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Charkhi Dadri News: जुलाई माह की डीएपी खाद की नहीं पहुंची खेप, इंतजार में किसान
Wed, 08 Jul 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:06 AM IST
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खाद खरीद केंद्र पर रखे यूरिया के बैग।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में जुलाई माह की डीएपी की खेप नहीं पहुंची है। खरीफ सीजन में बिजाई का समय चल रहा है। किसान खाद का इंतजार कर रहे हैं। यूरिया की इस समय इतनी खपत नहीं है। खरीफ सीजन में जिले में डीएपी 14 हजार व 26 हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी। अगस्त माह में सर्वाधिक 12,000 एमटी खाद की जरूरत पड़ेगी। जिले में कृषि योग्य कुल रकबा 1,22,368 हेक्टेयर क्षेत्र है। खरीफ सीजन में क्षेत्र में बाजरा, कपास, ग्वार व ज्वार की खेती होती है। हर साल सर्वाधिक औसत 1.50 लाख एकड़ में बाजरा की बिजाई होती है। फिलहाल जिले में डीएपी खाद कतई नहीं हैं। डीएपी खाद के अब तक 6,500 बैग वितरित किए जा चुके हैं। जुलाई व अगस्त माह में यूरिया की सर्वाधिक 16 हजार एमटी खाद की जरूरत पड़ेगी। आजकल किसान प्रत्येक फसल में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं ताकि अच्छी पैदावार मिल सके। रासायनिक खाद का इस्तेमाल न हो इसके लिए विभाग विशेषज्ञों की ओर से किसानों को समझाया भी जा रहा है।
20 हजार एकड़ में कपास की बिजाई
कपास की बिजाई करीब 20 हजार एकड़ में हुई है। डीएपी का संकट रबी सीजन के दौरान भी बना रहा था। अब खरीफ सीजन में भी काफी मात्रा में खाद की जरूरत है। यूरिया खाद की तो अगस्त व सितंबर माह तक जरूरत बनी रहेगी। डीएपी की खरीफ सीजन में 14 हजार एमटी की जरूरत रहेगी।
डीएपी महीना वाइज खपत एक नजर में
आगामी जरूरत महीना के अनुरुप
महीना डीएपी - यूरिया - एसएसपी - एपीके
जुलाई 8000 500 200 200
अगस्त 1500 8000 000 000
सितंबर 500 1000 000 000
16 पैक्स समितियों व सोसाइटी में होता है वितरण
जिलेभर में करीब 16 पैक्स समितियों व शहर में जमींदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। जो किसान फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज करवाता है, उसी के हिसाब से खाद बांटी जाती है। पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुपात में यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। एक एकड़ तक एक बैग, दो एकड़ तक दो बैग व इसी प्रकार पांच एकड़ के लिए पांच बैग खाद दी जा रही है।
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वर्सन:
अकेले बाढड़ा क्षेत्र में कम से कम तीन हजार बैग डीएपी की इस समय जरूरत है। सरकार समय पर खाद उपलब्ध करवाए। किसान अब फसल में खाद की मात्रा धीरे-धीरे कम करते आ रहे हैं। किसान अब जागरूक हो गया है।- हरपाल सिंह भांडवा, जिला अध्यक्ष, भाकियू।
वर्सन:
जल्द ही डीएपी खाद मंगवाई जाएगी। किसान जरूरत के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल करें। जुलाई माह की डीएपी की खेप मंगवाने के लिए मांग भेज रखी है। - प्रीतम कुमारी, खाद नियंत्रक, कृषि विभाग
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20 हजार एकड़ में कपास की बिजाई
कपास की बिजाई करीब 20 हजार एकड़ में हुई है। डीएपी का संकट रबी सीजन के दौरान भी बना रहा था। अब खरीफ सीजन में भी काफी मात्रा में खाद की जरूरत है। यूरिया खाद की तो अगस्त व सितंबर माह तक जरूरत बनी रहेगी। डीएपी की खरीफ सीजन में 14 हजार एमटी की जरूरत रहेगी।
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डीएपी महीना वाइज खपत एक नजर में
आगामी जरूरत महीना के अनुरुप
महीना डीएपी - यूरिया - एसएसपी - एपीके
जुलाई 8000 500 200 200
अगस्त 1500 8000 000 000
सितंबर 500 1000 000 000
16 पैक्स समितियों व सोसाइटी में होता है वितरण
जिलेभर में करीब 16 पैक्स समितियों व शहर में जमींदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। जो किसान फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज करवाता है, उसी के हिसाब से खाद बांटी जाती है। पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुपात में यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। एक एकड़ तक एक बैग, दो एकड़ तक दो बैग व इसी प्रकार पांच एकड़ के लिए पांच बैग खाद दी जा रही है।
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वर्सन:
अकेले बाढड़ा क्षेत्र में कम से कम तीन हजार बैग डीएपी की इस समय जरूरत है। सरकार समय पर खाद उपलब्ध करवाए। किसान अब फसल में खाद की मात्रा धीरे-धीरे कम करते आ रहे हैं। किसान अब जागरूक हो गया है।- हरपाल सिंह भांडवा, जिला अध्यक्ष, भाकियू।
वर्सन:
जल्द ही डीएपी खाद मंगवाई जाएगी। किसान जरूरत के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल करें। जुलाई माह की डीएपी की खेप मंगवाने के लिए मांग भेज रखी है। - प्रीतम कुमारी, खाद नियंत्रक, कृषि विभाग