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एक इंसान को दूसरे से जोड़ता है रक्तदान : सीजेएम सौरभ
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चरखी दादरी। विश्व रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन, भारत विकास परिषद, ब्रह्माकुमारी संस्था व वंचित जनजागृति ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कस्बा के आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में 63 युवाओं ने रक्तदान किया। शिविर का शुभारंभ सीजेएम सौरभ कुमार ने किया। उन्होंने रक्तदाताओं को बैज लगाकर मनोबल बढ़ाया और रक्तदान जैसा पुण्य कार्य नियमित अंतराल पर करने की अपील की। शिविर में प्राचार्य परमेंद्र चितौड़िया, सचिव सुरेंद्र सांगवान, राजेश गुप्ता, चंद्रमोहन गोयल, मास्टर लीलाराम, बीके वसुधा व रवि शर्मा ने भी रक्त दाताओं का हौसला बढ़ाया। सीजेएम सौरभ कुमार ने कहा कि व्यक्ति पद से नहीं, बल्कि इंसानियत के गुणों से बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक इंसान को दूसरे इंसान से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि रक्त न सिर्फ एक इंसान को नया जीवन प्रदान करता है, बल्कि हर जाति, संप्रदाय के लोगों को आपस में जोड़ता है।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हाउसिंग बोर्ड के चैयरमेन राजदीप फौगाट ने कहा कि रक्त की एक बूंद भी लैब के अंदर नहीं बनती। इसलिए स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर रक्तदान करना चाहिए, जिससे दुर्घटना व आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके। इस मौके पर उन्होंने अपने देह-दान का संकल्प कर अन्य लोगों को भी शरीर के अंग दान करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीके वसुधा ने कहा कि रक्तदान हमारे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करता है। रक्तदान आत्मीय रिश्तों को मजबूत करता है, इसलिए रक्तदान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारत विकास परिषद के सेवा के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ,चंद्र मोहन गोयल, रविंद्र शर्मा, मानवता एक धर्म संस्था प्रीतम, धर्मवीर जाखड़, डॉ. सुखम सिंह, वंचित जनजागृति ट्रस्ट के प्रधान पवन कुमार, दयानंद, प्रीतम रोहिल्ला, अनिल रोहिल्ला, रमेश छपार, प्रदीप, प्रोज़तेंद्र आर्य, प्रो. प्रदीप जांगड़ा का विशेष सहयोग रहा। अंत में 20 या इससे अधिक बार रक्तदान करने वालों को सम्मानित किया गया।
- दंपति प्रीतम और किरण ने एक साथ किया रक्तदान
शिविर में एक दंपति भी रक्तदान करने पहुंचे। प्रीतम और किरण ने एक साथ रक्तदान किया और शिविर में मौजूद लोगों ने दंपति के इस प्रयास को सराहा। प्रीतम और किरण ने बताया कि वो भविष्य में भी रक्तदान करने का पूरा प्रयास करेंगे।
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- किसी ने 49वीं बार तो किसी ने 38वीं बार किया रक्तदान
1. आज मैनें 49वीं बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से एक अलग ही सुकून प्राप्त होता है। रक्तदान करने से किसी प्रकार की कोई शारीरिक रूप से कमी महसूस नहीं होती। लोगों को बिना हिचक के रक्तदान करना चाहिए।
- मांगेराम, तिवाला।
2. मैंने अपने जीवन में आज 38वीं बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से गर्वित महसूस करता हूं। मैं पिछले काफी सालों से अपनी इच्छा से रक्तदान करता आया हूं और आगे भी मेरा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
- अनिल रोहिल्ला, रक्तदाता।
3. लोगों में रक्तदान करने को लेकर अक्सर भ्रम रहता है कि इससे शारीरिक रूप से कमजोरी आ जाती है। लेकिन यह सिर्फ भ्रम है। मैंने आज 27वीं बार रक्तदान किया है। लोगों को खासकर युवाओं को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।
- हरपाल आर्य, रक्तदाता।
4. हर व्यक्ति को अपने जीवन में रक्तदान करना चाहिए। इससे किसी की जिंदगी को बचाया जा सकता है। आज मैंने 43वीं बार रक्तदान किया है और मैं आगे भी रक्तदान करता रहूंगा। युवाओं को इस कार्य में सहभागिता निभानी चाहिए।
- बिशन सिंह आर्य, रक्तदाता।
बिशन आर्य।
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कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हाउसिंग बोर्ड के चैयरमेन राजदीप फौगाट ने कहा कि रक्त की एक बूंद भी लैब के अंदर नहीं बनती। इसलिए स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर रक्तदान करना चाहिए, जिससे दुर्घटना व आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके। इस मौके पर उन्होंने अपने देह-दान का संकल्प कर अन्य लोगों को भी शरीर के अंग दान करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीके वसुधा ने कहा कि रक्तदान हमारे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करता है। रक्तदान आत्मीय रिश्तों को मजबूत करता है, इसलिए रक्तदान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारत विकास परिषद के सेवा के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ,चंद्र मोहन गोयल, रविंद्र शर्मा, मानवता एक धर्म संस्था प्रीतम, धर्मवीर जाखड़, डॉ. सुखम सिंह, वंचित जनजागृति ट्रस्ट के प्रधान पवन कुमार, दयानंद, प्रीतम रोहिल्ला, अनिल रोहिल्ला, रमेश छपार, प्रदीप, प्रोज़तेंद्र आर्य, प्रो. प्रदीप जांगड़ा का विशेष सहयोग रहा। अंत में 20 या इससे अधिक बार रक्तदान करने वालों को सम्मानित किया गया।
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- दंपति प्रीतम और किरण ने एक साथ किया रक्तदान
शिविर में एक दंपति भी रक्तदान करने पहुंचे। प्रीतम और किरण ने एक साथ रक्तदान किया और शिविर में मौजूद लोगों ने दंपति के इस प्रयास को सराहा। प्रीतम और किरण ने बताया कि वो भविष्य में भी रक्तदान करने का पूरा प्रयास करेंगे।
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- किसी ने 49वीं बार तो किसी ने 38वीं बार किया रक्तदान
1. आज मैनें 49वीं बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से एक अलग ही सुकून प्राप्त होता है। रक्तदान करने से किसी प्रकार की कोई शारीरिक रूप से कमी महसूस नहीं होती। लोगों को बिना हिचक के रक्तदान करना चाहिए।
- मांगेराम, तिवाला।
2. मैंने अपने जीवन में आज 38वीं बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से गर्वित महसूस करता हूं। मैं पिछले काफी सालों से अपनी इच्छा से रक्तदान करता आया हूं और आगे भी मेरा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
- अनिल रोहिल्ला, रक्तदाता।
3. लोगों में रक्तदान करने को लेकर अक्सर भ्रम रहता है कि इससे शारीरिक रूप से कमजोरी आ जाती है। लेकिन यह सिर्फ भ्रम है। मैंने आज 27वीं बार रक्तदान किया है। लोगों को खासकर युवाओं को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।
- हरपाल आर्य, रक्तदाता।
4. हर व्यक्ति को अपने जीवन में रक्तदान करना चाहिए। इससे किसी की जिंदगी को बचाया जा सकता है। आज मैंने 43वीं बार रक्तदान किया है और मैं आगे भी रक्तदान करता रहूंगा। युवाओं को इस कार्य में सहभागिता निभानी चाहिए।
- बिशन सिंह आर्य, रक्तदाता।
बिशन आर्य।