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Charkhi Dadri News: आंखों में आंसू...जुबां पर देशभक्ति के नारे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:46 AM IST
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Baljeet Singh Chauhan's last journey, Charkhi Dadri news
बलिदानी बलजीत सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उनके घर उमड़े ग्रामीण। स्रोत : वीडियो ग्रैब
बौंद कलां ।
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पंजाब के पठानकोट में कमांडो के प्रशिक्षण के दौरान बलिदान बौंद कलां निवासी भारतीय सेना के जवान बलजीत सिंह चौहान को वीरवार को हजारों नम आंखों के बीच सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

राजकीय महाविद्यालय के सामने अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम सलामी के दौरान बलिदानी के दिव्यांग पिता विक्रम सिंह चौहान व्हील चेयर पर ही बेटे के पार्थिव शरीर के पास बैठे रहे। बलिदानी के बड़े भाई प्रीतम ने चिता को मुखाग्नि दी। बेटे के बलिदान पर गर्व जताते हुए विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि बलजीत परिवार व क्षेत्र का नाम ऊंचा किया है। भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र से सांसद धर्मबीर सिंह, दादरी के विधायक सुनील सांगवान, एसडीएम योगेश सैनी, डीएसपी धीरज कुमार ने बलिदानी को श्रद्धांजलि दी।
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वीरवार सुबह बलिदानी बलजीत सिंह चौहान का पार्थिव शरीर सेना के वाहन में नेशनल हाईवे 152डी होते हुए पर खैरड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचा। वहां से तिरंगा लहराते हुए सैकड़ों बाइकों के जत्थे के साथ उनके पार्थिव शरीर को ऊण रोड स्थित उनके घर लाया गया। इस दौरान युवा ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, बलिदानी बलजीत अमर रहे के नारे लगाए।
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वर्ष 2018 में भारतीय सेना में हुए थे भर्ती

बौंद कलां विक्रम सिंह चौहान के बेटे 27 वर्षीय बलजीत सिंह चौहान वर्ष 2018 में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में वे भारतीय सेना की 13 पैरा कमांडो बटालियन में आगरा में तैनात थे। फिलहाल वे प्रशिक्षण के लिए पंजाब के पठानकोट गए हुए थे। मंगलवार को पानी में अभ्यास के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर वे बलिदान हो गए। बलजीत सिंह चौहान तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और अविवाहित थे। उनके दोनों बड़े भाई गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। उनके पिता विक्रम सिंह चौहान रीढ़ में दिक्कत के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं।




सेना ने हवाई फायर कर दी अंतिम सलामी

बलिदानी बलजीत सिंह चौहान की अंतिम यात्रा में कस्बा बौंद कलां व आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। भारतीय सेना की ओर से हवाई फायर कर उन्हें अंतिम सलामी दी गई।
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