फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   clerks strike

Charkhi Dadri News: 200 लिपिकों ने की हड़ताल, काम अटकने से लोग रहे बेहाल

Tue, 13 Aug 2024 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 13 Aug 2024 02:34 AM IST
विज्ञापन
clerks strike
लघु सचिवालय के गेट के पास धरना देते लिपिक। संवाद
- हड़ताल में शामिल लिपिकों ने लघु सचिवालय गेट पर दिया धरना, कार्यालयों में पहुंचे एक हजार से अधिक आवेदक लौटे
विज्ञापन


सरकार को करीब चार करोड़ के राजस्व का हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एनएचएम कर्मचारियों के बाद सोमवार से लिपिक एसोसिएशन ने भी अपनी मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन जिले में तैनात सभी 200 लिपिक हड़ताल में शामिल हुए जबकि 150 धरनास्थल पर पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर इनकी हड़ताल का असर विभिन्न विभागों की सेवाओं पर पड़ा और एक हजार से अधिक आवेदनकर्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। हड़ताल की वजह से सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ।
बता दें कि क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर सभी लिपिक लघु सचिवालय के मुख्य गेट के समीप एकत्र हुए और वहां धरना दिया। एसोसिएशन प्रधान प्रदीप सांगवान ने बताया कि जिले में तैनात सभी 200 लिपिकों ने सोमवार को काम का बहिष्कार किया। उन्होंने बताया कि बाढड़ा में 35 और दादरी में 135 लिपिक विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर कहा कि 35,400 वेतनमान उनकी प्रमुख मांग है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार लिपिक को 19,900 रुपये न्यूनतम वेतन दे रही है।
विज्ञापन

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले साल की हड़ताल के दौरान सरकार ने मांग पूरी करने का वादा तो किया लेकिन बाद में वादाखिलाफी कर डाली। इसके चलते अब दोबारा हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन लिपिक हड़ताल पर रहेंगे। धरने को जिला प्रधान प्रदीप सांगवान, जिला सचिव मनीष कुमार, राज्य कार्यकारिणी से सलाहकार संदीप कुमार व कोषाध्यक्ष नरेश कुमार ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन



- सरकार को चार करोड़ का नुकसान
लिपिक एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि सोमवार को हड़ताल के चलते 1000 से अधिक आवेदनों का निपटान नहीं हो पाया। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री, ड्राइविंग लाइसेंस, इंतकाल, फर्द व जमाबंदी समेत तमाम सेवाएं बाधित रहीं। इसके चलते सरकार को करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ।


लोग बोले : हड़ताल रोज की कहानी, हम झेल रहे परेशानी
दादरी तहसील कार्यालय पहुंचे सूरज, सुधीर, सुभाष, विनोद, कमलेश और भतेरी देवी ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल आएदिन की कहानी हो गई है। हड़ताल की वजह से आमजन परेशानी झेलता है। लोगों के जरूरी काम अटक जाते हैं। उन्होंने बताया कि वे विभिन्न कामों से तहसील कार्यालय आए थे। लेकिन, हड़ताल के चलते उन्हें बिना काम करवाए ही लौटना पड़ेगा।

फोटो 30
लघु सचिवालय के गेट के पास धरना देते लिपिक। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed