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Charkhi Dadri News: पीएम किसान सम्मान योजना के तहत पांच हजार किसानों के सूची से कटे नाम
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फोटो-03 चरखी दादरी कृषि विभाग कार्यालय।
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत जांच-पड़ताल में अब तक पांच हजार किसानों के नाम सूची से कट गए हैं। इस योजना के तहत सालाना छह हजार रुपये की राशि किसान को मिलती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। इतना ही नहीं 27 नवंबर तक जिन किसानों की लैंड वेरिफिकेशन व ई-केवाईसी नहीं हुई है उन्हें अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी।
राज्य सरकार ने पंजीकृत किसानों के डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया है। सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल से इस योजना की शुरुआत कर रखी है। जिला में इस समय करीब 62 हजार किसानों को सम्मान भत्ता मिल रहा है जबकि पहले यह आंकड़ा 67 हजार था।
फरवरी 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। उस समय केवल पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को ही इस स्कीम में शामिल किया गया था। तत्पश्चात लोकसभा चुनाव के बाद उन किसानों को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया था जो पांच एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य जमीन के मालिक हैं। इस स्कीम का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जो किसी सरकारी विभाग से पेंशन या सरकारी नौकरी के रूप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह ले रहा है और जो आयकरदाता है। एक ही परिवार से दंपती भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।
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सरकार का मानना है कि बहुत से किसान खुद काश्त नहीं करते। इन किसानों ने दूसरों को काश्त पर खेती करने के लिए जमीन दे रखी है। इसमें खुद काश्तकार व काश्तकार दो श्रेणी शामिल हैं। सरकार मेरी फसल -मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी रबी व खरीफ फसलों का पंजीकरण करवाती है। ऐसे में मंडी में सरकारी खरीद के समय कई बार डाटा मिलान या वेरिफिकेशन में विभाग को दिक्कतें आती हैं। लैंड वेरिफिकेशन होने के बाद यह दिक्कत भी दूर जाएगी। कृषि विभाग व विपणन बोर्ड के लिए भी ऑनलाइन खरीद आदि का कार्य आसान हो जाएगा। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर काफी संख्या में किसान एक ही परिवार से कई पंजीकरण करवाते रहे हैं। बिना फसल बोए भी गत वर्षों के दौरान किसानों ने पंजीकरण करवाया है। किसान ने बिजाई तो बाजरा की लेकिन पोर्टल पर कपास दर्शा दी थी। उस समय विभाग को इनकी जांच करनी पड़ी थी ताकि धरातल पर खेती करने वाले किसान का अनाज खरीदा जा सके और वह इस सुविधा से वंचित न रहे।
वास्तविक आय का आकलन कर रही सरकार
अब सरकार ने इस योजना का लाभ उठा रहे किसानों की लैंड वेरिफिकेशन करवाना शुरू कर दिया है ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में किसान कौन है। इससे किसान की आय का भी आकलन हो सकेगा। बाद में इस डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया जाएगा ताकि आय का ब्योरा स्पष्ट हो सके।
27 नवंबर थी केवाईसी की अंतिम तिथि, अब नई सूची हो रही तैयार
अब तक जांच में जिला में पांच हजार किसानों के नाम पीएम किसान योजना से कट चुके हैं इन किसानों में दंपती, आयकरदाता ज्यादा संख्या में शामिल हैं। किसानों के पास ई-केवाईसी कराने के लिए 27 नवंबर तक का समय था जो बीत चुका है। इस समय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले किसानों को अगली किस्त जारी नहीं होगी। वहीं, विभाग फील्ड वर्क पूरा कर चुका है और अब ऐसे और किसानों की सूची तैयारी की जा रही है।
अधिकारी बोले
विभाग लैंड वेरिफिकेशन के काम में जुटा है। अब तक जांच में पांच हजार किसानों के नाम इस सूची से कट चुके हैं। अभी और भी नाम कटने की संभावना है।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीकी कृषि अधिकारी
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राज्य सरकार ने पंजीकृत किसानों के डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया है। सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल से इस योजना की शुरुआत कर रखी है। जिला में इस समय करीब 62 हजार किसानों को सम्मान भत्ता मिल रहा है जबकि पहले यह आंकड़ा 67 हजार था।
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फरवरी 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। उस समय केवल पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को ही इस स्कीम में शामिल किया गया था। तत्पश्चात लोकसभा चुनाव के बाद उन किसानों को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया था जो पांच एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य जमीन के मालिक हैं। इस स्कीम का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जो किसी सरकारी विभाग से पेंशन या सरकारी नौकरी के रूप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह ले रहा है और जो आयकरदाता है। एक ही परिवार से दंपती भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।
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सरकार का मानना है कि बहुत से किसान खुद काश्त नहीं करते। इन किसानों ने दूसरों को काश्त पर खेती करने के लिए जमीन दे रखी है। इसमें खुद काश्तकार व काश्तकार दो श्रेणी शामिल हैं। सरकार मेरी फसल -मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी रबी व खरीफ फसलों का पंजीकरण करवाती है। ऐसे में मंडी में सरकारी खरीद के समय कई बार डाटा मिलान या वेरिफिकेशन में विभाग को दिक्कतें आती हैं। लैंड वेरिफिकेशन होने के बाद यह दिक्कत भी दूर जाएगी। कृषि विभाग व विपणन बोर्ड के लिए भी ऑनलाइन खरीद आदि का कार्य आसान हो जाएगा। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर काफी संख्या में किसान एक ही परिवार से कई पंजीकरण करवाते रहे हैं। बिना फसल बोए भी गत वर्षों के दौरान किसानों ने पंजीकरण करवाया है। किसान ने बिजाई तो बाजरा की लेकिन पोर्टल पर कपास दर्शा दी थी। उस समय विभाग को इनकी जांच करनी पड़ी थी ताकि धरातल पर खेती करने वाले किसान का अनाज खरीदा जा सके और वह इस सुविधा से वंचित न रहे।
वास्तविक आय का आकलन कर रही सरकार
अब सरकार ने इस योजना का लाभ उठा रहे किसानों की लैंड वेरिफिकेशन करवाना शुरू कर दिया है ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में किसान कौन है। इससे किसान की आय का भी आकलन हो सकेगा। बाद में इस डाटा का फैमिली आईडी से भी मिलान किया जाएगा ताकि आय का ब्योरा स्पष्ट हो सके।
27 नवंबर थी केवाईसी की अंतिम तिथि, अब नई सूची हो रही तैयार
अब तक जांच में जिला में पांच हजार किसानों के नाम पीएम किसान योजना से कट चुके हैं इन किसानों में दंपती, आयकरदाता ज्यादा संख्या में शामिल हैं। किसानों के पास ई-केवाईसी कराने के लिए 27 नवंबर तक का समय था जो बीत चुका है। इस समय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले किसानों को अगली किस्त जारी नहीं होगी। वहीं, विभाग फील्ड वर्क पूरा कर चुका है और अब ऐसे और किसानों की सूची तैयारी की जा रही है।
अधिकारी बोले
विभाग लैंड वेरिफिकेशन के काम में जुटा है। अब तक जांच में पांच हजार किसानों के नाम इस सूची से कट चुके हैं। अभी और भी नाम कटने की संभावना है।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीकी कृषि अधिकारी