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100 करोड़ के विकासपरक प्रोजेक्टों पर कोरोना की मार
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जिले के विकास को पंख लगाने वाले 100 करोड़ रुपये के 12 से अधिक प्रोजेक्ट कोरोना के फेर में उलझे हुए हैं। ज्यादातर पर मार्च माह तक काम शुरू हो जाना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो पाया। अब कोरोना संक्रमण के बीच धीरे-धीरे जीवन पटरी पर लौट रहा है, लेकिन अभी भी संबंधित विभाग इन प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले छह माह से फाइल विभागों के कार्यालयों में धूल फांक रही है। अगर जल्द से जल्द इन पर काम शुरू करवाया जाए तो आने वाले समय में जिला अलग ही लुक में नजर आएगा। पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद, खेल विभाग, पुलिस विभाग से संबंधित प्रोजेक्ट अभी लंबित ही हैं और उन पर काम शुरू होने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। इस पर पेश है अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट...
27 करोड़ से होना है श्यामसर तालाब का जीर्णोद्घार
श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की घोषणा मुख्यमंत्री ने 2016 में की थी। यह योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नगर परिषद ने इसके लिए आर्किटेक्ट हायर करने की योजना बनाई थी, लेकिन फीस को लेकर दोनों पक्षों में बात सिरे नहीं चढ़ पाई। अब नप अधिकारी नए सिरे से इसकी ड्राइंग और एस्टिमेट तैयार करने का तर्क दे रहे हैं। सरकार तालाब के जीर्णोद्घार के लिए 27 करोड़ का बजट स्वीकृत भी कर चुकी है। नगर परिषद सचिव प्रशांत पराशर का कहना है कि ड्राइंग और एस्टिमेट तैयार होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
पांच करोड़ से बनना है शहर में पहला कम्यूनिटी सेंटर
शहर में लंबे समय से कम्यूनिटी सेंटर की कमी खल रही है। पार्षद भी इस मांग को प्रमुखता से उठा चुके हैं। शहर में कम्यूनिटी सेंटर बनना प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा भी की थी। करीब पांच करोड़ रुपये से कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण होना है। अब तक यह प्रोजेक्टों भी फाइलों में उलझा हुआ है। नप सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि जल्द ही इस मामले की अपडेट ली जाएगी और जो भी अड़चनें हैं उन्हें दूर करवाकर काम शुरू करवाया जाएगा।
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पांच हजार से ज्यादा खिलाड़ी निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेने को विवश
जिले के कई होनहार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपने जिले और देश की धाक जमा चुके हैं। कुश्ती से लेकर कबड्डी और शूटिंग में जिले के खिलाड़ियों का दबदबा है। वहीं अगर जिले में खेल सुविधाओं की अगर बात करें तो न के बराबर है। इस समय पांच हजार से ज्यादा खिलाड़ी निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेने को विवश हैं। जिले में सरकार ने खेल स्टेडियम बनाने के लिए 27 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है और इसकी एक किस्त भी जारी कर चुकी है, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ है। स्टेडियम की जगह को लेकर कोर्ट में भी एक मामला विचाराधीन है।
तीन साल से कागजों में उलझा हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना पार्क
शहर की 80 हजार की आबादी एकमात्र रोज गार्डन भी निर्भर है। हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना के तहत शहर में एक और बड़ा पार्क बनाया जाना है। इसके लिए एक करोड़ का बजट निर्धारित है। यह प्रोजेक्ट पिछले तीन सालों से कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ है और लोग पार्कों की कमी का दंश झेल रहे हैं। अगर पीएनबी मुख्य शाखा के पिछले तरफ पार्क का निर्माण जल्द हो जाए तो एक दर्जन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को इसका फायदा होगा। नप सचिव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का स्टेट्स जानने के बाद ही वो कुछ कह पाएंगे।
सचिवालय निर्माण के बाद एक छत के नीचे मिलेगी सभी विभागों की सुविधा
शहर में सरकारी बिल्डिंगों की कमी है और इसके चलते विभाग अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं। मौजूदा लघु सचिवालय का दायरा कम है। करीब 50 एकड़ में जिला स्तरीय लघु सचिवालय बनना प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राजस्व विभाग ने हुडा विभाग से जमीन ट्रांसफर करवाई है। जिला स्तरीय लघु सचिवालय बनने के बाद सभी विभागों की सुविधा का लाभ एक ही छत के नीचे लोगों को मिलेगा।
