीं, दूसरी ओर सैंपलिंग प्रक्रिया धीमी हुई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 21 अप्रैल से दो मई तक 8968 सैंपल लिए गए, जबकि तीन से 14 मई तक 8494 सैंपल लिए गए हैं। इस समयावधि में पिछले 12 दिनों के मुकाबले कोरोना पॉजिटिविटी और डेथ रेट बढ़ी है।
कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की चार गुना बढ़ी संख्या
लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में ही रह रहे हैं और ऐसे में वो संक्रमित के संपर्क में आसानी से आ रहे हैं। 21 अप्रैल से दो मई तक जिले में 2334 लोग कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए थें जबकि लॉकडाउन के दौरान तीन से 14 मई तक जिले के 9436 लोग संक्रमितों के संपर्क में आए हैं।
लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे लोग
प्रदेश सरकार के लॉकडाउन लगाने और जिला पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन में पुलिस करीब 950 वाहन चालकों के चालान कर चुकी है और इसके बावजूद भी सड़कों पर सुबह से शाम तक वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।
वर्जन::
कोरोना को हल्के में लेना बड़ी चूक है। संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और मेरी जिलावासियों से अपील है कि वे सजगता और सतर्कता बरतें। जितना हो सके, घरों से बाहर निकलने में गुरेज करें।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
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21 अप्रैल तक के आंकड़ों की अगर बात करें तो जिले में संक्रमितों की संख्या 1936 थी। इस समयावधि तक 28 संक्रमितों की मौत हुई थी, जबकि 1558 स्वस्थ हुए थे। इसके 12 दिन बाद अगर दो मई के आंकड़ों की बात करें तो संक्रमितों की संख्या 2474 पहुंच गई। दो मई तक जिले में 46 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई, जबकि 186 स्वस्थ हुए। 21 अप्रैल से दो मई तक जिले का रिकवरी रेट 34.57 प्रतिशत रहा।
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तीन मई से प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन लागू कर दिया था और इसके बाद तो जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ काफी ऊपर चला गया। 21 अप्रैल से दो मई तक के 12 दिनों के मुकाबले मई के 12 दिन लोगों पर भारी पड़े। तीन मई तक जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2525 थी। इस समयावधि तक 49 संक्रमितों की मौत हुई थी, जबकि 1883 स्वस्थ हुए थे। वहीं, 14 मई की शाम तक जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3855 और मौत का आंकड़ा 94 पर पहुंच गया। वहीं, 14 मई तक जिले में 2992 संक्रमित कोरोना को मात देने में कामयाब रहे। मई के इन 12 दिनों में जिले का रिकवरी रेट 83.38 प्रतिशत रहा।
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पिछले 12 दिनों में बढ़े केस, सैंपलिंग हुई कम
लॉकडाउन के दौरान जिले में एक तरफ कोरोना पॉजिटिव केस और डेथ रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है तो वहीं, दूसरी ओर सैंपलिंग प्रक्रिया धीमी हुई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 21 अप्रैल से दो मई तक 8968 सैंपल लिए गए, जबकि तीन से 14 मई तक 8494 सैंपल लिए गए हैं। इस समयावधि में पिछले 12 दिनों के मुकाबले कोरोना पॉजिटिविटी और डेथ रेट बढ़ी है।
कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की चार गुना बढ़ी संख्या
लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में ही रह रहे हैं और ऐसे में वो संक्रमित के संपर्क में आसानी से आ रहे हैं। 21 अप्रैल से दो मई तक जिले में 2334 लोग कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए थें जबकि लॉकडाउन के दौरान तीन से 14 मई तक जिले के 9436 लोग संक्रमितों के संपर्क में आए हैं।
लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे लोग
प्रदेश सरकार के लॉकडाउन लगाने और जिला पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन में पुलिस करीब 950 वाहन चालकों के चालान कर चुकी है और इसके बावजूद भी सड़कों पर सुबह से शाम तक वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।
वर्जन::
कोरोना को हल्के में लेना बड़ी चूक है। संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और मेरी जिलावासियों से अपील है कि वे सजगता और सतर्कता बरतें। जितना हो सके, घरों से बाहर निकलने में गुरेज करें।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