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प्लास्टिक और डिस्पोजल बर्तनों में खाना खाने से परहेज करें : ज्योति

Tue, 28 Jan 2025 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 28 Jan 2025 11:35 PM IST
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Avoid eating food in disposable utensils
विद्यार्थियों को जानकारी देतीं एसबीएम प्रभारी ज्योति शर्मा व मौजूद विद्यार्थी। 
चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से मंगलवार को शहर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में जीरो वेस्ट मैनेजमेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वच्छ भारत मिशन इंचार्ज ज्योति शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि स्टील और लोहे के बर्तनों में खाना खाना हमारे लिए सबसे उत्तम रहता है। प्लास्टिक व डिस्पोजल बर्तनों में खाना खाने से परहेज करें और स्टील के बर्तनों में खाना खाएं।
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इससे कचरा नहीं होगा और बचा हुआ खाना भी पशुओं के खाने के काम आएगा। साथ ही शहर को कचरा मुक्त करने में भी बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने सभी से जंक फूड न खाने और केवल घर का खाना खाने की अपील की।
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श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट टीम ने भी विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कचरा वैसे तो कई प्रकार का होता है, लेकिन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण सूखा और गीला कचरा अलग रखना है। अगर हम कचरा अलग रखेंगे इसका निस्तारण भी हो सकेगा और टीम को भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
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बिल्डिंग इंस्पेक्टर प्रवीण ने विद्यार्थियों को स्वच्छता संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छता हमारे लिए सबसे मुख्य कड़ी है। इसके लिए हमें हर चीज का ध्यान रखना चाहिए कि इसके प्रयोग के लाभ और हानि क्या होंगे। अगर यह हानिकारक है तो इसका दूसरा विकल्प क्या हो सकता है। साथ ही अपने आसपास या रास्ते में कहीं पर भी कचरा न फेंके और अगर कहीं कचरा पड़ा मिले तो उसे यथा स्थान डालें।


छात्राओं को बाल-विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी

झोझू कलां। महिला महाविद्यालय झोझू कलां में विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। गणित विभाग से प्रोफेसर शर्मिला ने छात्राओं को बाल-विवाह के दुष्परिणामों व इसकी रोकथाम के उपायों से अवगत करवाया। शर्मिला ने बताया कि बाल-विवाह से तात्पर्य उन सभी विवाह या गठबंधनों से है जिनमें लड़का व लड़की 18 वर्ष से कम आयु के हैं और अपनी स्वतंत्र व सूचित सहमति देने में सक्षम नहीं हैं जिसके कारण दीर्घकालिक नकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। प्राचार्या डॉ. मंजू सांगवान ने भी बाल-विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए इसे समाप्त करने के उपाय बताए। इस अवसर पर सुमित्रा व पूनम सांगवान उपस्थित रही।
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