वर्जन
जिला स्तरीय स्टेडियम बनने के बाद खिलाड़ियों को काफी सुविधा मिलेगी। सरकार स्टेडियम निर्माण के लिए बजट जारी कर चुकी है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जिला स्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मैं खुद इसकी अपडेट ले रही हूं।
बबीता फौगाट, उप-निदेशक खेल विभाग
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27 करोड़ से होना है श्यामसर तालाब का जीर्णोद्घार
श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की घोषणा मुख्यमंत्री ने 2016 में की थी। यह योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नगर परिषद ने इसके लिए आर्किटेक्ट हायर करने की योजना बनाई थी, लेकिन फीस को लेकर दोनों पक्षों में बात सिरे नहीं चढ़ पाई। अब नप अधिकारी नए सिरे से इसकी ड्राइंग और एस्टिमेट तैयार करने का तर्क दे रहे हैं। सरकार तालाब के जीर्णोद्घार के लिए 27 करोड़ का बजट स्वीकृत भी कर चुकी है। नगर परिषद सचिव प्रशांत पराशर का कहना है कि ड्राइंग और एस्टिमेट तैयार होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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पांच करोड़ से बनना है शहर में पहला कम्यूनिटी सेंटर
शहर में लंबे समय से कम्यूनिटी सेंटर की कमी खल रही है। पार्षद भी इस मांग को प्रमुखता से उठा चुके हैं। शहर में कम्यूनिटी सेंटर बनना प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा भी की थी। करीब पांच करोड़ रुपये से कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण होना है। अब तक यह प्रोजेक्टों भी फाइलों में उलझा हुआ है। नप सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि जल्द ही इस मामले की अपडेट ली जाएगी और जो भी अड़चनें हैं उन्हें दूर करवाकर काम शुरू करवाया जाएगा।
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पांच हजार से ज्यादा खिलाड़ी निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेने को विवश
जिले के कई होनहार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपने जिले और देश की धाक जमा चुके हैं। कुश्ती से लेकर कबड्डी और शूटिंग में जिले के खिलाड़ियों का दबदबा है। वहीं अगर जिले में खेल सुविधाओं की अगर बात करें तो न के बराबर है। इस समय पांच हजार से ज्यादा खिलाड़ी निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेने को विवश हैं। जिले में सरकार ने खेल स्टेडियम बनाने के लिए 27 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है और इसकी एक किस्त भी जारी कर चुकी है, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ है। स्टेडियम की जगह को लेकर कोर्ट में भी एक मामला विचाराधीन है।
तीन साल से कागजों में उलझा हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना पार्क
शहर की 80 हजार की आबादी एकमात्र रोज गार्डन भी निर्भर है। हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना के तहत शहर में एक और बड़ा पार्क बनाया जाना है। इसके लिए एक करोड़ का बजट निर्धारित है। यह प्रोजेक्ट पिछले तीन सालों से कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ है और लोग पार्कों की कमी का दंश झेल रहे हैं। अगर पीएनबी मुख्य शाखा के पिछले तरफ पार्क का निर्माण जल्द हो जाए तो एक दर्जन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को इसका फायदा होगा। नप सचिव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का स्टेट्स जानने के बाद ही वो कुछ कह पाएंगे।
सचिवालय निर्माण के बाद एक छत के नीचे मिलेगी सभी विभागों की सुविधा
शहर में सरकारी बिल्डिंगों की कमी है और इसके चलते विभाग अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं। मौजूदा लघु सचिवालय का दायरा कम है। करीब 50 एकड़ में जिला स्तरीय लघु सचिवालय बनना प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राजस्व विभाग ने हुडा विभाग से जमीन ट्रांसफर करवाई है। जिला स्तरीय लघु सचिवालय बनने के बाद सभी विभागों की सुविधा का लाभ एक ही छत के नीचे लोगों को मिलेगा।
वर्जन
जिला स्तरीय स्टेडियम बनने के बाद खिलाड़ियों को काफी सुविधा मिलेगी। सरकार स्टेडियम निर्माण के लिए बजट जारी कर चुकी है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जिला स्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मैं खुद इसकी अपडेट ले रही हूं।
बबीता फौगाट, उप-निदेशक खेल विभाग