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कब्जा कार्रवाई : छावनी बने खातीवास के खेत, एक हजार पुलिसकर्मी 11 घंटे तक डाले रहे डेरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 11:15 PM IST
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Capture action: Cantonment became Khatiwas's farm, one thousand policemen camped for 11 hours
मौके पर पहुंचे एसपी, एसडीएम और अन्य अधिकारी। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। नेशनल हाईवे-152 डी के लिए अधिगृहीत जमीन की कब्जा कार्रवाई सिरे चढ़ने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन पर भी सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अंतिम अड़चन को दूर करने का काफी दबाव था। पिछले दो सालों से चल रहे वार्ता के दौर के बाद भी किसान मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग पर अडिग थे और अंतिम बैठक में प्रशासन की कोर्ट में जाने के सुझाव को भी किसानों ने मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वीरवार को हुई कब्जा कार्रवाई में एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी पहुंचने से खातीवास गांव के खेत छावनी बने नजर आए और यहां 11 घंटे तक पुलिस फोर्स डेरा डाले रही।
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वीरवार को सिरे चढ़ी एनएचएआई को कब्जा दिलाने की कार्रवाई से पहले प्रशासनिक अमला तीन बार खातीवास से बैरंग लौट चुका था। वीरवार को तीन अन्य जिलों की फोर्स बुलाकर यह कार्रवाई की गई। मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा एसडीएम विरेंद्र सिंह, एसपी दीपक गहलावत के अलावा चार डीएसपी, छह इंस्पेक्टर और बीस से अधिक एसआई रैंक के अधिकारी मौजूद रहे। एसपी दीपक गहलावत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि सुबह एक बार कुछ ग्रामीणों ने बदतमीजी की थी जिन्हें तुरंत राउंडअप कर लिया था। उन्होंने बताया कि एनएच-152 डी भारत मामला परियोजना का हिस्सा है जिसमें पौने चार किलोमीटर का स्ट्रेच था और इसके चलते ही कार्रवाई की गई है।
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खातीवास-रावलधी मार्ग को बैरिकेड्स लगाकर किया सील
शुरुआत में हुए विरोध के बाद तो पुलिस फोर्स शाम तक अलर्ट रही और ग्रामीणों को जेसीबी के आस पास भी नहीं आने दिया। एनएचएआई ने कब्जा लेने की कार्रवाई झिंझर और दिल्ली रोड की तरफ से एकसाथ शुरू की। दोनों तरफ से एकसाथ कार्रवाई करने के लिए फोर्स और अमले को दो टीमों में बांटा गया। इतना ही नहीं पुलिस ने खातीवास-रावलधी मार्ग को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया। करीब एक किलोमीटर की दूरी में पुलिसकर्मी ही पुलिसकर्मी नजर आए।
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डीसी से शनिवार को मिलेंगे फौगाट पदाधिकारी
अधिकारियों से फौगाट खाप-19 के पदाधिकारी बातचीत करने पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें डीसी प्रदीप गोदारा से मिलने की बात कही। इसके बाद शाम को खाप के पदाधिकारियों ने करीब 30 मिनट तक डीसी प्रदीप गोदारा से मुलाकात की और उस दौरान डीसी ने किसानों की कमेटी के साथ खाप पदाधिकारियों को वार्ता के लिए शनिवार को दोबारा बुलाया है। इसकी पुष्टि फौगाट खाप-19 प्रधान बलवंत फौगाट ने की।

ये है मामला
ग्रीन कॉरिडोर जिले के 18 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 506 एकड़ जमीन पर एनएचएआई पहले ही कब्जा ले चुकी है जबकि 70 एकड़ जमीन पर कब्जा नहीं लिया गया था। वहीं, दूसरी ओर मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए किसानों ने 420 दिनों तक रामनगर के समीप धरना दिया था। इसके अलावा एक धरना ढाणी फौगाट के समीप भी शुरू किया था। बाद में बढ़ाई गई मुआवजा राशि से बाकी गांवों के किसान संतुष्ट हो गए थे जबकि खातीवास के किसान तय मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं हैं। यहां प्रति एकड़ मार्केट रेट 18 लाख और मुआवजा राशि 45 लाख रुपये तय है, लेकिन किसानों की मांग है कि उन्हें इससे अधिक मुआवजा राशि दी जाए। इसी मांग को लेकर पिछले दो सालों से प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता का दौर जारी था।

  मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों से बात करते किसान ।

मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों से बात करते किसान ।- फोटो : CharkhiDadri

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