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Charkhi Dadri News: नहरें पानी से लबालब, लोगों के कंठ फिर भी सूखे
Sun, 24 Aug 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 24 Aug 2025 01:19 AM IST
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जिले की मुख्य लोहारू कैनाल।
चरखी दादरी। गत दो माह से सभी नहरों में पानी लगातार चलने पर भी नगर में पिछले 15 दिन से पेयजल आपूर्ति चरमराई हुई है। इससे शहरवासियों में जनस्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष बना हुआ है। इस समय कहीं दो तो कहीं तीन से चार दिन में पेयजल की सप्लाई हो रही है और उस दौरान भी पानी का दबाव कम बना रहता है। इस समय सभी नहरें पानी से लबालब हैं।
शहर में 21 वार्ड हैं जिनमें करीब 80 हजार की आबादी है। इस समय पेयजल सप्लाई का कोई निश्चित समय भी नहीं है। लोगों का तर्क है कि गत दो माह से नहरों में भी पानी लगातार चल रहा है। ऐसे में बारिश सीजन में तो पानी की कमी नहीं रहनी चाहिए। दूसरी ओर, शहर में पिछले 15 दिन से पेयजल आपूर्ति पटरी पर नहीं है। लोगों का कहना है कि विभाग पानी का स्टोरेज सही तरीके से नहीं कर रहा है।
उपभोक्ता धर्मबीर सिंह,राजेंद्र सिंह, विजय, सुनील कुमार व रामफल का कहना है कि पानी की सप्लाई कभी दो दिन में होती है तो कभी तीन दिन में की जा रही है। ऐसे में पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इन लोगों का कहना है कि पता नहीं जनस्वास्थ्य विभाग शहरवासियों की पेयजल समस्या का कब तक स्थायी तौर पर समाधान करेगा।
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115 करोड़ की परियोजना पर चल रहा काम
हालांकि विभाग का पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए 115 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत दोनों जलघरों में स्टोरेज टैंकों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। प्रोजेक्ट पर काम करते हुए विभाग को पेयजल आपूर्ति के लिए अलग से वैकल्पिक योजना तैयार करनी चाहिए क्योंकि आमजन के लिए पानी की तो प्रतिदिन की जरूरत है। इसके लिए विकल्प तलाशना चाहिए। प्रोजेक्ट पूरा होने में तो अभी कई माह लगेंगे।
ट्यूबवेल की आपूर्ति हो बंद
शहर निवासी दलीप सिंह, इंद्र सिंह, मोहन कुमार, सूरत सिंह और शमशेर आदि का कहना है कि नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में होने की वजह से अभी भी विभाग बोरिंग ट़्यूबवेल से पेयजल सप्लाई कर रहा है। विभाग ने दोनों जलघरों में करीब 12 ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। इन लोगों ने पेयजल की नियमित रूप से सप्लाई करने और बोरिंग के पानी की आपूर्ति बंद करने की मांग की है।
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शहर में 21 वार्ड हैं जिनमें करीब 80 हजार की आबादी है। इस समय पेयजल सप्लाई का कोई निश्चित समय भी नहीं है। लोगों का तर्क है कि गत दो माह से नहरों में भी पानी लगातार चल रहा है। ऐसे में बारिश सीजन में तो पानी की कमी नहीं रहनी चाहिए। दूसरी ओर, शहर में पिछले 15 दिन से पेयजल आपूर्ति पटरी पर नहीं है। लोगों का कहना है कि विभाग पानी का स्टोरेज सही तरीके से नहीं कर रहा है।
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उपभोक्ता धर्मबीर सिंह,राजेंद्र सिंह, विजय, सुनील कुमार व रामफल का कहना है कि पानी की सप्लाई कभी दो दिन में होती है तो कभी तीन दिन में की जा रही है। ऐसे में पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इन लोगों का कहना है कि पता नहीं जनस्वास्थ्य विभाग शहरवासियों की पेयजल समस्या का कब तक स्थायी तौर पर समाधान करेगा।
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115 करोड़ की परियोजना पर चल रहा काम
हालांकि विभाग का पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए 115 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत दोनों जलघरों में स्टोरेज टैंकों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। प्रोजेक्ट पर काम करते हुए विभाग को पेयजल आपूर्ति के लिए अलग से वैकल्पिक योजना तैयार करनी चाहिए क्योंकि आमजन के लिए पानी की तो प्रतिदिन की जरूरत है। इसके लिए विकल्प तलाशना चाहिए। प्रोजेक्ट पूरा होने में तो अभी कई माह लगेंगे।
ट्यूबवेल की आपूर्ति हो बंद
शहर निवासी दलीप सिंह, इंद्र सिंह, मोहन कुमार, सूरत सिंह और शमशेर आदि का कहना है कि नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में होने की वजह से अभी भी विभाग बोरिंग ट़्यूबवेल से पेयजल सप्लाई कर रहा है। विभाग ने दोनों जलघरों में करीब 12 ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। इन लोगों ने पेयजल की नियमित रूप से सप्लाई करने और बोरिंग के पानी की आपूर्ति बंद करने की मांग की है।