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Charkhi Dadri News: हिसार के गोदाम में होगा चरखी दादरी के बाजरा का भंडारण
Fri, 13 Oct 2023 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 13 Oct 2023 11:02 PM IST
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चरखी दादरी। गांव कोहलावास स्थित हैफेड गोदाम में बाजरा रखने की क्षमता नहीं होने के कारण विभाग खरीदे गए बाजरे को 100 किलोमीटर दूर हिसार के गोदाम में पहुंचाना शुरू करेगा। लंबा सफर होने के कारण अनाज उठान प्रक्रिया में और देरी होने की संभावना है। हालांकि खरीद एजेंसी अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। उनका तर्क है कि उठान एजेंसी के वाहन संख्या बढ़ाने पर ऐसा नहीं होगा।
बता दें कि जिला में बाजरा की बंपर पैदावार होने के साथ ही खरीद एजेंसी हैफेड का गांव कोहलावास स्थित गोदाम अनाज से भर गया है। गोदाम में बाजरा रखने की जगह नहीं बची है और खरीद एजेंसी अब खरीदे गए बाजरा को हिसार जिला के गांव बांस व खेड़ी जालिम स्थित हैफेड गोदाम में रखवाएगी।
दूसरी ओर दादरी जिले में बाजरा खरीद के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक अनाज मंडी पहुंचकर 13948 किसान टोकन कटवा चुके हैं। अब तक मंडियों में करीब चार लाख क्विंटल बाजरा की आवक हुई है। हैफेड ने दादरी, बाढड़ा व झोझूकलां मंडी में अब तक 1 लाख 90 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद कर चुकी है। हैफेड अधिकारियों का कहना है कि गांव कोहलावास स्थित हैफेड गोदाम की क्षमता 10 लाख बैग तक ही है, लेकिन गोदाम में पहले से ही सरसों के बैग रखे होने के कारण बाजरा के 1.40 लाख बैग ही रख सकते हैं।
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- अभी मंडियों में पड़ा 2.54 लाख क्विंटल बाजरा
जिले में बाजरे की अधिक पैदावार होने के चलते लगभग 14 हजार किसानों ने टोकन के माध्यम से अनाज मंडी में सरकारी बिक्री के लिए चार लाख क्विंटल बाजरा पहुंचाया है। मंडी में आवक और खरीद बढ़ने के चलते उठान प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है जिसके चलते मंडी परिसर में फिलहाल 2 लाख 54 हजार 420 क्विंटल बाजरा खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
- हिसार के गोदामों की क्षमता 4 लाख क्विंटल तक
जिले गांव कोहलावास स्थित गोदाम में बाजरे के बैग रखने की जगह नहीं होने के कारण हैफेड अधिकारियों ने जिला हिसार के गांव बांस और खेड़ी जालिम को चुना है। हैफेड सहायक प्रबंधक राजेश कुमार ने इन दोनों गोदामों की क्षमता 4 लाख क्विंटल बताई है।
- ये है मंडियों में बाजरा की आवक, उठान व खरीद का आकड़ा
मंडी आवक खरीद उठान
दादरी 252645 223251 104439
बाढड़ा 113058 87061 36623
झोझूकलां 23885 21952 1996
गांव कोहलावास स्थित गोदाम में एजेंसी द्वारा पहले से खरीदी गई सरसों के बैग रखे हुए थे, इसके चलते वहां केवल 1 लाख 40 हजार बैग ही रखे गए हैं। दादरी मंडी से बचे हुए बाजरा को हिसार स्थित गांव बांस और खेड़ी जालिम के गोदाम में रखवाया जाएगा।
-राजेश कुमार, सहायक प्रबंधक, हैफेड
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बता दें कि जिला में बाजरा की बंपर पैदावार होने के साथ ही खरीद एजेंसी हैफेड का गांव कोहलावास स्थित गोदाम अनाज से भर गया है। गोदाम में बाजरा रखने की जगह नहीं बची है और खरीद एजेंसी अब खरीदे गए बाजरा को हिसार जिला के गांव बांस व खेड़ी जालिम स्थित हैफेड गोदाम में रखवाएगी।
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दूसरी ओर दादरी जिले में बाजरा खरीद के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक अनाज मंडी पहुंचकर 13948 किसान टोकन कटवा चुके हैं। अब तक मंडियों में करीब चार लाख क्विंटल बाजरा की आवक हुई है। हैफेड ने दादरी, बाढड़ा व झोझूकलां मंडी में अब तक 1 लाख 90 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद कर चुकी है। हैफेड अधिकारियों का कहना है कि गांव कोहलावास स्थित हैफेड गोदाम की क्षमता 10 लाख बैग तक ही है, लेकिन गोदाम में पहले से ही सरसों के बैग रखे होने के कारण बाजरा के 1.40 लाख बैग ही रख सकते हैं।
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- अभी मंडियों में पड़ा 2.54 लाख क्विंटल बाजरा
जिले में बाजरे की अधिक पैदावार होने के चलते लगभग 14 हजार किसानों ने टोकन के माध्यम से अनाज मंडी में सरकारी बिक्री के लिए चार लाख क्विंटल बाजरा पहुंचाया है। मंडी में आवक और खरीद बढ़ने के चलते उठान प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है जिसके चलते मंडी परिसर में फिलहाल 2 लाख 54 हजार 420 क्विंटल बाजरा खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
- हिसार के गोदामों की क्षमता 4 लाख क्विंटल तक
जिले गांव कोहलावास स्थित गोदाम में बाजरे के बैग रखने की जगह नहीं होने के कारण हैफेड अधिकारियों ने जिला हिसार के गांव बांस और खेड़ी जालिम को चुना है। हैफेड सहायक प्रबंधक राजेश कुमार ने इन दोनों गोदामों की क्षमता 4 लाख क्विंटल बताई है।
- ये है मंडियों में बाजरा की आवक, उठान व खरीद का आकड़ा
मंडी आवक खरीद उठान
दादरी 252645 223251 104439
बाढड़ा 113058 87061 36623
झोझूकलां 23885 21952 1996
गांव कोहलावास स्थित गोदाम में एजेंसी द्वारा पहले से खरीदी गई सरसों के बैग रखे हुए थे, इसके चलते वहां केवल 1 लाख 40 हजार बैग ही रखे गए हैं। दादरी मंडी से बचे हुए बाजरा को हिसार स्थित गांव बांस और खेड़ी जालिम के गोदाम में रखवाया जाएगा।
-राजेश कुमार, सहायक प्रबंधक, हैफेड