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Charkhi Dadri News: सिविल अस्पताल में जुलाई तक शुरू होगा 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक

Sat, 17 Feb 2024 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 17 Feb 2024 11:31 PM IST
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Blood bank with 500 units storage capacity will start
चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में बनाया गया ब्लड बैंक। 
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में 500 यूनिट भंडारण क्षमता वाले ब्लड बैंक की सुविधा जिलावासियों का जुलाई तक मिलेगी। इसके लिए लैब टेक्नीशियन (एलटी) पंचकूला मुख्यालय में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जून तक यह प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। विभाग ब्लड बैंक शुरू करने के लिए ढांचा पहले ही तैयार करवा चुका है।
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बता दें कि सिविल अस्पताल में 500 यूनिट भंडारण क्षमता के ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने पर 19 लाख लागत आई है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां इंस्टॉल होने वालीं मशीनें भी मंगवा ली हैं। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक सुविधा शुरू होने से मरीजों के तीमारदारों समेत अस्पताल स्टाफ को भिवानी की भाग दौड़ से छुटकारा मिलेगा। 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खुलने से जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
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दादरी जिला रक्त के मामले में अभी पूर्णतया भिवानी पर निर्भर है। सिविल अस्पताल में भिवानी से ही रक्त की पूर्ति की जा रही है। इसके लिए हर दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी लेकर जाती है। इस झंझट को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की थी। पहले यह योजना कोरोना की भेंट चढ़ी रही। लंबे इंतजार के बाद सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने के लिए ढांचा तैयार करवाया गया। अब एलटी का एक साल का प्रशिक्षण पूरा होने का इंतजार है और इसके तुरंत बाद ब्लड बैंक शुरू कर दिया जाएगा।
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पुराने भवन के दो कमरों में बनाया ब्लड बैंक
ब्लड बैंक निर्माण के लिए सिविल अस्पताल में दो कमरों का चयन किया गया। यह चयन पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने किया था। इस समय अस्पताल के पुराने भवन में ब्लड यूनिट ही है, जिसकी क्षमता अधिकतम 30 यूनिट की है। कई दफा ब्लड खत्म होने की स्थिति में मरीज के तीमारदारों को खुद ब्लड बैंक जाकर खून लाना पड़ता है। ब्लड बैंक बनने के बाद मरीजों के लिए जिला वासियों को सिविल अस्पताल में ही रक्त मिल जाएगा।



हर साल आठ से दस हजार यूनिट होता है जिले में रक्तदान

हर साल जिले में डेढ़ सौ से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर युवा ही रक्तदान करते हैं। एक साल में जिला औसतन आठ से हजार यूनिट रक्तदान करता है। सोनीपत, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, नई दिल्ली, रेवाड़ी आदि जिलों की ब्लड बैंक टीमें दादरी में आकर रक्तदान करवाती हैं।







एलटी का प्रशिक्षण जून तक पूरा होगा और इसके बाद ही ब्लड बैंक शुरू हो पाएगा। ब्लड बैंक शुरू करने के लिए सिविल अस्पताल परिसर में अन्य व्यवस्थाएं पहले ही की जा चुकी हैं। - डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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