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15 हजार किसानों के खाते में डाली आठ करोड़ की मुआवजा राशि
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चरखी दादरी। ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों से नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व विभाग को 16.85 करोड़ रुपये के मुआवजा राशि जारी हुई है। विभाग की ओर से अब तक 15 हजार किसानों के खाते में आठ करोड़ रुपये की मुआवजा राशि डाल दी गई है। अब जिन किसानों ने वर्ष 2019-20 रबी सीजन में फसल बीमा नहीं करवाया था, वे अपने क्षेत्र के पटवारी को बैंक खाता नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज देकर ओलावृष्टि का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। दस जुलाई से पहले किसी व्यक्ति ने अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए तो मुआवजा राशि सरकार को वापस भिजवा दी जाएगी।
एसडीएम शंभू राठी ने बताया कि दिसंबर 2019 में बाढड़ा उपमंडल के कुछ गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई थी। उपमंडल के 30 गांवों में उस समय कहीं कम तो कहीं ज्यादा फसल का नुकसान हुआ था। इसकी गिरदावरी रिपोर्ट सरकार को भिजवा दी गई थी। अब राजस्व विभाग के पास 16 करोड़ 85 लाख रुपये की मुआवजा राशि आ चुकी है और इसमें से करीब आठ करोड़ रुपये आरटीजीएस के द्वारा प्रभावित हुए किसानों के बैंक खातों में भेज दिए गए हैं। अभी लगभग 8 करोड़ 85 लाख की राशि किसानों को दी जानी है।
एसडीएम ने बताया कि गांव बाढड़ा, गोपी, भांडवा, जेवली, लाड, उमरवास आदि के वही किसान यह मुआवजा ले सकते हैं, जिन्होंने उस दौरान अपनी फसल का बीमा नहीं करवाया था। मुआवजा राशि केवल पांच एकड़ भूमि तक ही दी जाएगी, इससे अधिक कृषि भूमि की नहीं।
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काश्तकार और मलिक को समान हिस्से में दी जाएगी राशि
शंभू राठी ने बताया कि फसल मुआवजा काश्तकार व जमीन मालिक को बराबर-बराबर दो समान हिस्सों में दिया जाता है। लेकिन यह उन्हीं काश्तकारों को दिया जाएगा, जिनका लिखित में स्टैंप लगाकर समझौता किया हुआ है। रिटन एग्रीमेंट के आधार पर ही काश्तकार व भूस्वामी को मुआवजा बांटकर मिलेगा। उन्होंने बताया कि सभी पटवारियों के पास एक पीड़ित किसानों की एपीआर सूची है, उसी में नाम देखकर व बैंक अकाउंट की कॉपी लेकर राशि प्रभावित किसान के खाते में भेजी जाएगी।
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एसडीएम शंभू राठी ने बताया कि दिसंबर 2019 में बाढड़ा उपमंडल के कुछ गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई थी। उपमंडल के 30 गांवों में उस समय कहीं कम तो कहीं ज्यादा फसल का नुकसान हुआ था। इसकी गिरदावरी रिपोर्ट सरकार को भिजवा दी गई थी। अब राजस्व विभाग के पास 16 करोड़ 85 लाख रुपये की मुआवजा राशि आ चुकी है और इसमें से करीब आठ करोड़ रुपये आरटीजीएस के द्वारा प्रभावित हुए किसानों के बैंक खातों में भेज दिए गए हैं। अभी लगभग 8 करोड़ 85 लाख की राशि किसानों को दी जानी है।
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एसडीएम ने बताया कि गांव बाढड़ा, गोपी, भांडवा, जेवली, लाड, उमरवास आदि के वही किसान यह मुआवजा ले सकते हैं, जिन्होंने उस दौरान अपनी फसल का बीमा नहीं करवाया था। मुआवजा राशि केवल पांच एकड़ भूमि तक ही दी जाएगी, इससे अधिक कृषि भूमि की नहीं।
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काश्तकार और मलिक को समान हिस्से में दी जाएगी राशि
शंभू राठी ने बताया कि फसल मुआवजा काश्तकार व जमीन मालिक को बराबर-बराबर दो समान हिस्सों में दिया जाता है। लेकिन यह उन्हीं काश्तकारों को दिया जाएगा, जिनका लिखित में स्टैंप लगाकर समझौता किया हुआ है। रिटन एग्रीमेंट के आधार पर ही काश्तकार व भूस्वामी को मुआवजा बांटकर मिलेगा। उन्होंने बताया कि सभी पटवारियों के पास एक पीड़ित किसानों की एपीआर सूची है, उसी में नाम देखकर व बैंक अकाउंट की कॉपी लेकर राशि प्रभावित किसान के खाते में भेजी जाएगी।