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Charkhi Dadri News: अरावली बचाओ टीम ने किया रामलवास खनन क्षेत्र का दौरा
Thu, 24 Oct 2024 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 24 Oct 2024 10:41 PM IST
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रामलवास में खनन क्षेत्र का निरीक्षण करती टीम। संवाद
गुरुग्राम व दिल्ली से पहुंचे राष्ट्रीय संगठनों के पदाधिकारी, ग्रामीणों ने टीम को दी खनन कार्याें से हुए नुकसान की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
झोझूकलां। गांव रामलवास खनन क्षेत्र में वीरवार को अरावली बचाओ व प्रकृति बचाओ-पहाड़ बचाओ संगठन टीम दौरा करने पहुंची। उन्होंने खनन व जल दोहन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार की।
वीरवार करीब डेढ़ बजे अरावली बचाओ संगठन टीम नीलम अहलूवालिया की अगुवाई में गुरुग्राम से और प्रकृति बचाओ, पहाड़ बचाओ संगठन टीम साेमिया दत्ता की अगुवाई में दिल्ली से गांव में पहुंची। टीम के सदस्यों ने रामलवास के खनन क्षेत्र में जलदोहन देखकर चिंता जताई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान काफी ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि खनन के चलते कुछ लोगों के घरों में दरारें आई हैं। कुछ गिरने के कगार पर हैं। ट्यूबवेल का पानी सूख रहा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही खनन की धूल उठने से फसल भी नष्ट हो रही है। उनकी पैदावार भी कम है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के अलावा खनन से गांवों के लोग भी गंभीर बीमारियों के शिकार हुए हैं। टीम ने लोगों से बातचीत करके नुकसान का आकलन किया। बाद में उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हुए नुकसान का पूरा आकलन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल किया जाएगा।
फोटो- 27
रामलवास में खनन क्षेत्र का निरीक्षण करती टीम। संवाद
फोटो- 28
रामलवास खनन क्षेत्र में भरा जमीन से निकला पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
झोझूकलां। गांव रामलवास खनन क्षेत्र में वीरवार को अरावली बचाओ व प्रकृति बचाओ-पहाड़ बचाओ संगठन टीम दौरा करने पहुंची। उन्होंने खनन व जल दोहन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार की।
वीरवार करीब डेढ़ बजे अरावली बचाओ संगठन टीम नीलम अहलूवालिया की अगुवाई में गुरुग्राम से और प्रकृति बचाओ, पहाड़ बचाओ संगठन टीम साेमिया दत्ता की अगुवाई में दिल्ली से गांव में पहुंची। टीम के सदस्यों ने रामलवास के खनन क्षेत्र में जलदोहन देखकर चिंता जताई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान काफी ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने बताया कि खनन के चलते कुछ लोगों के घरों में दरारें आई हैं। कुछ गिरने के कगार पर हैं। ट्यूबवेल का पानी सूख रहा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही खनन की धूल उठने से फसल भी नष्ट हो रही है। उनकी पैदावार भी कम है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के अलावा खनन से गांवों के लोग भी गंभीर बीमारियों के शिकार हुए हैं। टीम ने लोगों से बातचीत करके नुकसान का आकलन किया। बाद में उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हुए नुकसान का पूरा आकलन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल किया जाएगा।
फोटो- 27
रामलवास में खनन क्षेत्र का निरीक्षण करती टीम। संवाद
फोटो- 28
रामलवास खनन क्षेत्र में भरा जमीन से निकला पानी। संवाद