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Charkhi Dadri News: बच्चे पड़ रहे बीमार, बाल रोग विशेषज्ञ न होने से परेशान हो रहे तीमारदार

Sun, 23 Feb 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 23 Feb 2025 12:45 AM IST
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Caregivers are getting troubled due to lack of pediatrician
मातृ-शिशु अस्पताल में बनाई गई एसएनसीयू। 
चरखी दादरी। बदलते मौसम के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, जबकि दादरी जिला स्वास्थ्य विभाग के पास बाल रोग विशेषज्ञ तक नहीं है। विशेषज्ञ का पद पिछले 14 माह से खाली है। बीमार बच्चों के माता-पिता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें निजी अस्पताल में बच्चों का उपचार करवाना पड़ रहा है।
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नागरिक अस्पताल में 28 साल बाद मई 2023 में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी। करीब पांच माह तक जिले में बाल रोग विशेषज्ञ ने सेवाएं दीं और इसके बाद उनका तबादला हो गया। फिर सरकार ने जिले में एक महिला बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की, लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। तब से ही पद खाली है।
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वहीं, दूसरी ओर इसी माह जिला स्वास्थ्य विभाग ने मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) की सेवाएं बढ़ाकर जच्चा-बच्चा की तमाम सुविधाओं को एक छत के नीचे कर दिया है। इसके तहत प्रसव कक्ष (लेबर रूम) और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयां (एसएनसीयू) नागरिक अस्पताल से एमसीएच में शिफ्ट किए गए हैं। यहां सुविधा बढ़ाने की योजना है जबकि बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है।
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नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के समय बच्चों की दैनिक ओपीडी करीब 50 रहती थी। अब विशेषज्ञ न होने के कारण गरीब माता-पिता बच्चे के मुफ्त उपचार के लिए पीजीआई रोहतक और भिवानी जाने के लिए मजबूर हैं। एमसीएच में बीमार बच्चों के उपचार के लिए एसएनसीयू बनाई गई है। यहां संसाधन भी हैं। बाल रोग विशेषज्ञ का इंतजार है।
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