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आयुष्मान योजना ः गंभीर मरीजों को जिले में नहीं मिल रहा उपचार
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सिविल अस्पताल में बनाया गया आयुष्मान काउंटर।
- फोटो : CharkhiDadri
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ने छह निजी अस्पताल पैनल में शामिल किए हैं। लेकिन योजना के तहत कवर सभी बीमारियों के उपचार की सुविधा इनमें उपलब्ध नहीं है। विभागीय सूत्रों की माने तो निजी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट व मशीनों की कमी के चलते एक दर्जन से अधिक गंभीर बीमारियों का उपचार नहीं हो पा रहा है। इस कारण योजना के पात्र मरीजों को उपचार के लिए दूसरे जिलों के पैनल अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो जल्द ही शहर के एक बड़े निजी अस्पताल को पैनल में जोड़ा जाएगा। इसके बाद मरीजों को ज्यादातर बीमारियों से संबंधी उपचार जिला मुख्यालय पर ही मिल जाएगा।
बता दें कि गत 23 सितंबर को आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया गया था। इसके तहत पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। इसके जरिए करीब पांच लाख तक का उपचार पात्रों को निशुल्क मिलेगा और सरकार पैनल में शामिल अस्पतालों को उपचार का खर्च वहन करेगी। पूरे प्रदेश की अगर बात करें तो 275 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत करीब 3750 छोटी और गंभीर बीमारियां शामिल हैं। चरखी दादरी जिले में स्पेशलिस्ट की कमी होने से पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में 20 से 25 सेवाओं का ही लाभ पात्रों को मिल पा रहा है। डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु ने बताया कि सातवें निजी अस्पताल को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इस अस्पताल के पैनल में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद अन्य अस्पतालों को पैनल में शामिल कर आयुष्मान के तहत कवर की जाने वाली सभी बीमारियों के निशुल्क उपचार का लाभ पात्रों को दिलाया जाएगा।
पैनल में शामिल अस्पतालों में ये मिल रहा उपचार
डीआईएम सतीश कुमार ने बताया कि दादरी जिले के छह अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इनमें अभी कुछ बीमारियों का उपचार ही किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वाष्तिक अस्पताल में जरनल मेडिसन (सामान्य बीमारी जैसे उल्टी-दस्त, बुखार) व क्रिटिकल केयर (सामान्य सर्जरी या स्टैचिंग) का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार गीतांजलि और कृष्णा अस्पताल में आंखों का उपचार, यादव अस्पताल में जरनेल मेडिसन व क्रिटिकल केयर, प्रधान अस्पताल में जरनल मेडिसन व सामान्य सर्जरी का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार पैनल में शामिल लाइफ केयर अस्पताल में डेंटल सर्जरी व जरनल मेडिसन की सेवाएं मिल रही हैं।
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डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि स्पेशलिस्ट की कमी से आयुष्मान योजना में कवर सभी बीमारियों का उपचार जिले में पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पैनल में शामिल अस्पतालों की संख्या जल्द बढ़ा दी जाएगी। वहीं, अब तक पैनल में शामिल सभी छह अस्पतालों को सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
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बता दें कि गत 23 सितंबर को आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया गया था। इसके तहत पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। इसके जरिए करीब पांच लाख तक का उपचार पात्रों को निशुल्क मिलेगा और सरकार पैनल में शामिल अस्पतालों को उपचार का खर्च वहन करेगी। पूरे प्रदेश की अगर बात करें तो 275 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत करीब 3750 छोटी और गंभीर बीमारियां शामिल हैं। चरखी दादरी जिले में स्पेशलिस्ट की कमी होने से पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में 20 से 25 सेवाओं का ही लाभ पात्रों को मिल पा रहा है। डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु ने बताया कि सातवें निजी अस्पताल को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इस अस्पताल के पैनल में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद अन्य अस्पतालों को पैनल में शामिल कर आयुष्मान के तहत कवर की जाने वाली सभी बीमारियों के निशुल्क उपचार का लाभ पात्रों को दिलाया जाएगा।
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पैनल में शामिल अस्पतालों में ये मिल रहा उपचार
डीआईएम सतीश कुमार ने बताया कि दादरी जिले के छह अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इनमें अभी कुछ बीमारियों का उपचार ही किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वाष्तिक अस्पताल में जरनल मेडिसन (सामान्य बीमारी जैसे उल्टी-दस्त, बुखार) व क्रिटिकल केयर (सामान्य सर्जरी या स्टैचिंग) का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार गीतांजलि और कृष्णा अस्पताल में आंखों का उपचार, यादव अस्पताल में जरनेल मेडिसन व क्रिटिकल केयर, प्रधान अस्पताल में जरनल मेडिसन व सामान्य सर्जरी का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार पैनल में शामिल लाइफ केयर अस्पताल में डेंटल सर्जरी व जरनल मेडिसन की सेवाएं मिल रही हैं।
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डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि स्पेशलिस्ट की कमी से आयुष्मान योजना में कवर सभी बीमारियों का उपचार जिले में पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पैनल में शामिल अस्पतालों की संख्या जल्द बढ़ा दी जाएगी। वहीं, अब तक पैनल में शामिल सभी छह अस्पतालों को सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश भी दिए जाएंगे।